एमपीः 6.13 करोड़ के शराब घोटाले में फंसे कटनी के जिला कलेक्टर, केस दर्ज
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मध्यप्रदेश में लोकायुक्त ने 6.13 करोड़ के शराब घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए कटनी के जिला कलेक्टर और जिला आबकारी अधिकारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। दोनों अधिकारियों के खिलाफ अपने पद और प्रभाव का गलत इस्तेमाल कर सरकारी खजाने को 6.13 करोड़ नुकसान पहुंचाने का आरोप है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार मध्यप्रदेश लोकायुक्त ने गुरुवार को कटनी के जिला कलेक्टर प्रकाश जांगरे और जिला आबकारी अधिकारी आरसी त्रिवेदी के खिलाफ शराब घोटाले में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
लोकायुक्त पुलिस की जबलपुर शाखा द्वारा दर्ज किए गए मुकदमे में दोनों अधिकारियों के खिलाफ साल 2016-17 के लिए अपने पद का दुरुपयोग कर शराब दुकानों की गलत निलामी के द्वारा शराब ठेकेदारों को फायदे पहुंचाने का आरोप है।
बिना लाइसेंस बांट दी गई शराब की दुकानें
मामले में दोनों वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ सेक्शन 13 (1), 13 (2) डी, 420 और 120 बी के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है।
लोकायुक्त की विशेष पुलिस के अधिकारियों के अनुसार आबकारी नीति के तहत शराब के ठेकों की निलामी और उसके लाइसेंस देने की जिम्मेदारी कलेक्टर की होती है। लेकिन इस मामले में कलेक्टर यह तय करने में असफल रहे कि शराब के ठेके का लाइसेंस लेने के लिए ठेकेदार निर्धारित धनराशि सरकार के खाते में जमा करा दें।
अधिकारियों के अनुसार ठेकेदारों ने बिना लाइसेंस फीस जमा किए शराब की दुकानों का संचालन किया और वेयर हाउस से शराब खरीदते रहे। इस प्रक्रिया के तहत शराब को करोडों के राजस्व का नुकसान हुआ। लोकायुक्त पुलिस के अनुसार यह प्रक्रिया भ्रष्टाचार के दायरे में आती है।
