6.33 करोड़ के घोटाले में तीन नेवी ऑफिसर गिरफ्तार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मध्यप्रदेश के इंदौर जिले की क्राइम ब्रांच ने कर्नाटक स्थित करवर नवल बेस के तीन ऑफिसरों को 6.33 करोड़ रुपये के घोटाले के आरोप में गिरफ्तार किया है। तीनों अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने इंदौर में फर्जी फर्म बनाकर नौसेना के खाते से 6.33 करोड़ रुपये का गबन किया है।
गिरफ्तार किए गए तीन लोग उस चार सदस्यीय टीम का हिस्सा थे जो गबन के एक मामले की जांच के लिए इंदौर आई थी। इस मामले में स्थानीय चार्टेड अकाउंटेंट के बेटे, बैंक अधिकारी, एक पूर्व नेवी अधिकारी और एक एजेंट के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
आरोप है कि इन सबने मिलकर इंदौर में एक फर्जी फर्म तैयार की और नेवी के अकाउंट से पैसे उसके अकाउंट में ट्रांसफर किए। क्राइम ब्रांच को इस मामले में बड़ी कामयाबी तब मिली जब बीते 1 मई को पुलिस की एक टीम मामले की जांच के लिए कर्नाटक के करवर गई और वहां से सीडीए के प्रिसिंपल कंट्रोलर ऑफ डिफेंस अकाउंट सुरेश हटले को गिरफ्तार किया।
गबन के मामले की जांच के लिए आए थे, पुलिस ने किया गिरफ्तार
अपर पुलिस अधीक्षक (क्राइम) विनय प्रकाश पॉल ने बताया कि हटले ने पूछताछ के द्वारा महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया कि मामले में सीनियर ऑफिसर्स की संलिप्तता है जो इंदौर की फर्जी फर्म के नाम पर चेक क्लियर करते थे।
मामले में क्राइम ब्रांच की टीम ने इस संबंध में नेवी को पूरी जानकारी दी। इसी बीच नेवी की ओर से वरिष्ठ ऑडिटर एस नारायनन, सहायक अकाउंट ऑफिसर अनिल कुमार, एक अन्य सहायक अकाउंट ऑफिसर चंद्रकांत वी श्री और अकाउंट ऑफिसर रमेश जीए मामले की जांच के लिए रविवार को इंदौर पहुंचे।
पुलिस को पता चला ये अधिकारी नील एंटरप्राइजेज के नाम चल रही फर्जी फर्म में बिलों को मंजूरी के लिए इंदौर आए थे। पुलिस ने उसने पूछताछ की तो नारायण, श्री और रमेश की भूमिका संदिग्ध पाई गई। वे अपने अधिकारों का इस्तेमाल फर्जी बिलों के भुगतान के लिए करने वाले थे। इससे पहले ही पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
