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राम रथ पर सवार होकर मध्यप्रदेश जीतने निकली कांग्रेस, 13 दिन में नापेंगे 820 किमी

Fri, 05 Oct 2018 03:01 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Updated Fri, 05 Oct 2018 03:01 PM IST
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Madhya pradesh for winning this time Congress party rode on Ram chariot
मध्यप्रदेश में होने वाले विधानसभा को लेकर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस पार्टी ने कमर पूरी तरह से कस ली है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस बार चुनाव सॉफ्ट हिंदुत्व मुद्दे के साथ लड़ने की योजना बनाई है। पिछले 15 सालों से मध्यप्रदेश में काबिज भाजपा की शिवराज सरकार को किनारे लगाने के लिए कांग्रेस भगवान राम का सहारा लेगी। इसी कड़ी में पार्टी ने प्रदेश में राम वन गमन पथ यात्रा शुरू कर दी है।
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यह रथयात्रा चित्रकूट से चलकर सात जिलों की 27 सीटों से गुजरेगी। इन 27 में से 15 सीटें भाजपा, 11 कांग्रेस और एक बसपा के पास है। रास्ते में 75 बड़े मंदिर पड़ेंगे इनमें 70 राम मंदिर हैं। 820 किमी की यात्रा कर रथ 15 अक्टूबर को चित्रकूट पहुंचेगा, जहां यात्रा समाप्त होगी।    
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राजनीति के जानकार इस पूरी यात्रा को राहुल गांधी का सॉफ्ट हिंदुत्व एजेंडा बता रहे हैं। विंध्य की इन सीटों का जातिगत महत्व भी है। यहां जितने सवर्ण हैं, उतने ही आदिवासी और अन्य भी हैं जिनका वोटो पर खासा असर रहा है।  कांग्रेस के रणनीतिकारों का मानना है कि राम रथ विंध्य में पार्टी को मजबूत करेगा।
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राम वन गमन पथ क्या है 
राम वन गमन पथ की शुरुआत 2004 में उमा भारती की सरकार में की गई थी। इस पूरे पथ को  टूरिज्म सर्किट बनाने की घोषणा भी की गई थी। 14 साल पहले की गई इस घोषणा पर अभी तक 33 करोड़ खर्च हुआ। 2007 में शिवराज ने पथ को बनाने का वादा किया।

शोध के लिए 11 विद्वानों की समिति भी बनाई। फिर 2011 में इस 11 लोगों की समिति ने रिपोर्ट सरकार को दी। इसपर दो चरणों में सर्वे भी किया गया। 2018 तक इसपर 33 करोड़ रुपये का खर्च आया है। इस पूरे पथ पर अब कांग्रेस अपना रथ निकाल रही है। 

क्यों निकाल रही है कांग्रेस रथ यात्रा 

अगर रामायण में भगवान राम के वनवास की बात करें तो अयोध्या से लगभग 84 कोस यानी 260 किमी दूर चित्रकूट में ही राम ने अपने वनवास के करीब 12 साल बिताए थे। अयोध्या से लंका तक पूरे राम वन गमन पथ पर 13 पड़ाव आते हैं। उनमें तीन चित्रकूट, सतना और दंडकारण्य का एक हिस्सा मध्यप्रदेश में है। बताते हैं कि वनवास के दौरान राम जिन रास्तों से निकले थे, उनसे जुड़े 249 स्थल मध्यप्रदेश में ही हैं और इनकी पहचान भी कर ली गई है। इनमें से कई स्थान सतना, रीवा, पन्ना, छतरपुर, शहडोल और अनूपपुर जिले में मौजूद हैं। 

Madhya pradesh for winning this time Congress party rode on Ram chariot
राहुल गांधी
सीटों के बंटवारें से समझें कौन कितने पानी में

पन्ना क्षेत्र में दो सीटें भाजपा और एक सीट कांग्रेस के पास है। अगर वहां के वोटों का गणित समझने की कोशिश करें तो पवई में लोधी 17 प्रतिशत, ब्राह्मण 13 प्रतिशत और अहिरवार निर्णायक हैं। गुन्नौर व पन्ना में क्षत्रिय व ब्राह्मण आबादी अन्य के मुकाबले अधिक हैं। 

