मध्यप्रदेश में कोरोनाः संक्रमित मरीजों की संख्या 2560 हुई, अब तक 130 लोगों की मौत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मध्य प्रदेश स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक राज्य में 173 नए केस सामने आए। इसी के साथ राज्य में कोरोना के 2560 मामले हो गए है और 130 लोगों की मौत हो चुकी है। इंदौर में 1476 मामले और 65 मौतें दर्ज की गई हैं जबकि भोपाल में 483 मामले और 14 मौतें हुई हैं।
इंदौर में 39 और मरीजों ने जीती कोरोना से जंग
देश में कोरोना वायरस के प्रकोप से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में शामिल इंदौर में इलाज के बाद 39 और मरीजों ने इस महामारी को बुधवार को मात दे दी।अधिकारियों ने बताया कि निजी क्षेत्र के श्री अरबिंदो इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (सैम्स) से 38 लोगों और शासकीय मनोरमा राजे टीबी (एमआरटीबी) चिकित्सालय से एक व्यक्ति को छुट्टी दी गई। उन्होंने बताया कि इलाज के बाद कोरोना वायरस के ये सभी 39 मरीज संक्रमण से मुक्त हो गये हैं। इसके बाद जिले में इस महामारी को हराने वाले लोगों की तादाद बढ़कर 216 पर पहुंच गई है।
अधिकारियों ने बताया कि जिले में अब तक इस महामारी के 1,466 मरीज मिल चुके हैं। इनमें से 65 लोगों की इलाज के दौरान मौत हो चुकी है। इंदौर में कोरोना वायरस का पहला मरीज मिलने के बाद से प्रशासन ने 25 मार्च से शहरी सीमा में कर्फ्यू लगा रखा है, जबकि जिले के अन्य स्थानों पर सख्त लॉकडाउन लागू है।
'खाकी' की गाड़ियों को कोरोना से बचाने के लिए आरक्षक ने बनाया खास चैम्बर
पुलिस की गाड़ियों को कोरोना वायरस संक्रमण की वाहक बनने से बचाने के लिए यहां 34 वर्षीय एक आरक्षक ने जुगाड़ से विशेष चैम्बर बनाया है। उसकी इस नवाचारी पहल की पुलिस महकमे में खूब तारीफ हो रही है।
इंदौर, देश में कोरोना वायरस के प्रकोप से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में शामिल है। पुलिस आरक्षक रामकृष्ण रघुवंशी (34) द्वारा तैयार किए गए चैम्बर का उप महानिरीक्षक (डीआईजी) हरिनारायणचारी मिश्र ने बुधवार को जिला आरक्षित पुलिस (डीआरपी) लाइन में औपचारिक उद्घाटन किया और उसे नकद पुरस्कार प्रदान किया।
चंदन नगर पुलिस थाने में पदस्थ रघुवंशी ने से कहा, 'मैंने अपने कुछ साथी पुलिसकर्मियों को कोरोना वायरस की चपेट में आते देखा है। मुझे लगा कि अगर हमारी गाड़ियों को संक्रमणमुक्त बनाए रखा जाए, तो पुलिसकर्मियों पर इस महामारी का खतरा थोड़ा कम हो सकता है।'
दो आईपीएस अफसरों समेत करीब 15 पुलिसकर्मी कोरोना वायरस की चपेट में
स्नातकोत्तर डिग्रीधारक आरक्षक ने कहा, 'मैंने पिछले 10 दिन में यू-ट्यूब एवं अन्य स्रोतों से जानकारी जुटाकर एक वेल्डर की मदद से करीब 25,000 रुपये की लागत से एक चैम्बर बनाया है। जैसे ही कोई गाड़ी इस चैम्बर से गुजरती है, सेंसर की मदद से फव्वारे दवा का तेज छिड़काव शुरू कर देते हैं। इससे चंद सेकंड में गाड़ी को संक्रमणमुक्त किया जा सकता है।"
रघुवंशी ने बताया कि उनके बनाये चैम्बर को डीआरपी लाइन में लगाया गया है जहां पुलिस की सभी गाड़ियों को नियमित रूप से संक्रमणमुक्त किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस के अधिकारी-कर्मचारी जिले के 170 से ज्यादा रोकथाम क्षेत्रों (कंटेनमेंट जोन) और कोरोना वायरस के संक्रमण के लिहाज से अन्य संवेदनशील इलाकों में ड्यूटी कर रहे हैं। कर्फ्यू और लॉकडाउन का पालन कराने के लिए भी पुलिस की गाड़ियां जिले में लगातार गश्त कर रही हैं।
अधिकारियों के मुताबिक जिले में अब तक दो आईपीएस अफसरों समेत करीब 15 पुलिसकर्मी कोरोना वायरस की चपेट में आ चुके हैं। इनमें शामिल 41 वर्षीय पुलिस निरीक्षक की इलाज के दौरान मौत हो चुकी है। इलाज के बाद कुछ पुलिसकर्मी इस महामारी को मात भी दे चुके हैं।
इंदौर में कोरोना वायरस का पहला मरीज मिलने के बाद से प्रशासन ने 25 मार्च से शहरी सीमा में कर्फ्यू लगा रखा है, जबकि जिले के अन्य स्थानों पर सख्त लॉकडाउन लागू है।
क्वारंटीन सेंटर में युवक ने लगाई फांसी
मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के अमानगंज शहर में एक 19 वर्षीय मजदूर ने क्वारंटीन सेंटर में आत्महत्या कर ली। अमानगंज शासकीय महाविद्यालय में बनाए गए क्वारंटीन सेंटर में मंगलवार को सुबह एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
सेंटर में युवक के पांच और दोस्त भी साथ हैं। इसके अलावा सेंटर में बाहर से लाए गए मजदूरों को भी रखा गया है। युवक ने एक कमरे में खिड़की से रस्सी बांधकर फांसी लगा ली। पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है, हालांकि, फांसी लगाने की वजह सामने नहीं आई है।
अमानगंज थाना प्रभारी राकेश तिवारी ने बताया कि युवक महेवा का रहने वाला है। 24 अप्रैल को सागर जिले के गढ़ाकोटा से अपने पांच साथियों के साथ पन्ना आया हुआ था। स्वास्थ्य परीक्षण के लिए इन्हें अमानगंज शासकीय महाविद्यालय में बनाए गए क्वारंटीन सेंटर में रखा गया था।
गढ़ाकोटा में काम बंद हो जाने के कारण ये लोग बेरोजगार हो गए थे। ऐसे में युवक और उसके पांच दोस्त अपने घर लौटे तो प्रशासन ने अमानगंज के क्वारंटीन सेंटर में उन्हें रखा है। मंगलवार को ही युवक के पिता उसके गांव महेवा से मिलने भी आए थे। यहां मजदूरों की देखरेख, स्वास्थ्य परीक्षण और खाने-पीने आदि की व्यवस्था यहां की गई है।
