कोरोना के खिलाफ जीत प्राथमिकता, मंत्रिमंडल विस्तार बाद में: शिवराज चौहान
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि फिलहाल कोरोना वायरस संक्रमण महामारी के खिलाफ लड़ाई को जीतना ही हमारी प्राथमिकता है, मंत्रिमंडल का विस्तार कुछ वक्त बाद पार्टी से विचार-विमर्श करके होगा।
वीडियो के जरिए जारी बयान में चौहान ने कहा कि 23 मार्च से लगातार कोरोना वायरस संक्रमण के खिलाफ युद्ध में हम लगे हुए हैं। सतर्कता के साथ पार्टी ने फैसला किया है कि फिलहाल इस लड़ाई को जीतना है। मंत्रिमंडल का विस्तार फिर थोड़े दिनों के बाद करेंगे। अब 14 तारीख को लॉकडाउन समाप्त नहीं होगा, एक चरण समाप्त होगा। आगे जैसी परिस्थितियां बनेंगी, पार्टी के साथ विचार विमर्श करके फैसला लेंगे।
मालूम हो कि चौहान अकेले ही अधिकारियों के साथ कोरोना वायरस की महामारी से लड़ रहे हैं। उन्होंने अब तक अपने मंत्रिमंडल में एक भी मंत्री नहीं बनाया है। यहां तक की प्रदेश में इस संकट की घड़ी में स्वास्थ्य मंत्री भी नहीं है। इस पर कांग्रेस उनकी तीखी आलोचना कर इसे असंवैधानिक बता रहा है और इस सरकार को बर्खास्त कर प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग कर रहा है।
चौहान ने कहा, इस संकट के समय ऐसी घटिया राजनीति होगी, इसकी मैंने कल्पना भी नहीं की थी। कमलनाथ ने अपनी प्रेस कांफ्रेंस में कहा है कि 12 फरवरी को राहुल गांधी ने चेता दिया था। तब कौन मुख्यमंत्री थे कमलनाथ जी? 12 फरवरी से लेकर 23 मार्च तक आप क्या करते रहे? कल तो तारीख भी भूल गए कि कब उन्होंने (कमलनाथ) इस्तीफा दिया था। तब 16 तारीख कह रहे थे। 16 को नहीं, उन्होंने 20 को इस्तीफा दिया था।
I'd never imagined there'll be such bad politics at the time of this crisis. Kamal Nath had said Rahul Gandhi warned about this (#COVID19) on Feb 12. Who was CM then? What did he do till March 23? Can someone be this selfish to stop working as they won't be the CM anymore?: MP CM pic.twitter.com/nqQqY4PUCa
— ANI (@ANI) April 13, 2020
मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के करीब 20 दिन बाद कमलनाथ ने रविवार को कहा था कि कुछ ही दिन में भाजपा और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच हुई डील से पर्दा उठ जाएगा। ऐसी बातें ज्यादा देर तक छिपी नहीं रहती। उन्होंने यह भी कहा था कि प्रदेश में 24 सीटों पर होने वाले उपचुनाव बहुत आसान नहीं होंगे।
इससे पहले उन्होंने कहा था कि कोरोना वायरस को लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने संभावित खतरे को लेकर पहले ही आगाह किया था। मगर इसे गंभीरता से नहीं लिया गया।
राज्य सरकार की मदद के लिए भाजपा ने बनाई टास्क फोर्स
कोराेना संक्रमण की वजह से बनी परिस्थितियों को देखते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के मंत्रिमंडल गठन से पहले एक हाईपावर स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया है। यह कोराेना से लड़ाई के कामकाज की समीक्षा करेगी। साथ ही सरकार और संगठन के बीच समन्वय भी बनाएगी।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा इस टास्क फोर्स के संयोजक हैं।
टास्क फोर्स का गठन ऐसे समय में हुआ है जब प्रदेश में मंत्रिमंडल गठन की सुगबुगाहट तेज है। मुख्यमंत्री चाैहान ने सोमवार को कहा था कि मंत्रिमंडल गठन के बारे में यह विचार था कि लाॅकडाउन 14 अप्रैल को खत्म होने के बाद इसे करेंगे, लेकिन अभी पहला चरण पूरा हुआ है। आगे जैसी परिस्थितियां बनेंगी, पार्टी के साथ विचार करके उस पर निर्णय ले लेंगे।
इस फोर्स में शामिल होने वाले मंत्री पद के भी दावेदार हैं। बताया जा रहा है कि अब अप्रैल के अंतिम सप्ताह के करीब बनने वाली शिवराज की टीम में गोपाल भार्गव और नरोत्तम मिश्रा बड़ी भूमिका में दिखाई दे सकते हैं।
