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मध्य प्रदेश: कोयला ढोने वाली ट्रेनों का परिवहन होगा सुचारू, कटनी में बन रहे देश के दो सबसे लंबे रेल फ्लाई ओवर
Wed, 02 Feb 2022 05:05 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कटनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कटनी
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Wed, 02 Feb 2022 05:05 PM IST
सार
कटनी जिले में कोयला ढोने वाली ट्रेनों के सुचारू संचालन के लिए देश के दो सबसे लंबे फ्लाई ओवर का निर्माण किया जा रहा है। 34.9 किलोमीटर लंबाई के रेल फ्लाई ओवर निर्माण की अनुमानित लागत 1,250 करोड़ रुपये है।
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कटनी में हो रहा देश के दो सबसे लंबे रेल फ्लाई ओवर का निर्माण
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
मध्य प्रदेश के कटनी जिले में देश के दो सबसे लंबे फ्लाई ओवर का निर्माण किया जा रहा है। कोयला ढोने वाली ट्रेनों के सुचारू संचालन के लिए ये दो सबसे लंबे रेल फ्लाई ओवर बनाए जा रहे हैं। इनकी कुल लंबाई 34.9 किलोमीटर है। रेल फ्लाई ओवर का निर्माण करीब 1,250 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है।
पश्चिम मध्य रेलवे (डब्ल्यूसीआर) के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी राहुल जयपुरियार के अनुसार कटनी ग्रेड सेपरेशन प्रोजेक्ट के तहत बीना-कटनी-बिलासपुर रूट पर ऊपर और नीचे दोनों तरफ एक-एक फ्लाईओवर बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के पूर्वी हिस्सों में खदानों से कोयले से लदी ट्रेनों की आवाजाही में मदद मिलेगी। वहीं, कटनी-सिंगरौली मार्ग पर चलने वाली कोयला ट्रेनों की इन फ्लाईओवर तक सीधी पहुंच होगी।
जनसंपर्क अधिकारी के अनुसार 1,250 करोड़ रुपये की लागत की ये परियोजना 2020 में शुरू की गई थी, जिसके 2023-24 तक पूरा होने की उम्मीद है। रेल फ्लाई ओवर का करीब 25 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। फ्लाई ओवर में दो मौजूदा रेलवे मार्गों पर आठ रेल-ओवर-रेल (आरओआर) पुल शामिल होंगे, जिसमें नदियों पर छह अन्य पुल शामिल हैं।
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उन्होंने कहा कि जबलपुर-कटनी-मानिकपुर और बीना-कटनी-बिलासपुर मार्गों में अलग-अलग बुनियादी ढांचा है जो कटनी को पार करता है। दो मार्गों के क्रॉस सेक्शन के कारण, कोयले से लदी ट्रेनों को अक्सर यात्री और माल गाड़ियों सहित अन्य ट्रेनों की आवाजाही के लिए कटनी में रोक दिया जाता था। वर्तमान में बीना-कटनी-बिलासपुर मार्ग की डाउन दिशा में तीसरा ट्रैक बिछाने का काम शुरू हो गया है और इस ट्रैक पर एक फ्लाईओवर भी आ रहा है।
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पश्चिम मध्य रेलवे (डब्ल्यूसीआर) के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी राहुल जयपुरियार के अनुसार कटनी ग्रेड सेपरेशन प्रोजेक्ट के तहत बीना-कटनी-बिलासपुर रूट पर ऊपर और नीचे दोनों तरफ एक-एक फ्लाईओवर बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के पूर्वी हिस्सों में खदानों से कोयले से लदी ट्रेनों की आवाजाही में मदद मिलेगी। वहीं, कटनी-सिंगरौली मार्ग पर चलने वाली कोयला ट्रेनों की इन फ्लाईओवर तक सीधी पहुंच होगी।
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जनसंपर्क अधिकारी के अनुसार 1,250 करोड़ रुपये की लागत की ये परियोजना 2020 में शुरू की गई थी, जिसके 2023-24 तक पूरा होने की उम्मीद है। रेल फ्लाई ओवर का करीब 25 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। फ्लाई ओवर में दो मौजूदा रेलवे मार्गों पर आठ रेल-ओवर-रेल (आरओआर) पुल शामिल होंगे, जिसमें नदियों पर छह अन्य पुल शामिल हैं।
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उन्होंने कहा कि जबलपुर-कटनी-मानिकपुर और बीना-कटनी-बिलासपुर मार्गों में अलग-अलग बुनियादी ढांचा है जो कटनी को पार करता है। दो मार्गों के क्रॉस सेक्शन के कारण, कोयले से लदी ट्रेनों को अक्सर यात्री और माल गाड़ियों सहित अन्य ट्रेनों की आवाजाही के लिए कटनी में रोक दिया जाता था। वर्तमान में बीना-कटनी-बिलासपुर मार्ग की डाउन दिशा में तीसरा ट्रैक बिछाने का काम शुरू हो गया है और इस ट्रैक पर एक फ्लाईओवर भी आ रहा है।
