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मध्य प्रदेश: जूनियर डॉक्टर ने शुरू की हड़ताल, बुधवार से इमरजेंसी सेवाएं भी नहीं देने की चेतावनी

Tue, 21 Dec 2021 04:37 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: दिनेश शर्मा Updated Tue, 21 Dec 2021 04:37 PM IST
सार

बढ़ते काम के दवाब को लेकर भोपाल सहित पूरे प्रदेश में जनियर डॉक्टरों ने मंगलवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल कर दी है। बुधवार से इमरजेंसी सेवाओं से भी दूर रहने की चेतावनी दी है।

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Madhya Pradesh: Junior doctor starts strike, warns not to provide emergency services from Wednesday
जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल शुरू की - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बढ़ते काम के दवाब को लेकर भोपाल सहित पूरे प्रदेश में जनियर डॉक्टरों ने मंगलवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल कर दी है। साथ ही नीट-पीजी काउंसलिंग जल्द कराने और एमडी-एमएस प्रथम वर्ष की जगह जूनियर रेजीडेंट और मेडिकल ऑफिसर रखने की मांग भी की जा रही है। बुधवार से इमरजेंसी सेवाओं से भी दूर रहने की चेतावनी दी है।
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मप्र जूडा संगठन के डॉ. अमित टांडिया का कहना है कि प्रदेश में करीब एक हजार डॉक्टरों की कमी है। बीते आठ महीने से जूडा दबाव में काम कर रहे हैं। प्रदेश सरकार से मांग है कि एमबीबीएस कर चुके छात्रों को मदद के लिए रखा जाए। हमारी मांग है कि जब तक जूनियर डॉक्टर्स के नए एडमिशन से नहीं हो जाते, तब तक नॉन एकेडमिक जूनियर डॉक्टर की नियुक्ति कर जूनियर डॉक्टर्स का कार्यभार कम किया जाएl टांडिया का कहना है कि काउंसलिंग में देरी भी की वजह से परेशानी हो रही है। 1 जून को जाने वाले पीजी प्रथम वर्ष के जूनियर डॉक्टर अभी तक नहीं आए हैं। इससे काम का दबाव बढ़ रहा है। वहीं फोर्डा यानी फेडरेशन ऑफ रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय संगठन ने केंद्र सरकार से मांग की है कि काउंसलिंग जल्दी कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट में पक्ष जल्दी रखें। फोर्डा ने इस मांग को लेकर महीने में दूसरी बार हड़ताल की है और मध्य प्रदेश के जूनियर डॉक्टरों भी हड़ताल के माध्यम से समर्थन दे रहे हैं। बता दें कि नीट-पीजी काउंसलिंग का मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है।
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गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी), भोपाल जूनियर डॉक्टरों ने मंगलवार सुबह आठ बजे से आंदोलन शुरू किया। उन्होंने सिर्फ इमरजेंसी सेवाओं में सहयोग किया है। बुधवार से इमरजेंसी में भी काम नहीं करने की भी चेतावनी दी है। जूडा की मांग है अत्यावश्यक सेवा प्रबंधन अधिनियम (एस्मा) भी लागू नहीं किया जा रहा है। उधर, जीएमसी भोपाल के डीन डॉ. अरविंद राय का मामले में कहना है कि जूनियर डॉक्टरों की जगह कंसल्टेंट्स काम कर रहे हैं। ऑपरेशन भी नहीं टाले गए हैं। इमरजेंसी बंद करने का नोटिस जूडा ने अभी नहीं दिया है।
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