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Ratlam News: मरीज को बेहोश बताकर महंगे दवाओं की डिमांड, खुद श्वास नली लगाकर रोड पर आया पेशेंट; बताई सच्चाई
Wed, 05 Mar 2025 10:57 PM IST
शबाहत हुसैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रतलाम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रतलाम
Published by: शबाहत हुसैन
Updated Wed, 05 Mar 2025 10:57 PM IST
सार
Ratlam: निजी अस्पताल से इंसानियत को शर्मसार करने वाली तस्वीर सामने आई है। यहां कैथेड्रल और श्वास नली लगाए मरीज अस्पताल के बाहर सड़क पर आ पहुंचा। इसके बाद मरीज और उसके परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए।
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मरीज
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
रतलाम के मोती नगर क्षेत्र में छेड़छाड़ को लेकर हुए विवाद में घायल युवक को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया गया था। यहां पर उसे होश नहीं आने पर डॉक्टरों ने रेफर कर दिया था। इस पर युवक के परिजन रतलाम में ही जीडी अस्पताल ले गए, जहां लगभग 3.30 घंटे इलाज के बाद युवक को होश आ गया। उसका आरोप है कि अस्पताल के स्टाफ ने पलंग पर हाथ-पांव बांधकर रख दिया था। परिवार के लोगों से नहीं मिलने दिया। चीटिंग करते हुए 50 हजार रुपए ले लिए और रुपए की मांग कर रहे थे।
सोमवार की दोपहर लगभग 1 बजे अर्धनग्न स्थिति में बंटी पिता अंबाराम निनामा निजी अस्पताल के बाहर शोर मचाते हुए निकला। इस दौरान वहां से गुजरने वालों लोगों की भीड़ हो गई थी और कुछ ने वीडियो भी बनाया। घटना की जानकारी मिलने पर औद्योगिक क्षेत्र पुलिस भी मौके पर पहुंच गई थी। उसे समझाकर वहां से रवाना किया और परिवार के लोग उसे मेडिकल कॉलेज इलाज के लिए ले गए।
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मेडिकल कॉलेज में भर्ती बंटी निनामा ने बताया कि मेडिकल कॉलेज से रेफर करने पर परिवार के लोग इंदौर के बजाय जीडी अस्पताल ले गए, जहां 3.30 घंटे के इलाज में 50 हजार रुपए की मेडिसिन मुझे खिलाने के नाम पर वसूल लिए। जबकि मैं बेहोश था तो मेडिसन कैसे खाई। उसने आरोप लगाया कि मेरे हाथ-पांव बांध दिए और जब मुझे होश आया तो परिवार के लोगों से नहीं मिलने दिया। वे मुझे मारने की कोशिश कर रहे थे इसलिए सेल्फ डिफेंस में कैंची उठाकर बाहर भागा था। अस्पताल प्रबंधन डेढ़ लाख रुपए की मांग की थी, इस पर परिवार के लोगों ने 2 लाख रुपए की व्यवस्था भी कर ली थी। उसने बताया कि रविवार की रात में मोती नगर में हुए विवाद में घायल होने पर परिवार के लोगों ने मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया था।
सभी आरोप गलत
जीडी अस्पताल के मैनेजर नंदकिशोर पाटीदार ने बताया कि मरीज बंटी निनामा को सोमवार की सुबह 10 बजे मेडिकल कॉलेज से यहां बेहोशी की हालत में भर्ती करवाया था। उसे आईसीयू में शिफ्ट कर इलाज किया गया था। दोपहर 12.45 बजे होश में आने के बाद परिवार के लोगों से मिलने की बात पर हंगामा करते हुए स्टाफ पर हमला कर, अस्पताल के बाहर हंगामा कर दिया। 18 हजार रुपए लिए थे, इलाज में 7-8 हजार रुपए लगे, शेष राशि के लिए उन्हें बुलाया भी लेकिन वे नहीं आए हैं। उसके द्वारा जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं वे निराधार हैं। अस्पताल स्टाफ पर हमला करने और हंगामा करने को लेकर औद्योगिक क्षेत्र थाने में लिखित शिकायत दी है।
छेड़छाड़ को लेकर दो पक्षों के बीच हुआ था विवाद
