{"_id":"619a4fba8e985966f7692f8b","slug":"people-doubtful-about-repeal-of-farm-laws-as-bjp-leaders-claim-they-will-be-brought-back-digvijay-singh","type":"story","status":"publish","title_hn":"कांग्रेस के निशाने पर मोदी: दिग्विजय बोले- कृषि कानूनों की वापसी पर संदेह, भाजपा नेता कह रहे दोबारा लाएंगे कानून","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कांग्रेस के निशाने पर मोदी: दिग्विजय बोले- कृषि कानूनों की वापसी पर संदेह, भाजपा नेता कह रहे दोबारा लाएंगे कानून
Sun, 21 Nov 2021 07:25 PM IST
Amit Mandal
पीटीआई, ग्वालियर
पीटीआई, ग्वालियर
Published by: Amit Mandal
Updated Sun, 21 Nov 2021 07:25 PM IST
सार
दिग्विजय ने कहा कि संसद में तीन विवादास्पद कानूनों को निरस्त करने और फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर कानूनी गारंटी दिए जाने के बाद ही किसानों की मांग पूरी होगी।
विज्ञापन
दिग्विजय सिंह (file photo)
- फोटो : पीटीआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कृषि कानूनों की वापसी को लेकर भाजपा को निशाने पर लिया है। दिग्विजय ने रविवार को कहा कि लोगों को इस बात को लेकर संदेह है कि क्या तीन विवादास्पद कृषि कानूनों को वास्तव में निरस्त किया जाएगा, क्योंकि कई भाजपा नेताओं का दावा है कि इन कानूनों को जल्द ही वापस लाया जाएगा।
विज्ञापन
दिग्विजय बोले- मोदी और शाह चला रहे थे शो
दिग्विजय ने दावा किया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल में आपसी संवाद की कमी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि वास्तव में केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ही शो चला रहे थे। ग्वालियर में पत्रकारों से बात करते हुए दिग्विजय ने कृषि कानूनों को वापस लेने में देरी वाला लेकिन सही निर्णय करार दिया। उन्होंने कहा कि किसानों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुईं 700 मौतों की जिम्मेदारी कौन लेगा? लोग इस घोषणा पर विश्वास नहीं कर रहे हैं। कई भाजपा नेता दावा कर रहे हैं कि कृषि कानूनों को निरस्त करने के बाद वापस लाया जाएगा।
विज्ञापन
एमएसपी पर कानूनी गारंटी से ही मांग होगी पूरी
उन्होंने कहा कि संसद में तीन विवादास्पद कानूनों को निरस्त करने और फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर कानूनी गारंटी दिए जाने के बाद ही किसानों की मांग पूरी होगी। उन्होंने कहा, मुझे बताया गया है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल में संवाद की कमी है। जो खबरें आ रही हैं, उनमें कहा गया है कि केवल पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ही शो चला रहे हैं। यह संसदीय लोकतंत्र के खिलाफ है। देश के लोकतांत्रिक ढांचे में कोई भी निर्णय अन्य कैबिनेट सदस्यों की सलाह से लिया जाना चाहिए।
विज्ञापन
कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य ने अहिंसक विरोध प्रदर्शन करने के लिए किसानों की प्रशंसा की। वहीं, पंजाब कांग्रेस प्रमुख नवजोत सिंह सिद्धू द्वारा पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को बड़ा भाई बताए जाने के सवाल के जवाब में मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री से सवाल पूछा जाना चाहिए कि वह बिना निमंत्रण के पाकिस्तान क्यों गए थे।
राहुल बोले- लोग प्रधानमंत्री की बातों पर विश्वास करने को तैयार नहीं
इस बीच कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अतीत में झूठे जुमले झेल चुके लोग कृषि कानूनों को निरस्त करने के प्रधानमंत्री के बयान पर विश्वास करने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने ट्वीट कर लिखा, ‘‘झूठे जुमले झेल चुके लोग प्रधानमंत्री की बातों पर विश्वास करने को तैयार नहीं हैं। किसान सत्याग्रह जारी है।’’
