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Madhya Pradesh: प्रत्यक्ष प्रणाली से महापौर चुनाव का नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ तो हाईकोर्ट में दाखिल करें फ्रेश याचिका: सुप्रीम कोर्ट
Thu, 06 Jan 2022 06:35 PM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Thu, 06 Jan 2022 06:35 PM IST
सार
नागरिक उपभोक्ता मार्ग दर्शन मंच की महापौर के प्रत्यक्ष चुनाव कराने की याचिका पर युगलपीठ ने याचिकाकर्ता को नोटिफिकेशन जारी न होने पर फ्रेश याचिका दायर करने की सलाह दी।
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : Social Media
विस्तार
जबलपुर में महापौर का चुनाव जनता द्वारा किए जाने की मांग करते हुए सर्वोच्च न्यायालय में दायर याचिका के रेस्टोरेशन के आवेदन को याचिकाकर्ता ने वापस ले लिया है। सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश एल नागेश्वर और जस्टिस डी आर गवई के समक्ष अप्रत्यक्ष रूप से महापौर का चुनाव कराए जाने के संबंध में 26 जनवरी 2021 को कानून अधिसूचित हुआ था। इसके बाद युगलपीठ ने इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी नहीं किए जाने पर याचिकाकर्ता को हाईकोर्ट में फ्रेश याचिका दायर करने की सलाह दी है।
दरअसल, नागरिक उपभोक्ता मार्ग दर्शन मंच ने महापौर का चुनाव जनता के माध्यम से कराए जाने की मांग की थी। हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। इसे उच्च न्यायालय ने सुनवाई के बाद खारिज कर दिया था। हाईकोर्ट में याचिका खारिज होने के बाद सर्वोच्च न्यायालय में एसएलपी दायर की गई। इस दौरान प्रदेश सरकार ने सितम्बर 2020 में महापौर का चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से कराए जाने के संबंध में अधिसूचना जारी की। अधिसूचना के आधार पर सर्वोच्च न्यायालय ने याचिका को खारिज कर दिया था।
परिस्थितियों में बदलाव होने के बाद याचिकाकर्ता ने पारित आदेश रिकॉल करने का आग्रह किया गया था। आवेदन की सुनवाई करते हुए युगलपीठ ने याचिकाकर्ता को नोटिफिकेशन जारी न होने पर फ्रेश याचिका दायर करने की सलाह दी।
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दरअसल, नागरिक उपभोक्ता मार्ग दर्शन मंच ने महापौर का चुनाव जनता के माध्यम से कराए जाने की मांग की थी। हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। इसे उच्च न्यायालय ने सुनवाई के बाद खारिज कर दिया था। हाईकोर्ट में याचिका खारिज होने के बाद सर्वोच्च न्यायालय में एसएलपी दायर की गई। इस दौरान प्रदेश सरकार ने सितम्बर 2020 में महापौर का चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से कराए जाने के संबंध में अधिसूचना जारी की। अधिसूचना के आधार पर सर्वोच्च न्यायालय ने याचिका को खारिज कर दिया था।
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परिस्थितियों में बदलाव होने के बाद याचिकाकर्ता ने पारित आदेश रिकॉल करने का आग्रह किया गया था। आवेदन की सुनवाई करते हुए युगलपीठ ने याचिकाकर्ता को नोटिफिकेशन जारी न होने पर फ्रेश याचिका दायर करने की सलाह दी।
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