फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Madhya Pradesh High Court - Hearing on OBC reservation case now on 7 October

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट: ओबीसी आरक्षण मामले पर सुनवाई अब 7 अक्टूबर को 

Thu, 30 Sep 2021 04:55 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: Amit Mandal Updated Thu, 30 Sep 2021 04:55 PM IST
सार

27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण पर रोक हटाए जाने को लेकर 20 सितंबर को चीफ जस्टिस मोहम्मद रफीक और जस्टिस विजय शुक्ला की दो सदस्यीय बेंच में सुनवाई हुई थी।

विज्ञापन
Madhya Pradesh High Court - Hearing on OBC reservation case now on 7 October
mp highcourt - फोटो : social media

विस्तार

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 फीसदी प्रतिशत आरक्षण पर गुरुवार 30 सितंबर को होने वाली सुनवाई समय की कमी के कारण नहीं हो पाई। अब इस मामले की सुनवाई 7 अक्टूबर को होगी। इस मामले की सुनवाई आखिरी दौर में चल रही है। राज्य सरकार द्वारा अन्य प्रकरणों में दिए गए 27 प्रतिशत आरक्षण को दी गई चुनौती के मामले को भी हाईकोर्ट ने इसी के साथ जोड़ दिया है। इसकी सुनवाई भी 7 अक्टूबर को होगी।

विज्ञापन


27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण पर रोक हटाए जाने को लेकर 20 सितंबर को चीफ जस्टिस मोहम्मद रफीक और जस्टिस विजय शुक्ला की दो सदस्यीय बेंच में सुनवाई हुई थी। राज्य सरकार का पक्ष सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने रखा था। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने सरकार से आरक्षण 14 प्रतिशत ही जारी रखने का आदेश दिया। इससे पहले एक सितंबर को राज्य सरकार की ओर से सभी स्थगन आदेश हटाने को लेकर लगाए गए अंतरिम आवेदन को हाईकोर्ट खारिज कर चुका है।
विज्ञापन


सरकार ने अपने जवाब में कहा कि पहले ही बताया जा चुका है कि प्रदेश में 50 फीसदी से अधिक ओबीसी की आबादी है। इनके सामाजिक, आर्थिक पिछड़ेपन को दूर करने के लिए 27 फीसदी आरक्षण जरूरी है। कहा कि 1994 में इंदिरा साहनी केस में भी सुप्रीम कोर्ट ने विशेष परिस्थितियों में 50 फीसदी से अधिक आरक्षण देने का प्रावधान रखा।
विज्ञापन
विज्ञापन


उधर, हाईकोर्ट में सरकार के 27 फीसदी आरक्षण को चुनौती देने वाली छात्रा असिता दुबे सहित अन्य की ओर से पक्ष रख रहे अधिवक्ता कोर्ट को बता चुके हैं कि 5 मई 2021 को मराठा आरक्षण को सुप्रीम कोर्ट ने 50 फीसदी से अधिक आरक्षण होने के आधार पर ही खारिज किया था। ऐसी ही परिस्थितियां मध्यप्रदेश में भी है। यही फैसला सुप्रीम कोर्ट ने 1994 में इंदिरा साहनी के मामले में भी दिया था।


हाईकोर्ट ने 19 मार्च 2019 को प्रदेश में 14 फीसदी ओबीसी आरक्षण की सीमा बढ़ाए जाने पर रोक लगाई थी। अभी हाईकोर्ट ने बढ़े हुए आरक्षण पर रोक बरकरार रखी है। हाईकोर्ट ने कहा कि इस मामले में सभी पक्षों को सुनने के बाद ही अंतिम फैसला सुनाया जाएगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed