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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Politics intensifies on MP hijab: KK Mishra said - sack the school education minister for making statements that disturb communal harmony

एमपी हिजाब पर सियासत तेज: केके मिश्रा बोले- बयानों से साम्प्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने वाले स्कूल शिक्षा मंत्री को बर्खास्त करें

Wed, 09 Feb 2022 03:06 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: दिनेश शर्मा Updated Wed, 09 Feb 2022 03:06 PM IST
सार

मध्य प्रदेश में हिजाब के बयान पर सियासत तेज होती जा रही है। बुधवार को गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के बयान के बाद कांग्रेस ने स्कूल शिक्षा मंत्री के बयान को प्रदेश का सद्भाव बिगाड़ने वाला बताते हुए बर्खास्त करने और आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की। 

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Politics intensifies on MP hijab: KK Mishra said - sack the school education minister for making statements that disturb communal harmony
केके मिश्रा ने कहा कि मंगलवार को स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने सकूल में हिजाब पर प्रतिबंध लगाने की बात कही थी। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

बुधवार को गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के बयान के बाद कांग्रेस ने स्कूल शिक्षा मंत्री के बयान को प्रदेश का सद्भाव बिगाड़ने वाला बताते हुए बर्खास्त करने और आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की। केके मिश्रा ने स्कूली शिक्षा मंत्री पर सीधा आरोप लगाए।
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प्रदेश कांग्रेस महामंत्री, प्रभारी मीडिया केके मिश्रा ने कहा कि मंगलवार को स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने अंगभीर व प्रयोजित बयान दिया था। उन्होंने सकूल में हिजाब पर प्रतिबंध लगाने की बात कही थी। बुधवार को उस पर सरकार के प्रवक्ता और गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि सरकार के सामने ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। केके मिश्रा ने कहा कि एक गंभीर मुद्दे पर दोनों ही मंत्रियों की अलग-अलग अधिकृत बयानी यह स्पष्ट कर रही है कि प्रदेश में एक निर्वाचित सरकार नहीं, बल्कि मंडली काम कर रही है। 
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केके मिश्रा ने स्कूली शिक्षा मंत्री पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने उक्त प्रायोजित बयानी किसके निर्देश पर की, क्या इसका उद्देश्य उत्तरप्रदेश में हो रहे चुनावों में भाजपा को लाभ पहुंचाना था या मप्र की शांत फिज़ा व गंगा-जमुनी तहज़ीब को चुनौती देते हुए वैमन्स्यता को राजनैतिक स्वरूप देना था, स्पष्ट होना चाहिए? यह गंभीर मामला एक आपराधिक कृत्य होकरउच्च न्यायालय कर्नाटका की अवमानना से जुड़ा हुआ है। लिहाजा, उनके विरूद्ध आपराधिक प्रकरण भी दर्ज किया जाए।
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