दिग्विजय की सलाह: वन मंत्री को इस्तीफा देकर सीएम चौहान को पद से हटाने के अभियान में शामिल हो जाना चाहिए
आदिवासी नेता और वन मंत्री विजय शाह को कथित तौर पर सुरक्षा कर्मियों द्वारा गोंडवाना राज्य के तत्कालीन शासक शंकर शाह और उनके बेटे रघुनाथ शाह को उनके स्मारक पर श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित एक समारोह में प्रवेश से वंचित कर दिया गया था। समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शामिल हुए थे।
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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने मध्यप्रदेश के वन मंत्री एवं आदिवासी नेता विजय शाह को शनिवार को सलाह दी कि उन्हें अपनी पार्टी भाजपा से इस्तीफा दे देना चाहिए और शिवराज सिंह चौहान को मुख्यमंत्री पद से हटाने के अभियान में शामिल हो जाना चाहिए। क्योंकि केंंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दौरे के चलते सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मियों द्वारा मालगोदाम स्थित आदिवासी शहीद स्थल पर आयोजित एक समारोह में विजय शाह को प्रवेश से वंचित कर दिया गया था।
सिंह ने कहा, ‘अगर वह (विजय शाह) असम्मानित महसूस करते हैं तो उनके पास दो विकल्प हैं। पहला उन्हें भाजपा से इस्तीफा दे देना चाहिए और दूसरा मौजूदा मुख्यमंत्री (शिवराज सिंह चौहान) को हटाने के अभियान में शामिल हो जाना चाहिए।’
आदिवासी नेता, विजय शाह को कथित तौर पर सुरक्षा कर्मियों द्वारा गोंडवाना राज्य के तत्कालीन शासक शंकर शाह और उनके बेटे रघुनाथ शाह को उनके स्मारक पर श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित एक समारोह में प्रवेश से वंचित कर दिया गया था। समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शामिल हुए थे।
इससे संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिस विजय शाह को कार्यक्रम स्थल में प्रवेश करने से रोकती दिख रही है। इस वीडियो में दिख रहा है कि विजय शाह ने बाद में बाहर से ही इन दोनों अमर शहीदों को नमन किया। इसके अलावा, उन्होंने सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मियों को भी नमन किया और वहां से नाराज होकर चले गए।
बता दें कि अमित शाह ने आजादी के अमृत महोत्सव पर देश और धर्म की रक्षा के लिए प्राणों की आहुति देने वाले जनजातीय नायक अमर शहीद राजा शंकर शाह और उनके पुत्र कुंवर रघुनाथ शाह के 164वें बलिदान दिवस पर शनिवार को मालगोदाम चौक पहुंचकर यहां स्थापित उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। ये दोनों जनजातीय नायक गोंडवाना साम्राज्य के राज परिवार के थे। इन दोनों को 1857 के विद्रोह के दौरान ईस्ट इंडिया कंपनी के शासन के खिलाफ आवाज उठाने के लिए अंग्रेजों ने मार डाला था।
