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MP News: किसान संगठन पदाधिकारी बोले यह सरकार सिर्फ बोलती है, करती कुछ नहीं, अब सीएम किसानों से मिलने जाएंगे
Tue, 22 Nov 2022 02:54 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Tue, 22 Nov 2022 02:54 PM IST
सार
भारतीय किसान संघ की मांग है कि सरकार किसानों से संबंधित विषयों पर चर्चा के लिए विधानसभा का सात दिवासीय विशेष सत्र बुलाए। फसल नुकसान की भरपाई के लिए भावांतर, मुआवाजा दें, डिफॉल्टर किसानों को ब्याज माफ कर खाद-बीज दिए जाए।
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भोपाल में किसानों का कार्यक्रम
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजधानी भोपाल में मंगलवार को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के अनुषांगिक संगठन भारतीय किसान संघ के बैनर तले किसान जुटे। एमवीएम ग्राउंड पर किसान संगठन के पदाधिकारी बोले यह सरकार सिर्फ बोलती है। किसनों के हित के लिए कुछ नहीं करती। हम किसानों के पक्ष में बात रखने आए है। बता दें प्रदेश के जिला और तहसील स्तर के किसान शामिल हुए। किसान लंबे समय से पूरी नहीं हुई मांगों को पूरा करने की सरकार से मांग कर रहे है। किसानों से मिलने के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी जाएंगे।
पदाधिकारियों ने कहा कि किसानों की समस्या उत्पन्न होने का कारण राजनेता है। यह प्रशासनिक अधिकारी है। जो चेंबर में बैठ कर योजना बनाते है। उनको यह ही पता नहीं होता कि आलू जमीन में लगता है या ऊपर लगता है। यह ऐसे अधिकारी है। एक बार भयंकर अतिवृष्टि हुई है। मालवा के अंदर एक गांव में एक चीफ सेक्रेटरी निरीक्षण करने पहुंचे। सभी कलेक्टर अपने अपने क्षेत्र में जा रहे थे। वहां चीफ सेक्रेटरी को फसल दिखाई। उस समय सोयाबीन का समय था। चीफ सेक्रेटरी ने लोगों से पूछा क्या है ये। वहां बैठे महिला और पुरुष ने कहा कि दादा सोयाबीन है। वहां लोगों ने पटवारी और अन्य अधिकारियों से कहा कि चीफ सेक्रेटरी को क्यों लाए। कलेक्टर को लाते तो पता चलता कि यह कौन सी फसल है। मेरे देश का किसान कलेक्टर को जानता है वह चीफ सेक्रेटरी को नहीं जानता।
भारतीय किसान संघ की मांग है कि सरकार किसानों से संबंधित विषयों पर चर्चा के लिए विधानसभा का सात दिवासीय विशेष सत्र बुलाए। फसल नुकसान की भरपाई के लिए भावांतर, मुआवाजा दें, डिफॉल्टर किसानों को ब्याज माफ कर खाद-बीज दिए जाए। मुख्यमंत्री कृषि पंप अनुदान योजना जल्द चालू हो। बिजली समस्या समाधान कैम्प लगाकर किसानों की समस्याएं दूर की जाए।
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इसके अलावा प्रदेश के सभी गोपालक किसानों को 900 रुपए प्रति माह दिया जाए। योजनाओं के नाम पर किसानों के साथ होने वाली लूट बंद हो सके। राजस्व के प्रकरणों का पंचायत स्तर पर कैम्प लगाकर शीघ्र निराकरण किया जाए। संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि लंबे समय से किसानों की मांगों का निराकरण नहीं हुआ है। इसलिए अब किसान मैदान में उतरेगा।
एमवीएम ग्राउंड में किसानों के कार्यक्रम को देखते हुए सुबह से ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है। भारत टॉकीज से रोशनपुरा के बीच वाहन लिली टॉकीज पीएचक्यू तिराहा, खटलापुरा और बाणगंगा होते हुए आएंगे। डीबी मॉल से जेल मुख्यालय होकर कंट्रोल रूम की ओर जाने वाले वाहन मैदा मिल, सुभाष आरओबी, प्रभात चौराहा होकर पुराने भोपाल की तरफ जाएंगे।
टीटी नगर से रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड की ओर जाने वाली बसें अपेक्स बैंक, मेन रोड-1 से होते हुए बोर्ड ऑफिस चौराहा, मैदा मिल, सुभाष नगर आरओबी, प्रभात चौराहा, बोगदा पुल से होकर भारत टॉकीज होते हुए आ जा सकेंगे।
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पदाधिकारियों ने कहा कि किसानों की समस्या उत्पन्न होने का कारण राजनेता है। यह प्रशासनिक अधिकारी है। जो चेंबर में बैठ कर योजना बनाते है। उनको यह ही पता नहीं होता कि आलू जमीन में लगता है या ऊपर लगता है। यह ऐसे अधिकारी है। एक बार भयंकर अतिवृष्टि हुई है। मालवा के अंदर एक गांव में एक चीफ सेक्रेटरी निरीक्षण करने पहुंचे। सभी कलेक्टर अपने अपने क्षेत्र में जा रहे थे। वहां चीफ सेक्रेटरी को फसल दिखाई। उस समय सोयाबीन का समय था। चीफ सेक्रेटरी ने लोगों से पूछा क्या है ये। वहां बैठे महिला और पुरुष ने कहा कि दादा सोयाबीन है। वहां लोगों ने पटवारी और अन्य अधिकारियों से कहा कि चीफ सेक्रेटरी को क्यों लाए। कलेक्टर को लाते तो पता चलता कि यह कौन सी फसल है। मेरे देश का किसान कलेक्टर को जानता है वह चीफ सेक्रेटरी को नहीं जानता।
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भारतीय किसान संघ की मांग है कि सरकार किसानों से संबंधित विषयों पर चर्चा के लिए विधानसभा का सात दिवासीय विशेष सत्र बुलाए। फसल नुकसान की भरपाई के लिए भावांतर, मुआवाजा दें, डिफॉल्टर किसानों को ब्याज माफ कर खाद-बीज दिए जाए। मुख्यमंत्री कृषि पंप अनुदान योजना जल्द चालू हो। बिजली समस्या समाधान कैम्प लगाकर किसानों की समस्याएं दूर की जाए।
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इसके अलावा प्रदेश के सभी गोपालक किसानों को 900 रुपए प्रति माह दिया जाए। योजनाओं के नाम पर किसानों के साथ होने वाली लूट बंद हो सके। राजस्व के प्रकरणों का पंचायत स्तर पर कैम्प लगाकर शीघ्र निराकरण किया जाए। संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि लंबे समय से किसानों की मांगों का निराकरण नहीं हुआ है। इसलिए अब किसान मैदान में उतरेगा।
एमवीएम ग्राउंड में किसानों के कार्यक्रम को देखते हुए सुबह से ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है। भारत टॉकीज से रोशनपुरा के बीच वाहन लिली टॉकीज पीएचक्यू तिराहा, खटलापुरा और बाणगंगा होते हुए आएंगे। डीबी मॉल से जेल मुख्यालय होकर कंट्रोल रूम की ओर जाने वाले वाहन मैदा मिल, सुभाष आरओबी, प्रभात चौराहा होकर पुराने भोपाल की तरफ जाएंगे।
टीटी नगर से रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड की ओर जाने वाली बसें अपेक्स बैंक, मेन रोड-1 से होते हुए बोर्ड ऑफिस चौराहा, मैदा मिल, सुभाष नगर आरओबी, प्रभात चौराहा, बोगदा पुल से होकर भारत टॉकीज होते हुए आ जा सकेंगे।
