{"_id":"5ac4b8ec4f1c1bb9618b57b9","slug":"sc-st-act-236-arrests-in-madhya-pradesh-curfew-still-enforced-but-violence-continues","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"दलित आंदोलन: मध्य प्रदेश में 236 गिरफ्तार, लेकिन हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दलित आंदोलन: मध्य प्रदेश में 236 गिरफ्तार, लेकिन हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Updated Wed, 04 Apr 2018 05:07 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एससी-एसटी एक्ट में सुप्रीम कोर्ट द्वारा संशोधन के विरोध में 2 अप्रैल (सोमवार) को भारत बंद के दौरान मध्य प्रदेश के तीन जिलों में हुई जारी हिंसा की घटनाएं नहीं रूक रही हैं। स्थिति के बदतर होने के अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मंगलवार को कर्फ्यू के बावजूद ग्वालियर, मुरैना और भिंड में तनाव बना रहा। बुधवार को भी हिंसा जारी है। जिसके बाद प्रशासन ने ग्वालियर, मुरैना और भिंड में बुधवार को भी कर्फ्यू जारी रहने के निर्देश दिए।
मध्य प्रदेश के आईजी (लॉ एंड ऑर्डर) मकरंद देउसकर ने बताया कि, "हमने ग्वालियर से 75 लोगों को, भिंड से 50 और मुरैना से 111 लोगों को गिरफ्तार किया है। हम लोगों अभी राजा चौहान को गिरफ्तार नहीं कर पाए हैं। अब तक 236 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।"
भिंड में दो अलग- अलग घटनाओं में कर्फ्यू के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने नगरपालिका कार्यालय के बाहर एक दुकान फूंक दी और बीच सड़क पर एक टायर को आग लगा दी। मुरैना में तो मंगलवार को कर्फ्यू के बावजूद लोग सड़कों पर निकले और फायरिंग हुई। सुरक्षा बलों ने रात भर फ्लैग मार्च किया।
विज्ञापन
आठ मौत इन्हीं तीन जिलों में ही हुई हैं। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कई स्थानों में रोडवेज बसों, स्कूली वाहनों और बाइक को आग के हवाले कर दिया था।
विज्ञापन
मध्य प्रदेश के आईजी (लॉ एंड ऑर्डर) मकरंद देउसकर ने बताया कि, "हमने ग्वालियर से 75 लोगों को, भिंड से 50 और मुरैना से 111 लोगों को गिरफ्तार किया है। हम लोगों अभी राजा चौहान को गिरफ्तार नहीं कर पाए हैं। अब तक 236 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।"
विज्ञापन
भिंड में दो अलग- अलग घटनाओं में कर्फ्यू के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने नगरपालिका कार्यालय के बाहर एक दुकान फूंक दी और बीच सड़क पर एक टायर को आग लगा दी। मुरैना में तो मंगलवार को कर्फ्यू के बावजूद लोग सड़कों पर निकले और फायरिंग हुई। सुरक्षा बलों ने रात भर फ्लैग मार्च किया।
विज्ञापन
आठ मौत इन्हीं तीन जिलों में ही हुई हैं। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कई स्थानों में रोडवेज बसों, स्कूली वाहनों और बाइक को आग के हवाले कर दिया था।
अफवाहों पर लगाम लगाने के लिए मंगलवार को सोशल मीडिया पर पाबंदी लगाई गई थी। हालांकि ग्वालियर में इंटरनेट सेवाओं को बुधवार को बहाल कर दिया गया है। लेकिन मुरैना और भिंड में सुरक्षा के मद्देनजर इंटरनेट सेवाएं बंद रखी गई हैं।
राजधानी भोपाल में भी कलेक्टर ने धारा 144 लागू करते हुए सोशल मीडिया पर कई पाबंदी लगाई गई है। मसलन आपत्तिजनक पोस्ट डालने, उसे पसंद या फॉरवर्ड करने पर 2 जून तक रोक रहेगी।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा एससी-एसटी एक्ट में बदलाव के विरोध में देशभर में 2 अप्रैल को दलितों के भारत बंद के चलते कई राज्यों में लोग सड़कों पर उतर आए। इस दौरान विरोध प्रदर्शन ने हिंसा का रूप ले लिया, जिसमें अब तक 14 लोगों की मौत हुई है।
राजधानी भोपाल में भी कलेक्टर ने धारा 144 लागू करते हुए सोशल मीडिया पर कई पाबंदी लगाई गई है। मसलन आपत्तिजनक पोस्ट डालने, उसे पसंद या फॉरवर्ड करने पर 2 जून तक रोक रहेगी।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा एससी-एसटी एक्ट में बदलाव के विरोध में देशभर में 2 अप्रैल को दलितों के भारत बंद के चलते कई राज्यों में लोग सड़कों पर उतर आए। इस दौरान विरोध प्रदर्शन ने हिंसा का रूप ले लिया, जिसमें अब तक 14 लोगों की मौत हुई है।
