विज्ञापन

कसाब को टांगने वाला आज देगा एक और हत्यारे को फांसी

भोपाल/ब्यूरो Updated Thu, 08 Aug 2013 02:21 AM IST
murderer of five daughters will be hanged today
विज्ञापन
ख़बर सुनें
मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के इछावर कस्बे में 2011 में अपनी पांच बेटियों के सिर कुल्हाड़ी से काट देने वाले मगनलाल बरेला को बृहस्पतिवार तड़के सेंट्रल जेल जबलपुर में फांसी दी जाएगी।
विज्ञापन
सीहोर जिला व सत्र न्यायालय ने मगनलाल को आठ अगस्त को फांसी देने के लिए ब्लैक वारंट जारी किया है। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने 22 जुलाई 2013 को बरेला की दया याचिका खारिज कर दी थी।

रामसिंह को दी जा रही प्रतिदिन फांसी:
मगनलाल को फांसी देने के लिए जेल प्रशासन ने फांसी का तख्ता तैयार कर लिया है। सेंट्रल जेल के पश्चिम भाग में फांसी का तख्ता बना हुआ है।

जो शुरुआत में तीन फीट और अंत में 1.2 फीट ऊंचा है। सेंट्रल जेल में फांसी के अभ्यास के लिए एक पुतला तैयार किया गया है, जिसे रामसिंह नाम दिया गया है। रामसिंह को फांसी देकर मगनलाल को फांसी देने की तैयारी की जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक मगनलाल बरेला को फांसी देने का काम वही जल्लाद करेगा जिसने मुंबई हमले के दोषी आतंकवादी मोहम्मद अजमल कसाब को फांसी पर लटकाया था।

वह जबलपुर पहुंच चुका है और फांसी के तख्ते पर दो बार ट्रायल भी कर चुका है। फांसी बृहस्पतिवार को सुबह दी जानी है।

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय ने बरेला की फांसी की सजा को आजीवन कारावास में बदलने की याचिकाएं पहले ही खारिज कर दी थीं। उसके बाद राष्ट्रपति ने भी उसकी दया याचिका खारिज कर दी।

प्रदेश में आखिरी फांसी
प्रदेश में आखिरी फांसी 1997 में केंद्रीय जेल जबलपुर में कामता प्रसाद को दी गई थी। इससे पहले 1996 में इंदौर केंद्रीय जेल में एक व्यक्ति को फांसी दी जा चुकी है।

बरेला ने अपनी पांच बेटियों आरती (4 वर्ष), सविता (5 वर्ष), लीला (6 वर्ष) जमुना (1 वर्ष) और फूल कुंवर (2 वर्ष) के सिर कुल्हाड़ी से काट दिए थे। बरेला ने 11 जून 2010 में अपनी मासूम बेटियों की हत्या दो पत्नियों के बीच संपत्ति विवाद के कारण की थी। पुलिस ने उसके खिलाफ धारा 302 के बीच आरोप पत्र पेश किया था।

गीता सार के बाद फांसी:
नियमानुसार जिस व्यक्ति को जेल में फांसी दी जाती है, उसे उसके धर्म के हिसाब से धर्म ग्रंथ का पाठ कराया जाता है। मगनलाल को हिंदू होने के नाते फांसी से पहले पंडित गीता का सार बताएंगे।

जबलपुर जेल में अब तक 234 लोगों को फांसी पर लटकाया जा चुका है। आजादी से पहले 202 और आजादी के बाद 30 लोगों को फांसी पर लटकाया जा चुका है।

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Madhya Pradesh

मध्यप्रदेश चुनाव 2018: इंदौर ने पूछा- न व्यापार है न रोजगार, देश बाबा चलाएंगे या पढ़े लिखे नौजवान?

अमर उजाला डॉट कॉम आपको बता रहा है मध्यप्रदेश के जमीनी हालात और उन विषयों के बारे में जो इस बार चुनावी मुद्दे हैं। इसी के मद्देनजर अमर उजाला का चुनाव रथ पहुंचा इंदौर।

16 नवंबर 2018

विज्ञापन

Related Videos

सत्ता का सेमीफाइनल: जानिए क्या है इंदौर की जनता मूड

सत्ता के सेमीफाइनल के अगले पड़ाव में अमर उजाला डॉट कॉम की टीम पहुंची इंदौर और जाना आने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर क्या है यहां की जनता का मूड।

16 नवंबर 2018

Related

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree