{"_id":"661fa44932580ab12a0ce5bd","slug":"ram-navami-2024-ram-janmotsav-celebrated-in-orchha-ayodhya-of-bundelkhand-lakhs-devotees-reached-procession-2024-04-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"राम नवमी 2024: बुंदेलखंड की अयोध्या ओरछा में राम जन्मोत्सव की धूम, शोभायात्रा में पहुंचे लाखों श्रद्धालु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राम नवमी 2024: बुंदेलखंड की अयोध्या ओरछा में राम जन्मोत्सव की धूम, शोभायात्रा में पहुंचे लाखों श्रद्धालु
Wed, 17 Apr 2024 03:58 PM IST
दिनेश शर्मा
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, निवाड़ी
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, निवाड़ी
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Wed, 17 Apr 2024 03:58 PM IST
सार
बुंदेलखंड के लोग श्रीरामराजा सरकार को राजा के रूप में पूजते हैं, ऐसे में उनके जन्मोत्सव पर खास आयोजन किए जाते हैं। श्रीरामनवमी के पर्व पर बुधवार सुबह से ही धूम मची हुई है। पहले ओरछा नगर में एक शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें लोगों ने भगवान राम को श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
विज्ञापन
ओरछा में रामराजा सरकार के मंदिर की आकर्षक सजावट की गई थी।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
निवाड़ी जिले की धार्मिक नगरी ओरछा में श्रीरामनवमी के पर्व पर बुधवार सुबह से ही धूम मची हुई है। पहले ओरछा नगर में एक शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें लोगों ने भगवान राम को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इसके बाद दोपहर 12:00 बजे ओरछा मंदिर में भगवान राम राजा का जन्म उत्सव मनाया गया और बाहर उनकी आयोजन को लेकर लाखों में पहुंचे श्रद्धालु भजनों पर नाचते नजर आए। पूरे नगर और रामराजा मंदिर को आकर्षक फूलों से सजाया गया है। पूरे मंदिर की विद्युत सज्जा की गई है।
बता दें कि बुंदेलखंड के लोग श्रीरामराजा सरकार को राजा के रूप में पूजते हैं, ऐसे में उनके जन्मोत्सव पर खास आयोजन किए जाते हैं। शोभायात्रा में ढोल-नगाड़े, ताशे बाजों के बीच हजारों श्रद्धालु कुशनगर प्रथम गेट से पैदल चलकर भगवान को रामराजा मंदिर में लेकर पहुंचे। इसके बाद रामराजा मंदिर प्रांगण में भगवान का जन्म हुआ। जन्म के बाद बधाई गीत गाए गए। श्रीराम नवमी के पर्व पर दोपहर 12 बजे यहां विधि-विधान से भगवान के जन्मोत्सव की रस्म अदा की गई। शोभायात्रा में खास बात यह होती है कि यहां पर मां कौशल्या की जगह रानी कुंवरगणेश की झांकी सजाई गई थी। रामनवमी के पर्व पर हजारों श्रद्धालु दर्शन करने के लिए ओरछा पहुंचे। इस अवसर पर पूरे नगर को दुल्हन की तरह सजाया गया।
श्रीराम नवमी के बाद की मंगला आरती का विशेष महत्व होता है, क्योंकि यह साल में सिर्फ दो बार ही होती है। ओरछा मंदिर श्रीराम नवमी पर आने वाले श्रद्धालुओं को भगवान के जन्मोत्सव पर लड्डुओं का प्रसाद वितरित किया गया। प्रसाद के लिए 51 हजार लड्डू बनाए गए थे। वहीं शाम को ओरछा में संस्कृति विभाग अलग-अलग आयोजन करेगा, जो पारंपरिक बुंदेली छवि से ओतप्रोत होगा। यहां आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर भी पुलिस ने चाक चौबंद व्यवस्था की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बता दें कि बुंदेलखंड के लोग श्रीरामराजा सरकार को राजा के रूप में पूजते हैं, ऐसे में उनके जन्मोत्सव पर खास आयोजन किए जाते हैं। शोभायात्रा में ढोल-नगाड़े, ताशे बाजों के बीच हजारों श्रद्धालु कुशनगर प्रथम गेट से पैदल चलकर भगवान को रामराजा मंदिर में लेकर पहुंचे। इसके बाद रामराजा मंदिर प्रांगण में भगवान का जन्म हुआ। जन्म के बाद बधाई गीत गाए गए। श्रीराम नवमी के पर्व पर दोपहर 12 बजे यहां विधि-विधान से भगवान के जन्मोत्सव की रस्म अदा की गई। शोभायात्रा में खास बात यह होती है कि यहां पर मां कौशल्या की जगह रानी कुंवरगणेश की झांकी सजाई गई थी। रामनवमी के पर्व पर हजारों श्रद्धालु दर्शन करने के लिए ओरछा पहुंचे। इस अवसर पर पूरे नगर को दुल्हन की तरह सजाया गया।
विज्ञापन
श्रीराम नवमी के बाद की मंगला आरती का विशेष महत्व होता है, क्योंकि यह साल में सिर्फ दो बार ही होती है। ओरछा मंदिर श्रीराम नवमी पर आने वाले श्रद्धालुओं को भगवान के जन्मोत्सव पर लड्डुओं का प्रसाद वितरित किया गया। प्रसाद के लिए 51 हजार लड्डू बनाए गए थे। वहीं शाम को ओरछा में संस्कृति विभाग अलग-अलग आयोजन करेगा, जो पारंपरिक बुंदेली छवि से ओतप्रोत होगा। यहां आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर भी पुलिस ने चाक चौबंद व्यवस्था की है।
विज्ञापन
