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Ratlam: मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल, तीन महीने से स्टायपंड नहीं मिलने से नाराज
Fri, 10 Mar 2023 11:47 AM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रतलाम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रतलाम
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Fri, 10 Mar 2023 11:47 AM IST
सार
रतलाम मेडिकल कॉलेज में करीब 125 जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर हैं जो काम करते हैं। इन्हें गत वर्ष का एरियर भी नहीं मिला है जिसके कारण इनमें आक्रोश है।
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रतलाम का शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
रतलाम मेडिकल कॉलेज के जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल पर चले गए हैं। इनके हड़ताल पर जाने की वजह से मेडिकल कॉलेज का कामकाज प्रभावित होगा। वहीं मेडिकल कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि किसी तरह की परेशानी न हो उसके लिए व्यवस्था कर ली है। जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल के पीछे कारण तीन माह से उन्हे स्टायपंड नहीं मिलना है।
एसोसिएशन के प्रेसिडेंट डॉ. रोहित दास ने बताया कि गुरुवार दोपहर बाद से शुरू की गई हड़ताल शुक्रवार को भी जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि उन्हें तीन माह से अधिक हो गया है स्टायपंड नहीं मिला है। इसके लिए पूर्व में तीन बार मेडिकल कॉलेज डीन को पत्र लिखा गया और मुलाकात कर स्टायपंड प्रदान किए जाने की मांग भी की गई, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। स्टायपंड नहीं मिलने से डॉक्टरों को काफी दिक्कतें आ रही हैं। जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल से मेडिकल कॉलेज में काम प्रभावित होगा। हड़ताल का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ सकता है।
मेडिकल कॉलेज में करीब 125 जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर हैं जो काम करते हैं। इन्हें गत वर्ष का एरियर भी नहीं मिला है जिसके कारण इनमें आक्रोश है। हड़ताल पर जाने के पहले जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों ने डीन डॉ. जितेंद्र गुप्ता से चर्चा की थी, लेकिन इस चर्चा का नतीजा नहीं निकलने से हड़ताल शुरू कर दी। डीन डॉ. गुप्ता ने बताया कि मेडिकल कॉलेज प्रबंधन व्यवस्था कर रहा है ताकि ओपीडी, आईपीडी में मरीजों को तकलीफ न उठानी पड़े।
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एसोसिएशन के प्रेसिडेंट डॉ. रोहित दास ने बताया कि गुरुवार दोपहर बाद से शुरू की गई हड़ताल शुक्रवार को भी जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि उन्हें तीन माह से अधिक हो गया है स्टायपंड नहीं मिला है। इसके लिए पूर्व में तीन बार मेडिकल कॉलेज डीन को पत्र लिखा गया और मुलाकात कर स्टायपंड प्रदान किए जाने की मांग भी की गई, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। स्टायपंड नहीं मिलने से डॉक्टरों को काफी दिक्कतें आ रही हैं। जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल से मेडिकल कॉलेज में काम प्रभावित होगा। हड़ताल का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ सकता है।
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मेडिकल कॉलेज में करीब 125 जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर हैं जो काम करते हैं। इन्हें गत वर्ष का एरियर भी नहीं मिला है जिसके कारण इनमें आक्रोश है। हड़ताल पर जाने के पहले जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों ने डीन डॉ. जितेंद्र गुप्ता से चर्चा की थी, लेकिन इस चर्चा का नतीजा नहीं निकलने से हड़ताल शुरू कर दी। डीन डॉ. गुप्ता ने बताया कि मेडिकल कॉलेज प्रबंधन व्यवस्था कर रहा है ताकि ओपीडी, आईपीडी में मरीजों को तकलीफ न उठानी पड़े।
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