{"_id":"688b80f0e3057927ac0049c7","slug":"example-of-human-spirit-tube-cot-made-a-sick-woman-cross-20-feet-deep-with-water-narsinghpur-news-c-1-1-noi1218-3232571-2025-07-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Narsinghpur News: ट्यूब-खाट के सहारे बीमार महिला को पहुंचाया अस्पताल, 20 फीट गहरे पानी से कराया पार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Narsinghpur News: ट्यूब-खाट के सहारे बीमार महिला को पहुंचाया अस्पताल, 20 फीट गहरे पानी से कराया पार
Fri, 01 Aug 2025 12:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
न्यूज डेस्क अमर उजाला नरसिंहपुर
न्यूज डेस्क अमर उजाला नरसिंहपुर
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 01 Aug 2025 12:41 PM IST
सार
जिले की गाडरवाड़ा तहसील के थरेरी गांव में ग्रामीणों ने इंसानियत और साहस की मिसाल पेश की। नर्मदा नदी के उफान के कारण बंद पड़े रास्ते से एक बीमार महिला को अस्पताल पहुंचाया। ग्रामीणों ने ट्यूब और खाट के सहारे जान जोखिम में डालकर पानी से भरा रास्ता पार कराया।
विज्ञापन
ट्यूब-खाट के सहारे महिला को अस्पताल ले जाते ग्रामीण
विस्तार
विज्ञापन
जिले की गाडरवाड़ा तहसील के थरेरी गांव में ग्रामीणों ने इंसानियत और साहस की मिसाल पेश की। नर्मदा नदी के उफान के कारण बंद पड़े रास्ते से एक बीमार महिला को ग्रामीणों ने ट्यूब और खाट के सहारे जान जोखिम में डालकर अस्पताल पहुंचाया। 38 वर्षीय अंगूरी बाई को अचानक सीने में तेज दर्द हुआ। परिवारजन उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाना चाहते थे, लेकिन थरेरी और बिचुआ के बीच की पुलिया पर नर्मदा का पानी बह रहा था। रास्ता पूरी तरह जलमग्न था और तेज बहाव के कारण वाहन भी नहीं चल पाए।
ट्यूब और खाट बनीं जीवन की राह
अंधेरी रात और तेज बहाव के बीच गांव के युवाओं और बुजुर्गों ने मिलकर दो ट्यूब और एक खाट की मदद से एक अस्थायी ‘जलपुल’ तैयार किया। महिला को खाट पर लिटाकर ट्यूबों से बांधा गया और धीरे-धीरे उसे 20 फीट गहरे पानी से होते हुए उस पार सुरक्षित पहुंचाया गया। ग्रामीणों की समझदारी और एकजुटता से अंगूरी बाई की जान बच सकी।
विज्ञापन
विज्ञापन
ये भी पढ़ें-मूसलाधार बारिश से हालात दूभर, खमरिया ब्रज जलमग्न; रिछई डैम उफनाया, कई गांवों से टूटा संपर्क
प्रशासन से नाराज ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों ने बताया कि लगातार बढ़ते जलस्तर से थरेरी का मुख्य मार्ग डूब जाता है, जिससे गांव पूरी तरह अलग-थलग पड़ जाता है। मरीजों, बुजुर्गों, महिलाओं और स्कूली बच्चों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या का जल्द निपटारा करने की मांग गांव वालों ने की ह गांववालों ने प्रशासन से नाव, आपातकालीन मेडिकल सुविधा और वैकल्पिक मार्ग की मांग की है। साथ ही चेताया है कि अगर समय रहते राहत नहीं पहुंचाई गई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन और प्रशासनिक तैयारी पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।