दीनदयाल नगर पुलिस ने बताया कि रविवार की रात में मोती नगर में एक धार्मिक स्थल के पास खड़े होने, छेड़छाड़ की बात को लेकर राजेश पिता नंदू डिंडोर निवासी मोती नगर और दिलीप सिंगाड़ के बीच विवाद हो गया था। विवाद में दोनों पक्ष के लोग आमने-सामने हो गए थे। राजेश की रिपोर्ट पर आकाश गामड़, किशन अमलियार, दिलीप सिंगाड़, नंदू मईडा, करण नायक और दिनेश भूरिया व दिलीप सिंगाड़ की रिपोर्ट पर बंटी निनामा, सावन, सोनू सहित एक अन्य के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। विवाद में लाठी और पत्थर से एक दूसरे पर हमला किया गया था। विवाद में बंटी को चोट आई थी।
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सोमवार की दोपहर लगभग 1 बजे अर्धनग्न स्थिति में बंटी पिता अंबाराम निनामा निजी अस्पताल के बाहर शोर मचाते हुए निकला। इस दौरान वहां से गुजरने वालों लोगों की भीड़ हो गई थी और कुछ ने वीडियो भी बनाया। घटना की जानकारी मिलने पर औद्योगिक क्षेत्र पुलिस भी मौके पर पहुंच गई थी। उसे समझाकर वहां से रवाना किया और परिवार के लोग उसे मेडिकल कॉलेज इलाज के लिए ले गए।
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मेडिकल कॉलेज में भर्ती बंटी निनामा ने बताया कि मेडिकल कॉलेज से रेफर करने पर परिवार के लोग इंदौर के बजाय जीडी अस्पताल ले गए, जहां 3.30 घंटे के इलाज में 50 हजार रुपए की मेडिसिन मुझे खिलाने के नाम पर वसूल लिए। जबकि मैं बेहोश था तो मेडिसन कैसे खाई। उसने आरोप लगाया कि मेरे हाथ-पांव बांध दिए और जब मुझे होश आया तो परिवार के लोगों से नहीं मिलने दिया। वे मुझे मारने की कोशिश कर रहे थे इसलिए सेल्फ डिफेंस में कैंची उठाकर बाहर भागा था। अस्पताल प्रबंधन डेढ़ लाख रुपए की मांग की थी, इस पर परिवार के लोगों ने 2 लाख रुपए की व्यवस्था भी कर ली थी। उसने बताया कि रविवार की रात में मोती नगर में हुए विवाद में घायल होने पर परिवार के लोगों ने मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया था।
सभी आरोप गलत
जीडी अस्पताल के मैनेजर नंदकिशोर पाटीदार ने बताया कि मरीज बंटी निनामा को सोमवार की सुबह 10 बजे मेडिकल कॉलेज से यहां बेहोशी की हालत में भर्ती करवाया था। उसे आईसीयू में शिफ्ट कर इलाज किया गया था। दोपहर 12.45 बजे होश में आने के बाद परिवार के लोगों से मिलने की बात पर हंगामा करते हुए स्टाफ पर हमला कर, अस्पताल के बाहर हंगामा कर दिया। 18 हजार रुपए लिए थे, इलाज में 7-8 हजार रुपए लगे, शेष राशि के लिए उन्हें बुलाया भी लेकिन वे नहीं आए हैं। उसके द्वारा जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं वे निराधार हैं। अस्पताल स्टाफ पर हमला करने और हंगामा करने को लेकर औद्योगिक क्षेत्र थाने में लिखित शिकायत दी है।
छेड़छाड़ को लेकर दो पक्षों के बीच हुआ था विवाद
दीनदयाल नगर पुलिस ने बताया कि रविवार की रात में मोती नगर में एक धार्मिक स्थल के पास खड़े होने, छेड़छाड़ की बात को लेकर राजेश पिता नंदू डिंडोर निवासी मोती नगर और दिलीप सिंगाड़ के बीच विवाद हो गया था। विवाद में दोनों पक्ष के लोग आमने-सामने हो गए थे। राजेश की रिपोर्ट पर आकाश गामड़, किशन अमलियार, दिलीप सिंगाड़, नंदू मईडा, करण नायक और दिनेश भूरिया व दिलीप सिंगाड़ की रिपोर्ट पर बंटी निनामा, सावन, सोनू सहित एक अन्य के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। विवाद में लाठी और पत्थर से एक दूसरे पर हमला किया गया था। विवाद में बंटी को चोट आई थी।
