{"_id":"6216334c4d9abb6d534656b8","slug":"order-of-mp-human-rights-commission-due-to-lack-of-doctor-treatment-is-not-available-collector-and-cmho-should-reply-in-three-weeks","type":"story","status":"publish","title_hn":"मप्र मानव अधिकार आयोग का आदेश: आखिर क्यों नहीं मिल रहा ग्रामीणों को उपचार, कलेक्टर व सीएमएचओ जवाब दें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मप्र मानव अधिकार आयोग का आदेश: आखिर क्यों नहीं मिल रहा ग्रामीणों को उपचार, कलेक्टर व सीएमएचओ जवाब दें
Wed, 23 Feb 2022 06:46 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Wed, 23 Feb 2022 06:46 PM IST
सार
सागर जिले के गौरझामर के शासकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सुविधाओं व डॉक्टरों का अभाव क्षेत्र के ग्रामीणों को खल रहा है। तीन डॉक्टरों की तैनाती के बाद भी कोई नहीं मिल रहा है। इस मामले का मप्र मानव अधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है। कलेक्टर व सीएमएचओ को तीन दिन में जवाब देने को कहा गया है।
विज्ञापन
कलेक्टर व सीएमएचओ को तीन दिन में जवाब देने को कहा गया है।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सागर जिले के गौरझामर के शासकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सुविधाओं व डॉक्टरों का अभाव क्षेत्र के ग्रामीणों को खल रहा है। तीन डॉक्टरों की तैनाती के बाद भी कोई नहीं मिल रहा है। इस मामले का मप्र मानव अधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है। कलेक्टर व सीएमएचओ को तीन दिन में जवाब देने को कहा गया है।
गौरतलब है कि गौरझामर के शासकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तीन-तीन डॉक्टर तैनात हैं, जो हमेशा यहां अनुपस्थित रहते हैं और जिन्हें वेतन गौरझामर हॉस्पिटल से ही दिया जाता है। मरीजों को बड़ी दिक्कत हो रही है। अस्पताल में केवल नर्स व फार्मासिस्ट ही उपलब्ध मिलते हैं। डॉक्टरों की गैर-हाजिरी के दुष्परिणाम गौरझामर और इससे लगे क्षेत्र की गरीब आदिवासी, अन्य पिछड़ा व अनुसूचित जाति वर्ग की जनता को भोगना पड़ रहे हैं। उचित इलाज के अभाव में मौत को गले लगाना उनकी नियति बन गई है। मामले में मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने कलेक्टर एवं मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी, सागर से तीन सप्ताह में जांच कराकर (जांच-रिपोर्ट के साथ ही) प्रतिवेदन मांगा है।
विज्ञापन
गौरतलब है कि गौरझामर के शासकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तीन-तीन डॉक्टर तैनात हैं, जो हमेशा यहां अनुपस्थित रहते हैं और जिन्हें वेतन गौरझामर हॉस्पिटल से ही दिया जाता है। मरीजों को बड़ी दिक्कत हो रही है। अस्पताल में केवल नर्स व फार्मासिस्ट ही उपलब्ध मिलते हैं। डॉक्टरों की गैर-हाजिरी के दुष्परिणाम गौरझामर और इससे लगे क्षेत्र की गरीब आदिवासी, अन्य पिछड़ा व अनुसूचित जाति वर्ग की जनता को भोगना पड़ रहे हैं। उचित इलाज के अभाव में मौत को गले लगाना उनकी नियति बन गई है। मामले में मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने कलेक्टर एवं मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी, सागर से तीन सप्ताह में जांच कराकर (जांच-रिपोर्ट के साथ ही) प्रतिवेदन मांगा है।
विज्ञापन