कटनी में भाजपा के पास तीन सीटें हैं जबकि कांग्रेस के पास एक मौजूद है। वोटों के गणित अनुसार  विजयराघवगढ़ में 15 फीसदी ब्राह्मण, 8 प्रतिशत राजपूत व 13 प्रतिशत कोल वर्ग है। बहोरीबंद में 22 प्रतिशत पटेल व 16 फीसदी गोंड हैं। मुड़वारा सीट पर मुस्लिम आबादी 12 फीसदी है, ये काफी प्रभावी भी हैं। 
 
जबलपुर में भाजपा छह सीटों पर काबिज है जबकि कांग्रेस के पास दो सीटे हैं।  यहां भी दोनों पार्टियों का वोटों का गणित 28 और 18 फीसदी का है।  सिहोरा और बरगी सीट पर गोंड क्रमश: 28 व 18 फीसदी हैं। शेष पाटन, जबलपुर पूर्व, जबलपुर उत्तर, जबलपुर कैंट, जबलपुर पश्चिम और पनागर पर अनारक्षित वर्ग का प्रभाव है। उत्तर सीट पर 22 फीसदी जैन भी हैं। इसी तरह पूर्व की सीट पर 28 फीसदी मुस्लिम मतदाता खासा असर डालते हैं। 
 
डिंडोरी में भाजपा और कांग्रेस एक-एक सीट पर है और दोनों में कांटे की टक्कर भी है।  वोटों का गणित समझने के लिए यहां की गोंड जाति के आंकड़े को समझना होगा। डिंडोरी में 45 प्रतिशत और शाहपुरा में 44.5 प्रतिशत गोंड हैं। जबकि दलित पांच से सात फीसदी हैं। 

Madhya pradesh for winning this time Congress party rode on Ram chariot
shivraj-rahul gandhi
जिन 7 जिलों से रथ गुजरेगा, वहां सवर्ण-आदिवासी सबसे ज्यादा 

कांग्रेस चूंकि अब राम के भरोसे अपना ठौर तलाश रही है इस कड़ी में वह जिन सात जिलों से रथ गुजरने वाला है वहां सवर्ण और आदिवासी की संख्या सबसे अधिक हैं। लेकिन अब देखना यह होगा कि रथ पर चढ़कर कांग्रेस को मध्यप्रदेश की कुर्सी हाथ लगती है या नहीं। 

सतना में भाजपा की तीन, कांग्रेस की तीन और बसपा की एक सीट है।  चित्रकूट, रैगांव और सतना में ब्राह्मण आबादी 26 प्रतिशत, राजपूत और वैश्य 5 से 10 फीसदी। सतना में 10.3 फीसदी मुस्लिम। इस क्षेत्र में सबसे ज्यादा 23 मंदिरों में रथ जाएगा। 

रामपुर बघेलान में 22.1 प्रतिशत ब्राह्मण व 8.4 प्रतिशत क्षत्रिय और 21 प्रतिशत पटेल हैं।  

नागौद में 15 प्रतिशत ब्राह्मण व 12.4 प्रतिशत क्षत्रिय, 13 फीसदी पटेल आबादी है। जबकि मैहर के अमरपाटन में 12 से 16 फीसदी कोल जनजाति, मैहर में 14.3 व अमरपाटन में 17 फीसदी ब्राह्मण। 

शहडोल  में सीटों को देखें तो भाजपा की दो और कांग्रेस के पास एक सीट है।  जबकि वोटों का गणित समझने का पास  ब्यौहारी,जयसिंहनगर व शहडोल महत्वपूर्ण सीटें हैं। गोंड की आबादी 23 से 31 फीसदी तक है, ब्यौहारी में 13 फीसदी कोल भी हैं, ब्राह्मण, क्षत्रिय व वैश्य 15 से 20 फीसदी, तीन सीटों पर तीन से छह प्रतिशत मुस्लिम हैं। 
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