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मध्य प्रदेश के मदरसों में होगी देश प्रेम की पढ़ाई
amarujala.com- presented by: संदीप भट्ट
Updated Sat, 01 Apr 2017 04:42 AM IST
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Madrasas
- फोटो : reuters
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एजेंसी/भोपाल। मध्य प्रदेश का मदरसा बोर्ड नई पहल करते हुए अपने पाठ्यक्रम में देश प्रेम को शामिल करने की तैयारी कर रहा है। भाजपा शासित मध्य प्रदेश में मदरसा बोर्ड इस्लाम में देश प्रेम पर एक पाठ्यक्रम शामिल करेगा। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व राष्ट्रपति व वैज्ञानिक एपीजे अब्दुल कलाम के साथ देश के प्रमुख नेताओं के जीवन की कहानियों को शामिल किया जाएगा।
मध्य प्रदेश मदरसा बोर्ड अध्यक्ष सैयद इमादउद्दीन ने कहा कि बोर्ड पाठ्यक्रम में ‘वतन से मोहब्बत का इस्लाम धर्म में क्या है महत्व’ विषय शामिल करने की तैयारी कर रहा है। बोर्ड का उद्देश्य है कि इससे छात्र सीख सकें कि वे जिस धर्म का पालन का करते हैं उसे इस देश को प्यार करने वाले और देश के प्रति निष्ठावान लोगों ने कितना ऊंचा दर्जा दिया हुआ है।
उन्होंने बताया कि इसके साथ ही हम नरेंद्र मोदी, शिवराज सिंह चौहान और स्वयं मदरसा के छात्र रहे एपीजे अब्दुल कलाम की जिंदगी की घटनाओं को पाठ्यक्रम में शामिल करेंगे। एपीजे अब्दुल कलाम, पंडित दीनदयाल उपाध्याय व अन्य के संघर्षों और उपलब्धियों को शामिल कर मदरसा छात्रों को शिक्षित करने की कोशिश की जाएगी। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही नर्मदा नदी संरक्षण योजना के लिए चलाए जा रहे ‘नमामी गंगे और नर्मदे’ को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा।
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उन्होंने इस पर सफाई देते हुए कहा कि मुस्लिमों में देश प्रेम पहले ही मौजूद है और यह कोई नई बात नहीं है। किसी को भी यह नहीं सोचना चाहिए जो मदरसों में पढ़ रहे हैं उन्हें देश प्रेम के बारे में पता नहीं होता क्योंकि यह पहले से ही उनके धर्म में शामिल है। इन नए विषयों पर एक समिति जल्द ही अपनी रिपोर्ट राज्य शिक्षा केंद्र को मंजूरी के लिए भेजेगी। वहां से मंजूरी मिलने के बाद मदरसों में ये विषय पढ़ाए जाने लगेंगे।
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मध्य प्रदेश मदरसा बोर्ड अध्यक्ष सैयद इमादउद्दीन ने कहा कि बोर्ड पाठ्यक्रम में ‘वतन से मोहब्बत का इस्लाम धर्म में क्या है महत्व’ विषय शामिल करने की तैयारी कर रहा है। बोर्ड का उद्देश्य है कि इससे छात्र सीख सकें कि वे जिस धर्म का पालन का करते हैं उसे इस देश को प्यार करने वाले और देश के प्रति निष्ठावान लोगों ने कितना ऊंचा दर्जा दिया हुआ है।
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उन्होंने बताया कि इसके साथ ही हम नरेंद्र मोदी, शिवराज सिंह चौहान और स्वयं मदरसा के छात्र रहे एपीजे अब्दुल कलाम की जिंदगी की घटनाओं को पाठ्यक्रम में शामिल करेंगे। एपीजे अब्दुल कलाम, पंडित दीनदयाल उपाध्याय व अन्य के संघर्षों और उपलब्धियों को शामिल कर मदरसा छात्रों को शिक्षित करने की कोशिश की जाएगी। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही नर्मदा नदी संरक्षण योजना के लिए चलाए जा रहे ‘नमामी गंगे और नर्मदे’ को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा।
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उन्होंने इस पर सफाई देते हुए कहा कि मुस्लिमों में देश प्रेम पहले ही मौजूद है और यह कोई नई बात नहीं है। किसी को भी यह नहीं सोचना चाहिए जो मदरसों में पढ़ रहे हैं उन्हें देश प्रेम के बारे में पता नहीं होता क्योंकि यह पहले से ही उनके धर्म में शामिल है। इन नए विषयों पर एक समिति जल्द ही अपनी रिपोर्ट राज्य शिक्षा केंद्र को मंजूरी के लिए भेजेगी। वहां से मंजूरी मिलने के बाद मदरसों में ये विषय पढ़ाए जाने लगेंगे।
