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'उदार' शिवराज की राह का रोड़ा बन सकते हैं मोदी
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Thu, 21 Nov 2013 02:16 PM IST
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इन दिनों मध्य प्रदेश में मोदी ही मोदी है। 18 से 23 नवंबर के बीच भाजपा के पीएम पद के दावेदार नरेंद्र मोदी राज्य में 15 रैलियों को संबोधित कर रहे हैं। लेकिन भाजपा को खुश्ा होने के बजाय कुछ चिंता भी होनी चाहिए।
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एचटी के मुताबिक वोटरों तक पहुंचने से जुड़ी मोदी की कोशिशें मुस्लिमों से मिलने वाले समर्थन को चोट पहुंचा सकता है। यह दावा खुद राज्य के मुस्लिम संगठन कर रहे हैं।
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दिलचस्प बात यह है कि उनके मुताबिक बीते दस साल में मुस्लिम समुदाय वास्तव में शिवराज सिंह चौहान सरकार के काफी करीब आ गया था।
मध्य प्रदेश मुस्लिम विकास परिषद के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद माहिर ने कहा, "भाजपा में हम सिर्फ दो उदारवादी चेहरे देखते हैं। पहला, अटल बिहारी वाजपेयी और दूसरा, शिवराज सिंह चौहान। लेकिन हम इस बार शिवराज की अगुवाई वाली भाजपा का समर्थन नहीं करेंगे। हमारी रणनीति मोदी को दूर रखना है।"
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माहिर के मुताबिक जमीयतुल उलेमा मध्य प्रदेश, मिल्ली काउंसिल और मुस्लिम एजुकेशन सोसाइटी जैसे संगठन मुस्लिमों के बीच वोट का सही इस्तेमाल करने को लेकर जागरुकता फैलाने का प्रयास कर रहे हैं।
भारतीय मुस्लिम महिला आंदोलन की प्रदेश संयोजक सफिया अख्तर ने कहा, "मोदी वाकई विधानसभा और लोकसभा चुनावों में मुद्दा बनने वाले हैं।"
माहिर के मुताबिक मुस्लिमों ने 2008 में भी भाजपा को वोट नहीं दिया था, लेकिन भगवा दल को अप्रत्यक्ष समर्थन देने के लिए वे पोलिंग बूथ से दूर रहे थे। यही वजह है कि मुस्लिम बहुल सीटों पर भी भाजपा ने जीत दर्ज की।
उनका कहना है कि इस बार मोदी को दूर रखने के लिए मुस्लिम किसी धर्मनिरपेक्ष पार्टी का साथ दे सकते हैं।
