माखनलाल विश्वविद्यालय की जांच अपराध शाखा को ट्रांसफर, दावा- संघ से जुड़े लोगों को पहुंचाया फायदा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मध्यप्रदेश के भोपाल में स्थित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में कथित तौर पर हुई आर्थिक गड़बड़ियों को लेकर विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार दीपेंद्र सिंह बघेल ने आपराधिक प्रकरण दर्ज करने के लिए शुक्रवार को राज्य आर्थिक अपराध शाखा को पत्र लिखा था। पत्र लिखे जाने के एक दिन बाद ही अब इस मामले को अपराध शाखा को ट्रांसफर कर दिया गया है।
Bhupendra Gupta:A wine cabinet was purchased for his house with uni fund, his (former VC) wife's foreign trip was paid for by university, though he later paid the money back,point is he shouldn't have done it in first place. Country knows he used to sit in TV studios&work for RSS https://t.co/Kdu7mAaiwK
— ANI (@ANI) April 13, 2019विज्ञापन
जांच समिति के सदस्य भूपेंद्र गुप्ता ने कहा कि नियमों की अनदेखी कर उनको तोड़ा गया है। आरएसएस से जुड़े लोगों को विश्वविद्यालय में प्राथमिकता दी गई। अब ये केस आर्थिक अपराध शाखा को ट्रांसफर कर दिया गया है।
भूपेंद्र गुप्ता ने आगे कहा कि विश्वविद्यालय के फंड से पूर्व कुलपति के घर के लिए एक वाइन कैबिनेट खरीदा गया। उनकी पत्नी की विदेश यात्रा के लिए विश्वविद्यालय द्वारा भुगतान किया गया, हालांकि बाद में उन्होंने वो पैसे वापस कर दिए। देश जानता है कि वह टीवी स्टूडियो में बैठकर आरएसएस के लिए काम करते थे।
बता दें कि भोपाल के माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में हुई आर्थिक गड़बड़ियों को लेकर कमलनाथ सरकार सख्त नजर आ रही है। राज्य सरकार ने प्रारंभिक जांच में यह पाया है कि विश्वविद्यालय के धन का बड़े पैमाने पर कथित तौर पर दुरुपयोग किया गया है।
शुक्रवार को विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार दीपेंद्र सिंह बघेल ने इस संबंध में आपराधिक प्रकरण दर्ज करने के लिए राज्य आर्थिक अपराध शाखा को पत्र लिखा था। रिपोर्ट में यह बात भी सामने आई है कि नोएडा कैंपस के लिए हर साल 60 लाख रुपये किराया दिया गया है।
बड़ी बात यह है कि राज्य विश्वविद्यालय होने के कारण माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय की शाखा मध्यप्रदेश के बाहर खोली ही नहीं जा सकती है। अनुमान जताया जा रहा है कि इस संबंध में जल्द ही केस दर्ज हो सकता है।
राज्यसभा सांसद राकेश सिन्हा का भी नाम
बताया जा रहा है कि राज्यसभा सांसद राकेश सिन्हा को संचार के नाम पर 10 लाख रुपए का भुगतान किया गया। इसके अलावा भारतीय शिक्षा मंडल नाम की संस्था को शिक्षा नीति बनाने के लिए चार लाख रुपये दिए गए।
