घाटे से जूझ रही है रेलवे, अधिकारी कर रहे है मौज
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वित्तीय संकट से जूझ रही रेलवे के भले ही अच्छे दिन न आएं, लेकिन रेल अधिकारी अपनी सुविधाओं में कोई कमी नहीं करना चाहते। इसलिए तो अगले महीने भोपाल में होने वाली सांसदों की रूटीन बैठक में जाने के लिए अधिकारियों ने विशेष ट्रेन चलाने का इंतजाम किया है।
यह ट्रेन अधिकारियों को बैठक तक पहुंचाने और वापस लाने के लिए तैनात रहेगी। पूरे मामले की शिकायत केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु को भी भेज दी गई है।
उनसे मांग की गई है कि दो नवंबर को वह किसी को भोपाल भेजकर पैसे की बर्बादी रोकें। यह सांसदों के साथ होने वाली पश्चिम मध्य रेल की रूटीन बैठक है, लेकिन तैयारियों पर जिस अंदाज से पैसा खर्च किया जा रहा है, उससे रेलवे के आम कर्मचारी भी हैरान हैं।
जानकारी के मुताबिक रेलमंत्री को जन न्याय दल नामक एक संगठन ने 20 अक्टूबर को भेजी शिकायत में कहा है कि जिस बैठक में दस से ज्यादा सांसद शामिल नहीं होते, उस पर पश्चिम मध्य रेल लाखों रुपये बरबाद कर रहा है।
गेस्ट हाउस के बदले महंगे होटल किए गए बुक
रेलवे के अपने गेस्ट हाउस होने के बावजूद महंगे होटल और वाहन आदि बुक किए गए हैं। शिकायत में सबसे ज्यादा आपत्ति जोन ऑफिस जबलपुर से आने वाली स्पेशल ट्रेन को लेकर है, जिस पर सवार होकर महाप्रबंधक और उनके साथ 30 से ज्यादा अधिकारी-कर्मचारी बारात की शक्ल में भोपाल आएंगे।
यह ट्रेन वातानुकूलित होगी और भोपाल की बैठक के बाद वापस जबलपुर लौटेगी। स्पेशल ट्रेन पर लगभग 40 लाख रुपये का खर्च आएगा। पिछले साल अगस्त में हुई बैठक के लिए भी जबलपुर से स्पेशल ट्रेन भोपाल आई थी।
दरअसल जोन स्तर पर रेलवे हर साल सांसदों के साथ बैठक करता है। सांसदों से रेलवे में सुधार के लिए सुझाव लिए जाते हैं और यात्रियों से संबंधित समस्याओं व सुविधाओं के बारे में फीडबैक लिया जाता है।
इसी व्यवस्था के तहत अगले माह दो नवंबर को भोपाल में जबलपुर जोन के भोपाल मंडल के सांसदों की बैठक आयोजित की गई है।
