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मध्य प्रदेश: राज्य सूचना आयुक्त ने टीकमगढ़ अपर कलेक्टर पर लगाया जुर्माना,आर्म्स घोटाले की जानकारी छुपाने का मामला

Thu, 07 Apr 2022 05:32 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: अंकिता विश्वकर्मा Updated Thu, 07 Apr 2022 05:32 PM IST
सार

मध्य प्रदेश राज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने आर्म्स घोटाले की जानकारी छुपाने पर टीकमगढ़ अपर कलेक्टर आई जे खलखो के पर 15000 रुपये का जुर्माना लगाया है, वहीं, रीवा के नायब तहसीलदार मान सिंह आर्मो के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई के आदेश दिए हैं। 

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Madhya Pradesh: State Information Commissioner fines Tikamgarh Additional Collector for hiding information about Arms scam
मध्य प्रदेश राज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मध्य प्रदेश राज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने आर्म्स घोटाले की जानकारी छुपाने पर टीकमगढ़ अपर कलेक्टर आई जे खलखो पर 15000 रुपये का जुर्माना लगाया है, वहीं, रीवा के नायब तहसीलदार मान सिंह आर्मो के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई के आदेश दिए हैं। 
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टीकमगढ़ कलेक्टर खलखो पर सतना में हुए आर्म्स घोटाले की जानकारी छुपाने के मामले में जुर्माना लगाया गया है। खलखो पूर्व में अपर कलेक्टर के रूप में सतना में पदस्थ थे। खलखो ने अपने बचाव में आयोग के समक्ष यह दलील दी कि उन्होंने तत्कालीन कलेक्टर सत्येंद्र सिंह द्वारा मौखिक आदेश के चलते जानकारी देने से मना किया था। राज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने जब तत्कालीन कलेक्टर, वर्तमान में भोपाल के नगरी प्रशासन विभाग के अपर आयुक्त से संबंध में स्पष्टीकरण मांगा तो सत्येंद्र सिंह ने जानकारी रोकने से संबंधित किसी भी तरह के दिशा निर्देश देने से इंकार किया। ये जानकारी सामने आने के बाद राज्य सूचना आयुक्त ने खलखो पर जुर्माना लगाया है। 
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वहीं, मानसिंह आर्मों के विरुद्ध राज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने  आरटीआई आवेदक को संबंधित अधिकारी को अंतरित नहीं करने के चलते अनुशासनिक कार्रवाई की। नायाब तहसीलदार रीवा के पद पर रहते हुए भी उन्होंने खुद के स्तर पर जानकारी देने के कोई प्रयास नहीं किए। इस लापरवाही की वजह से एक बुजुर्ग व्यक्ति को अपनी जमीन की जानकारी के लिए रीवा के सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़े। अनुशासनिक कार्रवाई के आदेश देते हुए राहुल सिंह ने कहा कि कानून में स्पष्ट लिखा है कि संबंधित लोक प्राधिकारी को आरटीआई आवेदन मात्र 5 दिन के भीतर अन्य संबंधित अधिकारी को अंतरित करना होगा और क्योंकि सूचना का अधिकार कानून समयबद्ध तरीके से जानकारी देने के लिए प्रतिबद्ध है ऐसे में जानबूझकर की गई लापरवाही के चलते बुजुर्ग व्यक्ति को जमीन की सामान्य जानकारी के लिए परेशान होना पड़ा।
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