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सीहोर: प्रधानमंत्री फसल बीमा में हो रही लूट, अभा किसान सभा ने कलेक्टर के नाम दिया ज्ञापन
Sat, 19 Feb 2022 04:52 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Sat, 19 Feb 2022 04:52 PM IST
सार
प्रधानमंत्री फसल बीमा में हो रही लूट को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह जिला सीहोर की तहसील श्यामपुर में अखिल भारतीय किसान सभा के नेतृत्व में किसानों ने सरकार विरोधी नारे लगाए। प्रदर्शन कर तहसीलदार शैलेष दिवेदी को कलेक्टर के नाम ज्ञापन दिया।
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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
- फोटो : istock
विस्तार
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह जिला सीहोर की तहसील श्यामपुर में अखिल भारतीय किसान सभा के नेतृत्व में किसानों ने सरकार विरोधी नारे लगाए। प्रधानमंत्री फसल बीमा में हो रही लूट को लेकर प्रदर्शन कर तहसीलदार शैलेष दिवेदी को कलेक्टर के नाम ज्ञापन दिया।
अखिल भारतीय किसान सभा के प्रांतीय महासचिव प्रहलाद दास बैरागी, जिलाध्यक्ष भानु प्रकाश मैबाडा के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा कि 2022 में किसानो की खरीब की फसल संपूर्ण नष्ट हुई थी। किसानों ने कर्ज लेकर फसल का बीमा की किस्त जमा की थी, लेकिन 12 फरवरी को मुख्यमंत्री ने क्लिक कर 7618 करोड़ की घोषणा की। साथ ही कहा कि ये रकम किसानों के खातों में डाली जाएगी। किसान सभा ने आरोप लगाया कि मुश्किल से 20 प्रतिशत किसानों के खातों में रकम आई। बाकी किसान बैंक और सोसाइटी के चक्कर काट रहे हैं उनको कोई यह बताने को तैयार नहीं की खातों में रुपये कब तक आएंगे।
भाजपा और शिवराज सिंह चौहान कहते थे कि 2022 में किसानों की आमदानी दुगुनी करेंगे। उसका उल्टा ही किया। एक तरफ सीहोर जिले को 100 प्रतिशत नुकसान का बताकर प्रदेश के सर्वाधिक नुकसान वाले जिलों की लिस्ट में शामिल किया। 38000 रुपये हैक्टेयर के मान से मुआवजा देने की बात कही। लेकिन गिने-चुने किसानों के खातो मे रुपये आए। बैरागी ने कहा इस संकट की घडी में मांग करते हैं कि किसानों के बीमा रकम का भुगतान तत्काल कराया जाए और जिन किसानों के खातों में रकम नहीं पहुंची उनके खातों में रुपये जमा किए जाएं।
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अखिल भारतीय किसान सभा के प्रांतीय महासचिव प्रहलाद दास बैरागी, जिलाध्यक्ष भानु प्रकाश मैबाडा के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा कि 2022 में किसानो की खरीब की फसल संपूर्ण नष्ट हुई थी। किसानों ने कर्ज लेकर फसल का बीमा की किस्त जमा की थी, लेकिन 12 फरवरी को मुख्यमंत्री ने क्लिक कर 7618 करोड़ की घोषणा की। साथ ही कहा कि ये रकम किसानों के खातों में डाली जाएगी। किसान सभा ने आरोप लगाया कि मुश्किल से 20 प्रतिशत किसानों के खातों में रकम आई। बाकी किसान बैंक और सोसाइटी के चक्कर काट रहे हैं उनको कोई यह बताने को तैयार नहीं की खातों में रुपये कब तक आएंगे।
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भाजपा और शिवराज सिंह चौहान कहते थे कि 2022 में किसानों की आमदानी दुगुनी करेंगे। उसका उल्टा ही किया। एक तरफ सीहोर जिले को 100 प्रतिशत नुकसान का बताकर प्रदेश के सर्वाधिक नुकसान वाले जिलों की लिस्ट में शामिल किया। 38000 रुपये हैक्टेयर के मान से मुआवजा देने की बात कही। लेकिन गिने-चुने किसानों के खातो मे रुपये आए। बैरागी ने कहा इस संकट की घडी में मांग करते हैं कि किसानों के बीमा रकम का भुगतान तत्काल कराया जाए और जिन किसानों के खातों में रकम नहीं पहुंची उनके खातों में रुपये जमा किए जाएं।
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