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Rewa News: प्यार, पीड़ा और विद्रोह का खौफनाक अंजाम; देवर ने भरी भाभी की मांग, फिर झरने में छलांग लगाकर दी जान
Thu, 24 Jul 2025 05:37 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रीवा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रीवा
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Thu, 24 Jul 2025 05:37 PM IST
सार
Rewa News: रीवा में एक युवक ने अपनी भाभी की पहले मांग भरी और उसे पत्नी का दर्जा दिया। उसके बाद दोनों ने झरने में छलांग लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। खुदकुशी से पहले दोनों सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर आपबीती सुनाई है। पढ़ें पूरी खबर...।
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घटना को लेकर गांव में फैली सनसनी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
रीवा जिले के बहुती प्रपात से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने सामाजिक और पारिवारिक मर्यादाओं को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक युवक ने पहले अपनी भाभी की मांग में सिंदूर भरकर उसे पत्नी का दर्जा दिया। फिर दोनों ने साथ मिलकर 600 फीट ऊंचे प्रपात से छलांग लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। इस आत्मघाती कदम से पहले दोनों ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें अपने परिजनों द्वारा मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने की बात कही गई। उसमें दोनों ने कुछ विशेष नामों का उल्लेख करते हुए उन्हें अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया।
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जानकारी के मुताबिक, घटना में जान गंवाने वाला युवक दिनेश साहू (26) ग्राम तेलिया बूढ़, पंचायत देवरा खटखरी का निवासी था। जबकि महिला शकुंतला साहू (35) उसकी भाभी थी, जो तीन नाबालिग बेटियों की मां थी। घटना के वीडियो में दिनेश ने आरोप लगाया कि हीरालाल साहू, राजेंद्र साहू, संतोष साहू, राजकुमार साहू और कुछ अन्य परिजनों ने लगातार मानसिक प्रताड़ना दी, जिससे यह कदम उठाना पड़ा। उसने अपने गांव का नाम स्पष्ट करते हुए सरकार से इन सभी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
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बहुती प्रपात की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल
यह घटना बहुती प्रपात की बदहाल सुरक्षा व्यवस्था को भी कटघरे में खड़ा करती है। यह पर्यटन स्थल पहले भी आत्महत्याओं और हादसों के लिए कुख्यात रहा है, लेकिन आज तक यहां कोई पुख्ता सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए। न तो कोई चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं, न ही स्थायी पुलिस निगरानी की व्यवस्था की गई है। जबकि प्रशासन और पर्यटन विभाग को इस दिशा में पहले ही कई बार निर्देश दिए जा चुके हैं।
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शवों की तलाश बनी चुनौती
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हुआ और एनडीआरएफ की टीम को मौके पर बुलाया गया है। हालांकि बहुती प्रपात की 600 फीट ऊंचाई और तीव्र जलप्रवाह के कारण शवों की तलाश एक बड़ी चुनौती बन गई है। खोज अभियान जारी है और स्थानीय प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।
