{"_id":"6230534b54267c34495294af","slug":"neemuch-husband-is-serving-sentence-for-which-crime-woman-trapped-jail-constable-for-the-same","type":"story","status":"publish","title_hn":"मध्य प्रदेश: जिस गुनाह के लिए सजा काट रहा था पति, उसी गुनाह के लिए जेल आरक्षक को महिला ने करवा दिया अंदर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मध्य प्रदेश: जिस गुनाह के लिए सजा काट रहा था पति, उसी गुनाह के लिए जेल आरक्षक को महिला ने करवा दिया अंदर
Tue, 15 Mar 2022 02:20 PM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नीमच
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नीमच
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Tue, 15 Mar 2022 02:20 PM IST
सार
नीमच में एक जेल कॉन्स्टेबल को लोकायुक्त ने तीन हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा है। जिस महिला ने उसे पकड़वाया उसका पति खुद ही 2015 में 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया था।
विज्ञापन
नीमच में जेल आरक्षक को रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त की टीम ने रंगे हाथ पकड़ा।
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नीमच में एक जेल कॉन्स्टेबल को लोकायुक्त ने तीन हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा है। जिस महिला ने इस कॉन्स्टेबल को पकड़वाया उसका पटवारी पति खुद ही 2015 में 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया था। इसी मामले में वह जेल में सजा काट रहा है।
दरअसल, पटवारी कमल किशोर चौधरी रिश्वतखोरी के मामले में चार साल की सजा काट रहे हैं। उन्हें भी लोकायुक्त पुलिस ने ही ट्रैप किया था। उनकी पत्नी मंगला गुर्जर ने पति से मिलने और जेल में उसे सुविधाएं देने के लिए जेल आरक्षक से संपर्क किया। उसने इसके बदले में उससे 4,500 रुपये की मांग की थी। मंगला ने इसकी शिकायत लोकायुक्त से कर दी। फिर आरक्षक गिर्राज राजपूत को ट्रैप किया गया।
जेल परिसर में ही रंगे हाथों पकड़ा
मंगला की शिकायत पर लोकायुक्त पुलिस ने अपनी टीम बनाई। योजना के अनुसार जैसे ही मंगला ने 4,500 रुपये की रिश्वत गिर्राज को थमाई, लोकायुक्त पुलिस की टीम ने उसे पकड़ लिया। यह सब कुछ नीमच जेल परिसर में ही हुआ।
विज्ञापन
20 हजार की रिश्वत लेते धराया था पटवारी
लोकायुक्त पुलिस ने 2015 में मनासा उपखंड के कुकड़ेश्वर तहसील के पटवारी कमल किशोर चौधरी को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा था। बाद में उसे 25 हजार के निजी मुचलके पर रिहा कर दिया था। पटवारी ने चौकड़ी गांव के किसान बाबूलाल धाकड़ से खसरे में परिवर्तन और नामांतरण के नाम पर 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। पिछले साल चौधरी को विशेष कोर्ट ने चार साल की सजा सुनाई और 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
विज्ञापन
दरअसल, पटवारी कमल किशोर चौधरी रिश्वतखोरी के मामले में चार साल की सजा काट रहे हैं। उन्हें भी लोकायुक्त पुलिस ने ही ट्रैप किया था। उनकी पत्नी मंगला गुर्जर ने पति से मिलने और जेल में उसे सुविधाएं देने के लिए जेल आरक्षक से संपर्क किया। उसने इसके बदले में उससे 4,500 रुपये की मांग की थी। मंगला ने इसकी शिकायत लोकायुक्त से कर दी। फिर आरक्षक गिर्राज राजपूत को ट्रैप किया गया।
विज्ञापन
जेल परिसर में ही रंगे हाथों पकड़ा
मंगला की शिकायत पर लोकायुक्त पुलिस ने अपनी टीम बनाई। योजना के अनुसार जैसे ही मंगला ने 4,500 रुपये की रिश्वत गिर्राज को थमाई, लोकायुक्त पुलिस की टीम ने उसे पकड़ लिया। यह सब कुछ नीमच जेल परिसर में ही हुआ।
विज्ञापन
20 हजार की रिश्वत लेते धराया था पटवारी
लोकायुक्त पुलिस ने 2015 में मनासा उपखंड के कुकड़ेश्वर तहसील के पटवारी कमल किशोर चौधरी को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा था। बाद में उसे 25 हजार के निजी मुचलके पर रिहा कर दिया था। पटवारी ने चौकड़ी गांव के किसान बाबूलाल धाकड़ से खसरे में परिवर्तन और नामांतरण के नाम पर 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। पिछले साल चौधरी को विशेष कोर्ट ने चार साल की सजा सुनाई और 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
