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रीवा का यश: 14 महीने के बच्चे ने तीन मिनट में पहचाने 26 देशों के झंडे, बना देश का सबसे कम उम्र वाला गूगल बॉय
Sun, 17 Apr 2022 06:48 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रीवा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रीवा
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Sun, 17 Apr 2022 06:48 PM IST
सार
मध्य प्रदेश के रीवा के रहने वाले 14 महीने के बच्चे यशस्वी का नाम वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया है। उसे ये उपलब्धि तीन मिनट में 26 देशों के राष्ट्रीय झंडों को पहचानने पर मिली है। साथ ही यशस्वी देश में सबसे कम उम्र का पहला गूगल बॉय भी बना है।
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रीवा के रहने वाले 14 महीने के बच्चे यशस्वी का नाम वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया है।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
मध्य प्रदेश के रीवा के रहने वाले 14 महीने के बच्चे यशस्वी का नाम वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया है। उसे ये उपलब्धि तीन मिनट में 26 देशों के राष्ट्रीय झंडों को पहचानने पर मिली है। साथ ही यशस्वी देश में सबसे कम उम्र का पहला गूगल बॉय भी बना है।
बता दें कि 14 महीने की उम्र में कई बच्चे ठीक से बोल भी नहीं पाते, उस उम्र में यशस्वी ने देश-दुनिया में नाम कमाया है। 25 फरवरी 2022 को ऑनलाइन टेस्ट में 26 देशों के नेशनल फ्लैग को याद रखने के लिए यशस्वी का नाम वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है।
यशस्वी का जन्म 25 दिसंबर 2020 को हुआ। पिता संजय मिश्रा मूलत: रीवा जिले के गुढ़ तहसील अंतर्गत अमिलिहा गांव (तमरा देश) के रहने वाले हैं। संजय फिलहाल खनऊ के शालीमार कॉलोनी में रहते हैं। वे लखनऊ में विज्ञापन कंपनी के डायरेक्टर हैं। उनके दो बेटे हैं। बड़ा बेटा पांच साल का व छोटा बेटा 14 महीने का है।
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बता दें कि 14 महीने की उम्र में कई बच्चे ठीक से बोल भी नहीं पाते, उस उम्र में यशस्वी ने देश-दुनिया में नाम कमाया है। 25 फरवरी 2022 को ऑनलाइन टेस्ट में 26 देशों के नेशनल फ्लैग को याद रखने के लिए यशस्वी का नाम वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है।
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यशस्वी का जन्म 25 दिसंबर 2020 को हुआ। पिता संजय मिश्रा मूलत: रीवा जिले के गुढ़ तहसील अंतर्गत अमिलिहा गांव (तमरा देश) के रहने वाले हैं। संजय फिलहाल खनऊ के शालीमार कॉलोनी में रहते हैं। वे लखनऊ में विज्ञापन कंपनी के डायरेक्टर हैं। उनके दो बेटे हैं। बड़ा बेटा पांच साल का व छोटा बेटा 14 महीने का है।
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वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड लंदन की टीम ने बताया कि यशस्वी मिश्रा सबसे छोटा बच्चा है, लेकिन उसका रिकॉर्ड सबसे बड़ा है।
- फोटो : सोशल मीडिया
मां शिवानी मिश्रा ने बताया कि यशस्वी की याददाश्त काफी अच्छी है। वह कोई चीज देख कर नहीं भूलता। उसे बहुत जल्दी ऑब्जर्व करता है। मां ने बताया कि यशस्वी 4 से 8 महीने के बीच फूल और चित्र देखकर पहचान करने लगा था। फ्लैश कार्ड के माध्यम से मां ने यशस्वी को अलग-अलग देशों के झंडे की पहचान करानी शुरू की। अब यशस्वी 194 देशों के राष्ट्रीय झंडे पहचानने का रिकॉर्ड बनाने की तैयारी कर रहा है। बता दें कि गूगल बॉय के नाम से लोकप्रिय कौटिल्य ने चार साल की उम्र में वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था, जबकि यशस्वी ने 14 माह की उम्र में ये कारनामा कर दिखाया।
पिता संजय मिश्रा का कहना है कि वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड लंदन की टीम ने बताया कि यशस्वी मिश्रा सबसे छोटा बच्चा है, लेकिन उसका रिकॉर्ड सबसे बड़ा है। इन्हीं बातों को देखकर वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड की टीम हैरान है। उनके पास अभी तक 14 महीने के बच्चों का कोई रिकॉर्ड नहीं था। हमने टीम को 26 देशों के झंडे का ही वीडियो भेजा था।
पिता संजय मिश्रा का कहना है कि वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड लंदन की टीम ने बताया कि यशस्वी मिश्रा सबसे छोटा बच्चा है, लेकिन उसका रिकॉर्ड सबसे बड़ा है। इन्हीं बातों को देखकर वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड की टीम हैरान है। उनके पास अभी तक 14 महीने के बच्चों का कोई रिकॉर्ड नहीं था। हमने टीम को 26 देशों के झंडे का ही वीडियो भेजा था।
