वाजपेयी के लिए अपना संसदीय क्षेत्र छोड़ा था राघवजी ने

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भोपाल/ब्यूरो Published by: Updated Wed, 10 Jul 2013 09:36 AM IST
raghavji left his constituency for atal bihari vajpayee

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राघवजी! यह नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है। राघवजी करीब आधी सदी से जनसंघ और भाजपा की राजनीति के दिग्गज खिलाड़ी रहे हैं। वह लगभग 10 साल तक मध्य प्रदेश के वित्त मंत्री रहे।
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इस दौरान उन्होंने हर किसी को अपनी काबिलियत का लोहा मानने पर मजबूर कर दिया। राज्य की राजनीति में सक्रिय रहने के बावजूद उनकी गिनती भाजपा के दिग्गज नेताओं में होती रही है।


राघवजी की संपूर्ण कुकर्म कथा, भुक्तभोगी की जुबानी


वे पार्टी के वरिष्ठतम नेता अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी के भी काफी करीबी माने जाते रहे हैं। 1989 में उन्होंने वाजपेयी के लिए विदिशा लोकसभा क्षेत्र छोड़ दिया था।

अब राघवजी के दामन पर दाग लग चुका है। उनके ऊपर अपने नौकर के यौन शोषण का आरोप लगा है। भाजपा इस्तीफा लेने के साथ ही उन्हें पार्टी से निष्कासित कर चुकी है। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया है।

पार्टी प्रवक्ता ने कहा है कि अब कानून अपना काम करेगा।

सेक्स स्कैंडल में फंसे पूर्व मंत्री राघवजी गिरफ्तार


लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज ने भी कहा था कि यह बहुत ही शर्मनाक घटना है और अब उन्हें (राघवजी) विधानसभा की सदस्यता छोड़ देनी चाहिए। गौरतलब है कि सुषमा स्वराज इस समय विदिशा से ही सांसद हैं।

राघवजी पर संगीन आरोप
राघवजी पर उनके नौकर राजकुमार दांगी ने यौन शोषण के आरोप लगाए हैं। राजकुमार के अनुसार राघवजी और उनके दो साथियों ने उसके साथ तीन साल तक दुष्कर्म किया। उसका दावा है कि राघवजी के कई महिलाओं के साथ भी संबंध रहे हैं।

राजकुमार ने कहा है कि राघवजी एक नौकर की पत्नी के साथ भी यौन संबंध बनाते रहे हैं। कभी राघवजी के सहयोगी रहे भाजपा नेता शिवशंकर पटेरिया ने राघवजी की सीडी बनवाने का दावा किया है। पटेरिया ने कहा है कि उनके पास ऐसी 22 सीडी हैं। राघवजी के विरुद्ध धारा 377, 506 और 34 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

और भी हैं दागदार दामन वाले
इससे पूर्व मध्य प्रदेश के भाजपा विधायक ध्रुवनारायण सिंह के दामन पर भी अवैध संबंध का दाग लगा था। शहला मसूद हत्याकांड में वे विवादों में फंसे थे और उनके ऊपर कई महिलाओं से संबंध रखने के आरोप लगे थे।

इसके अलावा प्रदेश के पार्टी महासचिव (संगठन) अरविंद मेनन के खिलाफ एक महिला ने शपथपत्र देकर दो साल तक भावनात्मक और शारीरिक शोषण करने का आरोप लगाया था।

मेनन को आरएसएस का ताकतवर प्रतिनिधि माना जाता है। दामन पर दाग लगने के बावजूद प्रदेश के पार्टी अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने इनके खिलाफ लगे आरोपों को अपर्याप्त बताया था।

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