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MP News: IAS नेहा मारव्या के ट्रांसफर और PS विवाद के पीछे फर्जी नियुक्ति की जांच तो नहीं, जानिए क्या है मामला

Thu, 28 Jul 2022 07:05 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Thu, 28 Jul 2022 07:05 PM IST
सार

2011 बैच की IAS नेहा मारव्या के आचार संहिता के बीच ट्रांसफर और सीएम शिवराज के पीएस मनीष रस्तोगी से विवाद के पीछे फर्जी नियुक्तियों की जांच का मामला होने की चर्चा है। दरअसल आरोपी अधिकारी सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी का खास बताया जा रहा है।

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MP News: Whether investigation of fake appointment behind IAS Neha Marvya's transfer and PS controversy
आईएएस नेहा मारव्या - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

2011 बैच की IAS नेहा मारव्या के आचार संहिता के बीच ट्रांसफर और सीएम शिवराज के पीएस मनीष रस्तोगी से विवाद के पीछे फर्जी नियुक्तियों की जांच का मामला होने की चर्चा है। दरअसल आरोपी अधिकारी को सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी का खास बताया जा रहा है।
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पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत आने वाले मप्र राज्य रोजगार गारंटी परिषद की एडि. सीईओ रहीं नेहा मारव्या चार माह से एक शिकायत की जांच कर रही थीं। यह शिकायत तत्कालीन सहायक जिला प्रबंधक जिला पंचायत रायसेन के भूपेंद्र प्रजापति ने की थी। उन्होंने विधानसभा की लोकलेखा समिति एवं अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को शिकायत की थी। इसमें विभाग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ललित मोहन बेलवाल पर एक महिला सुषमा रानी शुक्ला की फर्जी नियुक्ति के आरोप लगाए थे।
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बताया जा रहा है कि नेहा मारव्या की जांच में बेलवाल पर सुषमा रानी और उसके 6-7 परिचितों को फर्जी तरीके से नियुक्ति देने और मनमाने तरीके से वेतन बढ़ाने की बात सामने आई है। साथ ही मामले में अपराधिक मामला दर्ज करने की अनुशंसा कर दी। सूत्रों का कहना है कि इस मामले में मारव्या पर दबाव बनाया गया, लेकिन उन्होंने वरिष्ठों की भी नहीं सुनी। जिसके बाद उनका ट्रांसफर मध्य प्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद की एडिशनल सीईओ से उप सचिव राजस्व विभाग में कर दिया गया।
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बेलवाल बोले- आरोप बेबुनियाद, जवाब दूंगा

इस मामले में आजीविका मिशन के प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी ललित बेलवाल बोले कि उन पर लगे आरोप बेबुनियाद हैं। यह आरोप षड्यंत्र पूर्वक लगाए गए हैं। इनमें कोई सच्चाई नहीं है। कुछ असंतुष्ट लोग लंबे समय से शिकायत कर रहे हैं। मुझे नोटिस मिलने पर उसका जवाब दूंगा।
 
पदभार ग्रहण करने गई तो की बेइज्जती
जुलाई में ही नेहा मारव्या ने राजस्व विभाग में पदभार ग्रहण करने के लिए जाने पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी पर बेइज्जती करने का आरोप लगाया था। मारव्या ने महिला अधिकारियों के वॉट्सएप ग्रुप में अपनी आपबीती लिखी थी। उन्होंने लिखा था कि वह पीएस रस्तोगी के पास पदभार ग्रहरण करने के लिए गईं तो पहले तो उन्हें अंदर आने से मना कर दिया गया और बाद में पीएसए से कहकर उन्हें बाहर करवा दिया गया। उनकी प्रशासनिक स्तर पर बेइज्जती की गई।

 
रिटायर्ड के बाद फिर पदस्थ
ललित बेलवाल को सरकार के वरिष्ठ अधिकारी का खास बताया जाता है। वे मूलत: वन विभाग के हैं। वे लंबे समय से पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में डेप्युटेशन पर पदस्थ हैं। 2019 में रिटायर हो गए। बीजेपी की 2020 में सरकार आने पर बेलवाल पंचायत एवं ग्रगामीण विकास विभाग में फिर पदस्थ हो गए।
 
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