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Sagar News: हरदुली हत्याकांड, बकरी चोरी के शक में की गई थी हत्या, शव के टुकड़े तालाब में फेंके, चार गिरफ्तार
Sun, 08 Sep 2024 10:46 PM IST
सागर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर
Published by: सागर ब्यूरो
Updated Sun, 08 Sep 2024 10:46 PM IST
सार
सागर जिले के महाराजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम हरदुली के जंगल में एक तालाब से क्षत-विक्षत शव मिलने के मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। बकरी चुराने के शक में आरोपियों ने अर्जुन कुचबंदिया की हत्या कर दी थी और पहचान छिपाने के लिए शव के टुकड़े कर तालाब में फेंक दिए थे।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सागर जिले के महाराजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम हरदुली के जंगल में बने तालाब में क्षत विक्षत हालत में मिले शव के मामले में पुलिस ने खुलासा कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने निर्मम हत्या बकरी चुराने के शक में कर दी थी। हत्या के बाद मृतक की पहचान छिपाने के लिए उसके अलग-अलग टुकड़े कर तालाब में फेंक दिए थे।
पुलिस को दो सितंबर को महाराजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम हरदुली में जंगल किनारे तालाब में एक अज्ञात शव सड़ी गली हालत में मिला था। शव का सिर्फ धड़ था। हाथ-पैर और सिर काट दिए गए थे।पोस्टमार्टम के दौरान ही ग्राम समनापुर आफतंगज के कुचबंदिया समाज के लोग भी एकत्रित हुए थे। उनकी उपस्थिति में शव का पोस्टमार्टम कराया गया था। जिन्होंने अज्ञात शव को अर्जुन कुचबंदिया के होने की संभावना जताई थी। अर्जुन कुचबंदिया 23 अगस्त से लापता था। थाना महाराजपुर में गुमशुदगी भी दर्ज थी।
शव का कराया DNA
थाना महाराजपुर पुलिस ने अज्ञात का मर्ग कायम कर जांच शुरू की थी। शव की पहचान के लिए डीएनए सैंपलिंग कराकर एफएसएल सागर भेजकर परीक्षण कराया गया। शव पंचनामा के दौरान शव अर्जुन कुचबंदिया का होने का संदेह जताने पर महाराजपुर पुलिस ने जांच में मृतक अर्जुन कुचबंदिया के परिजनों से पूछताछ कर लगातार साक्ष्य संकलन किए थे।
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बकरी चुराने के शक में किया हमला
पुलिस जांच में घटना के संबंध में तथ्य आए कि मृतक अर्जुन कुचबंदिया अक्सर जंगलों में घूमता था। 23 अगस्त को अर्जुन कुचबंदिया अपने जीजा अकल कुचबंदिया के साथ हरदुली से जंगल की तरफ जा रहा था। तभी उस पर कोमल गौड़ की नजर पड़ी तो कोमल गौड़ ने सोचा कि यह लोग बकरी चुराने आए हैं। बकरी चुराने की शंका होने पर कोमल गौड़ तथा उसके साथियों ने अर्जुन को पीटना शुरू कर दिया। इसी दौरान जब यह लोग अकल कुचबंदिया को मारने दौडे़ तो अकल कुचबंदिया वहां से भाग निकला।
शव के टुकड़े कर फेंका तालाबों में
आरोपियों ने अर्जुन जब को लाठियों से पीटा तो वह बेहोश होकर गिर गया। थोड़ी देर बाद अर्जुन कुचबंदिया की मौत हो गई। पकडे़ जाने के भय से कोमल गौड़ द्वारा अपने साथियों के साथ मिलकर दो दिन बाद रात्रि मे अर्जुन की लाश को उठाकर जंगल में बने तलाब में ले गये। अर्जुन की पहचान छुपाने के लिये आरोपियों ने शव की गर्दन, हाथ की हथेलियां एवं पैरों के पंजे काट दिये एवं शव को पत्थर बांधकर जंगल के तालाब मे फेंक दिया था। कटे हुए सिर एवं हाथ और पैर को बोरी में भरकर जंगल में ही दूसरे तालाब मे फेंक दिया था। बाद में अर्जुन का शव फूलकर ऊपर आ गया। शव के मिलने पर पुलिस ने जांच की। प्रकरण का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों को न्यायालय में पेशकर जेल भेजा गया है।
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पुलिस को दो सितंबर को महाराजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम हरदुली में जंगल किनारे तालाब में एक अज्ञात शव सड़ी गली हालत में मिला था। शव का सिर्फ धड़ था। हाथ-पैर और सिर काट दिए गए थे।पोस्टमार्टम के दौरान ही ग्राम समनापुर आफतंगज के कुचबंदिया समाज के लोग भी एकत्रित हुए थे। उनकी उपस्थिति में शव का पोस्टमार्टम कराया गया था। जिन्होंने अज्ञात शव को अर्जुन कुचबंदिया के होने की संभावना जताई थी। अर्जुन कुचबंदिया 23 अगस्त से लापता था। थाना महाराजपुर में गुमशुदगी भी दर्ज थी।
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शव का कराया DNA
थाना महाराजपुर पुलिस ने अज्ञात का मर्ग कायम कर जांच शुरू की थी। शव की पहचान के लिए डीएनए सैंपलिंग कराकर एफएसएल सागर भेजकर परीक्षण कराया गया। शव पंचनामा के दौरान शव अर्जुन कुचबंदिया का होने का संदेह जताने पर महाराजपुर पुलिस ने जांच में मृतक अर्जुन कुचबंदिया के परिजनों से पूछताछ कर लगातार साक्ष्य संकलन किए थे।
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बकरी चुराने के शक में किया हमला
पुलिस जांच में घटना के संबंध में तथ्य आए कि मृतक अर्जुन कुचबंदिया अक्सर जंगलों में घूमता था। 23 अगस्त को अर्जुन कुचबंदिया अपने जीजा अकल कुचबंदिया के साथ हरदुली से जंगल की तरफ जा रहा था। तभी उस पर कोमल गौड़ की नजर पड़ी तो कोमल गौड़ ने सोचा कि यह लोग बकरी चुराने आए हैं। बकरी चुराने की शंका होने पर कोमल गौड़ तथा उसके साथियों ने अर्जुन को पीटना शुरू कर दिया। इसी दौरान जब यह लोग अकल कुचबंदिया को मारने दौडे़ तो अकल कुचबंदिया वहां से भाग निकला।
शव के टुकड़े कर फेंका तालाबों में
आरोपियों ने अर्जुन जब को लाठियों से पीटा तो वह बेहोश होकर गिर गया। थोड़ी देर बाद अर्जुन कुचबंदिया की मौत हो गई। पकडे़ जाने के भय से कोमल गौड़ द्वारा अपने साथियों के साथ मिलकर दो दिन बाद रात्रि मे अर्जुन की लाश को उठाकर जंगल में बने तलाब में ले गये। अर्जुन की पहचान छुपाने के लिये आरोपियों ने शव की गर्दन, हाथ की हथेलियां एवं पैरों के पंजे काट दिये एवं शव को पत्थर बांधकर जंगल के तालाब मे फेंक दिया था। कटे हुए सिर एवं हाथ और पैर को बोरी में भरकर जंगल में ही दूसरे तालाब मे फेंक दिया था। बाद में अर्जुन का शव फूलकर ऊपर आ गया। शव के मिलने पर पुलिस ने जांच की। प्रकरण का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों को न्यायालय में पेशकर जेल भेजा गया है।
