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मध्य प्रदेश: जूनियर नेशनल की हॉकी खिलाड़ी ने की परिवार सहित आत्मदाह की कोशिश, प्रशासन द्वारा झोपड़ी तोड़ने से नाराज
Mon, 02 May 2022 06:06 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मंदसौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मंदसौर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Mon, 02 May 2022 06:06 PM IST
सार
मध्य प्रदेश के मंदसौर में जूनियर नेशनल की हॉकी खिलाड़ी ने परिवार सहित आत्मदाह करने की कोशिश की। पूरे परिवार ने खुद पर केरोसिन डाल लिया था। मौके पर मौजूद पुलिस-प्रशासन ने उन्हें रोका। वे सभी अपनी झोपड़ी तोड़े जाने से नाराज थे।
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मंदसौर में जूनियर नेशनल की हॉकी प्लेयर सागू डावर रहती हैं। प्रशासन ने सोमवार को उनका कच्चा झोपड़ा तोड़ दिया।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
मध्य प्रदेश के मंदसौर में जूनियर नेशनल की हॉकी खिलाड़ी ने परिवार सहित आत्मदाह करने की कोशिश की। पूरे परिवार ने खुद पर केरोसिन डाल लिया था। मौके पर मौजूद पुलिस-प्रशासन ने उन्हें रोका। वे सभी अपनी झोपड़ी तोड़े जाने से नाराज थे।
बता दें कि मंदसौर में जूनियर नेशनल की हॉकी प्लेयर सागू डावर रहती हैं। प्रशासन ने सोमवार को उनका कच्चा झोपड़ा तोड़ दिया। प्रशासन का दावा है कि उन्होंने 18 वर्षीय सागू को रहने के लिए जमीन आवंटित कर दी है, लेकिन हॉकी खिलाड़ी सागू ऐसा होने से इनकार कर रही हैं। पुलिस और सागू के परिवार में जमकर बहसबाजी भी हुई। झोपड़ा तोड़े जाने से नाराज सागु और उसके परिवार ने खुद पर केरोसिन डालकर आत्मदाह करने की भी कोशिश की। लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस-प्रशासन ने उन्हें ऐसा करने से रोक लिया।
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बता दें कि मंदसौर में जूनियर नेशनल की हॉकी प्लेयर सागू डावर रहती हैं। प्रशासन ने सोमवार को उनका कच्चा झोपड़ा तोड़ दिया। प्रशासन का दावा है कि उन्होंने 18 वर्षीय सागू को रहने के लिए जमीन आवंटित कर दी है, लेकिन हॉकी खिलाड़ी सागू ऐसा होने से इनकार कर रही हैं। पुलिस और सागू के परिवार में जमकर बहसबाजी भी हुई। झोपड़ा तोड़े जाने से नाराज सागु और उसके परिवार ने खुद पर केरोसिन डालकर आत्मदाह करने की भी कोशिश की। लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस-प्रशासन ने उन्हें ऐसा करने से रोक लिया।
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इस झोपड़े को प्रशासन ने तोड़ दिया है।
- फोटो : फाइल फोटो
प्रशासन के सूत्रों ने बताया कि करीब 40 साल पहले सागू डावर का परिवार मंदसौर में तत्कालीन समय में बन रहे नूतन स्टेडियम का निर्माण करने आया था। उसी दौरान उन्हें स्टेडियम के समीप बसाया गया था। तब से ही यह परिवार यहीं रह रहा था। लेकिन जिस जमीन पर सागू के घरवाले रह रहे थे वो जमीन शिक्षा विभाग की है, अब उस पर खेल गतिविधियों के चलते स्टेडियम बनना प्रस्तावित है। इसी कारण प्रशासन सागू के परिवार को यहां से हटाकर नजदीक ही अलावदाखेड़ी गांव में रहने के लिए कह रहा है, लेकिन सागू शहर में ही रहने की जगह चाहती हैं।
सागू हॉकी की बेहतरीन प्लेयर हैं। वे 6 बार जूनियर नेशनल खेल चुकी हैं। सागू के अनुसार वे अब तक तमिलनाडु, केरल, असम, दो बार झारखंड, भोपाल और ग्वालियर में हुई जूनियर नेशनल हॉकी मैच में सहभागिता कर चुकी हैं। सागू के पिता का निधन काफी लंबे समय पहले ही हो गया था। परिवार में मां और दो छोटे भाई और बहनें हैं। घर चलाने के लिए सागू पढ़ाई और हॉकी सीखने के साथ-साथ लोगों के घरों पर बर्तन और झाड़ू पोछा लगाने का काम भी करती है। इसी कारण उनकी मांग है की उन्हें जगह शहर में दे दी जाए ताकि उन्हें आने-जाने और काम करने में परेशानियां ना आए। सागू ने प्रशासन से साफ कर दिया है की अगर उन्हें उचित जगह नहीं दी जाती है तो वे दो साल तक उसी टूटी हुई झोपड़ी में रहकर पढ़ाई सहित अपने अन्य काम करेंगी।
सागू हॉकी की बेहतरीन प्लेयर हैं। वे 6 बार जूनियर नेशनल खेल चुकी हैं। सागू के अनुसार वे अब तक तमिलनाडु, केरल, असम, दो बार झारखंड, भोपाल और ग्वालियर में हुई जूनियर नेशनल हॉकी मैच में सहभागिता कर चुकी हैं। सागू के पिता का निधन काफी लंबे समय पहले ही हो गया था। परिवार में मां और दो छोटे भाई और बहनें हैं। घर चलाने के लिए सागू पढ़ाई और हॉकी सीखने के साथ-साथ लोगों के घरों पर बर्तन और झाड़ू पोछा लगाने का काम भी करती है। इसी कारण उनकी मांग है की उन्हें जगह शहर में दे दी जाए ताकि उन्हें आने-जाने और काम करने में परेशानियां ना आए। सागू ने प्रशासन से साफ कर दिया है की अगर उन्हें उचित जगह नहीं दी जाती है तो वे दो साल तक उसी टूटी हुई झोपड़ी में रहकर पढ़ाई सहित अपने अन्य काम करेंगी।
