एमपीः भूत ले रहे किसानों की जान, सरकार का जवाब
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मध्यप्रदेश में किसान सूखे और खराब होती फसलों के कारण आत्महत्या नहीं कर रहे, उनके मरने की वजह तो भूत प्रेत हैं। उनकी जान भूत प्रेत ही ले रहे हैं। यह कहना किसी और का नहीं प्रदेश सरकार के गृहमंत्रालय का है।
जिसने कांग्रेस विधायक द्वारा पूछे गए सवाल पर यह जवाब दिया है। विधानसभा में लिखित में दिए गए जवाब में बताया गया कि 2014 से 2016 तक तीन किसानों की मौत आत्महत्या करने के कारण नहीं भूत प्रेत और बुरी आत्माओं के कारण हुई है।
टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार मामला मध्यप्रदेश के सेहोर जिले का है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह जिले सेहोर में काफी संख्या में किसान फसल बर्बाद होने के कारण आत्महत्या कर चुके हैं। जहां किसानों की आत्महत्या के बारे में कांग्रेस विधायक शैलेंद्र पटेल ने जानकारी मांगी थी।
सरकार के गृहमंत्री ने विधानसभा में दिया जवाब
विधानसभा में पटेल ने बुधवार को पूछा था कि 2014 से 2016 तक कितने किसानों ने फसल बर्बाद होने के कारण आत्महत्या की है। इसके जवाब में गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि बहुत सी मौतों की वजह फसल खराब होना नहीं भूत प्रेत और ऊपरी साया रहा।
इस पर विधायक ने पूछा की क्या सरकार भूत प्रेत और ऊपरी सायों पर विश्वास करती है। इस पर गृहमंत्री ने कोई जवाब नहीं दिया। हालांकि बाद में उन्होंने सफाई दी कि सरकार भूतप्रेत और अंधविश्वास पर यकीन नहीं करती। किसानों की मौत के बाद उनके परिजनों ने जो बताया वो ही जवाब सरकार ने दिया है।
गृहमंत्रालय के अनुसार 2014 से सेहोर जिले में 418 किसान आत्महत्या कर चुके हैं। इनमें से अधिकतर की मौत पर अभी संशय बना हुआ है। वहीं पटेल का कहना था कि मैं क्षेत्र का विधायक हूं और मैंने कई किसानों के अंतिम संस्कार में भाग लिया है इसलिए मुझे पता है कि उनकी मौत कैसे हुई है। वहीं गृहमंत्री का कहना है कि सरकार सभी मौतों को गंभीरता से लेती है और इसे रोकने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
