{"_id":"694a2ba602dcfa0f8f0a8b38","slug":"divine-spectacle-in-deori-world-s-biggest-shivling-rolls-in-on-110-wheel-chariot-crowds-surge-2025-12-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"हर-हर महादेव: विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग देखने उमड़ा जनसैलाब, 110 पहियों के रथ पर देवरी में हुआ भव्य आगमन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हर-हर महादेव: विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग देखने उमड़ा जनसैलाब, 110 पहियों के रथ पर देवरी में हुआ भव्य आगमन
Tue, 23 Dec 2025 11:16 AM IST
सागर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर
Published by: सागर ब्यूरो
Updated Tue, 23 Dec 2025 11:16 AM IST
सार
तमिलनाडु के महाबलीपुरम से बिहार के चंपारण ले जाए जा रहे विश्व के सबसे विशाल शिवलिंग के देवरी पहुंचने पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। पत्थर से बना यह शिवलिंग इतना विशाल है कि इसे 110 पहियों के विशेष ट्राले पर ले जाया जा रहा है।
विज्ञापन
देवरी में भव्य शिवलिंग का आगमन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
धर्म और आस्था का अद्भुत दृश्य उस समय देखने को मिला जब विश्व का सबसे विशालकाय शिवलिंग सागर जिले के देवरी क्षेत्र से गुजरा। तमिलनाडु के महाबलीपुरम से बिहार के चंपारण तक की जा रही इस ऐतिहासिक यात्रा को देखने के लिए नेशनल हाईवे-44 पर श्रद्धालुओं का तांता लग गया। पत्थर से निर्मित यह शिवलिंग इतना भव्य है कि इसे ले जाने के लिए 110 पहियों वाले विशेष ट्राले का उपयोग किया जा रहा है।
33 फीट ऊंचा और 180 टन वजनी है शिवलिंग
इस शिवलिंग की विशालता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसकी ऊंचाई 33 फीट और गोलाई भी 33 फीट है। चालक दल के सदस्य आलोक सिंह ने बताया कि एकल पाषाण से निर्मित इस शिवलिंग का वजन लगभग 180 टन है। यह विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग बताया जा रहा है, जिसे कश्मीर से कन्याकुमारी को जोड़ने वाले देश के सबसे लंबे नेशनल हाईवे के जरिए ले जाया जा रहा है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: Ujjain News: बाबा महाकाल के मस्तक पर नजर आया चतुर्थी का चन्द्रमा, भस्म आरती के दौरान दिए कुछ ऐसे दर्शन
महाबलीपुरम से बिहार तक का सफर
यह शिवलिंग 22 नवंबर को तमिलनाडु के महाबलीपुरम से रवाना हुआ था। पूरे एक माह का सफर तय करने के बाद यह देवरी पहुंचा है। अगले 20 दिनों में इसके बिहार राज्य के पूर्वी चंपारण जिले में पहुंचने की संभावना है। ट्राला के साथ चल रहे दल के अनुसार भारी वजन और विशाल आकार के कारण यात्रा की गति सीमित रखी गई है ताकि इसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
रामायण मंदिर में होगी स्थापना
यह शिवलिंग बिहार के चंपारण में बन रहे विश्व प्रसिद्ध 'विराट रामायण मंदिर' की शोभा बढ़ाएगा। महावीर मंदिर पटना की इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत 120 एकड़ में इस मंदिर का निर्माण हो रहा है, जिसका शिखर 270 फीट ऊंचा होगा।
फूल-मालाओं से हुआ स्वागत
जैसे ही शिवलिंग देवरी की सीमा में पहुंचा, लोगों ने जयकारों के साथ आसमान गूंजा दिया। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने ट्रॉले को रुकवाकर पूजा-अर्चना की, फूल चढ़ाए और नारियल फोड़कर आशीर्वाद लिया। हाईवे के किनारे स्थित गांवों के लोग भी इस अलौकिक दृश्य को अपने कैमरों में कैद करने के लिए उत्सुक नजर आए।
विज्ञापन
33 फीट ऊंचा और 180 टन वजनी है शिवलिंग
इस शिवलिंग की विशालता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसकी ऊंचाई 33 फीट और गोलाई भी 33 फीट है। चालक दल के सदस्य आलोक सिंह ने बताया कि एकल पाषाण से निर्मित इस शिवलिंग का वजन लगभग 180 टन है। यह विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग बताया जा रहा है, जिसे कश्मीर से कन्याकुमारी को जोड़ने वाले देश के सबसे लंबे नेशनल हाईवे के जरिए ले जाया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: Ujjain News: बाबा महाकाल के मस्तक पर नजर आया चतुर्थी का चन्द्रमा, भस्म आरती के दौरान दिए कुछ ऐसे दर्शन
महाबलीपुरम से बिहार तक का सफर
यह शिवलिंग 22 नवंबर को तमिलनाडु के महाबलीपुरम से रवाना हुआ था। पूरे एक माह का सफर तय करने के बाद यह देवरी पहुंचा है। अगले 20 दिनों में इसके बिहार राज्य के पूर्वी चंपारण जिले में पहुंचने की संभावना है। ट्राला के साथ चल रहे दल के अनुसार भारी वजन और विशाल आकार के कारण यात्रा की गति सीमित रखी गई है ताकि इसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
रामायण मंदिर में होगी स्थापना
यह शिवलिंग बिहार के चंपारण में बन रहे विश्व प्रसिद्ध 'विराट रामायण मंदिर' की शोभा बढ़ाएगा। महावीर मंदिर पटना की इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत 120 एकड़ में इस मंदिर का निर्माण हो रहा है, जिसका शिखर 270 फीट ऊंचा होगा।
फूल-मालाओं से हुआ स्वागत
जैसे ही शिवलिंग देवरी की सीमा में पहुंचा, लोगों ने जयकारों के साथ आसमान गूंजा दिया। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने ट्रॉले को रुकवाकर पूजा-अर्चना की, फूल चढ़ाए और नारियल फोड़कर आशीर्वाद लिया। हाईवे के किनारे स्थित गांवों के लोग भी इस अलौकिक दृश्य को अपने कैमरों में कैद करने के लिए उत्सुक नजर आए।
