दलितों को नहीं मिला शवयात्रा के लिए रास्ता, तालाब से होकर ले गए शव
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दलितों पर हो रहे अत्याचारों की फेहरिस्त में एक और मामला सामने आया है, मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले की पनानगर तहसील में एक व्यक्ति की मौत के बाद दबंगों ने उसका शव ले जाने के लिए रास्ता नहीं दिया।
नतीजतन शवयात्रा को मजबूरी में तालाब में से होकर निकालना पड़ा। आलम ये रहा कि तालाब में गर्दन तक भरे पानी में से लोगों को शव लेकर निकलना पड़ा। वहीं मामला सामने आने के बाद प्रशासन अब लीपापोती में जुट गया है।
जानकारी के अनुसार मामला पनानगर तहसील के एक गांव का है। जहां गांव में एक दलित व्यक्ति के यहां बुधवार को उसके परिजन की मौत हो गई। घरवाले मृतक की शवयात्रा लेकर कब्रिस्तान के लिए निकले लेकिन गांव के दबंगों ने बीच राह में उनका रास्ता रोक दिया।
आरोप है कि दबंगों ने उस जमीन से शव यात्रा को निकलने देने से साफ इंकार कर दिया। मजबूरी में दलितों को शवयात्रा को तालाब के रास्ते से ले जाना पड़ा। लेकिन बारिश के कारण तालाब में कई फिट तक पानी भरा था। कोई दूसरा रास्ता न होने के कारण पीड़ित परिवार को तालाब में से ही गर्दन तक के पानी में ही शवयात्रा को कब्रिस्तान तक ले जाना पड़ा।
इसके बाद ही जैसे तैसे शव का अंतिम संस्कार किया गया। बताया जाता है कि जिस रास्ते से दबंगों ने शवयात्रा को ले जाने से मना किया था वह सरकारी जमीन है जिस पर उन्होंने अवैध कब्जा कर रखा है।
वहीं यह मामला मीडिया में आया तो प्रशासन इसमें लीपा पोती पर जुट गया। जबलपुर प्रशासन का कहना है कि मामला जातिभेद का नहीं है। यहां आपसी रंजिश के चलते दो पक्षों में लंबे समय से झगड़ा चल रहा है उसी झगड़े की कारण ये विवाद हुआ। मामले की जांच करवाई जा रही है।
