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मध्य प्रदेश कांग्रेस का आरोप: मुख्यमंत्री के ओएसडी ने लीक किया ऑनलाइन शिक्षक वर्ग-3 पात्रता परीक्षा का पेपर
Sat, 26 Mar 2022 11:22 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Sat, 26 Mar 2022 11:22 PM IST
सार
एमपी कांग्रेस ने कर्मचारी चयन बोर्ड की ऑनलाइन मध्य प्रदेश प्राथमिक पात्रता शिक्षक वर्ग-3 की परीक्षा में चहेतों को भर्ती कराने प्रश्नपत्र लिक करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस का आरोप है कि ऑनलाइन परीक्षा का प्रश्नपत्र सीएम के ओएसडी के मोबाइल में मिला है। इसकी उन्होंने सीएम से जांच कराने की मांग की है।
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कांग्रेस की तरफ से उपलब्ध कराया ओएसडी के मोबाइल का स्क्रीन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश कांग्रेस ने कर्मचारी चयन बोर्ड की ऑनलाइन मध्य प्रदेश प्राथमिक पात्रता शिक्षक वर्ग-3 की परीक्षा में चहेतों को भर्ती कराने प्रश्नपत्र लीक करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस का आरोप है कि ऑनलाइन परीक्षा का प्रश्न पत्र सीएम के ओएसडी के मोबाइल में मिला है। इसकी उन्होंने सीएम से जांच कराने की मांग की है।
प्रदेश कांग्रेस महामंत्री व मीडिया प्रभारी के.के. मिश्रा ने व्यापमं के तीसरी बार बदले गए नाम ‘कर्मचारी चयन बोर्ड’ की भर्ती में गड़बड़ी का गंभीर आरोप लगाया है। मिश्रा ने कहा कि मप्र प्राथमिक पात्रता शिक्षक वर्ग-3 की परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक कर अयोग्य और चेहतों को भर्ती करने का खेल चल रहा है। उन्होंने कहा कि जब परीक्षा ऑनलाइन हो रही है, इसमें मोबाइल फोन पूरी तरह वर्जित है तो मुख्यमंत्री के पदस्थ मौजूदा ओएसडी लक्ष्मणसिंह मरकाम के मोबाइल में 25 मार्च का संपन्न 35 पृष्ठीय प्रश्नपत्र और आंसरशीट कैसे पहुंची। उनका मोबाइल तुरंत जब्त कर निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि लक्ष्मण सिंह मरकाम नौसेना आयुध संगठन में कार्यरत थे। जिन्हें रक्षा मंत्रालय से प्रतिनियुक्ति पर लोकर उपसचिव पदस्थ किया गया है। वे अभी आदिवासी मामले देख रहे हैं।
व्यापमं में भी पूर्व ओएसडी का नाम
मिश्रा ने कहा कि पूर्व में सामने आए व्यापमं घोटाले में मुख्यमंत्री के शासकीय आवास में रह रहे तत्कालीन ओएसडी प्रेमप्रकाश का नाम आरोपी के रूप में सामने आया था। उन्हें जिला न्यायालय भोपाल से अग्रिम जमानत करवानी पड़ी थी।
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निष्पक्ष जांच कराएं सीएम
मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कम से कम इस गंभीर मुद्दे की ईमानदारी पूर्वक व निष्पक्ष जांच करवाएं। वे योग्य शिक्षित बेरोजगारों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न कर सकें। मिश्रा ने कहा कि व्यापमं से लेकर कर्मचारी चयन बोर्ड बेरोजगारों से 10 सालों में फीस के रूप में 455 करोड़ रुपये वसूलने के बाद भी छवि नहीं सुधार पा रहा है।
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प्रदेश कांग्रेस महामंत्री व मीडिया प्रभारी के.के. मिश्रा ने व्यापमं के तीसरी बार बदले गए नाम ‘कर्मचारी चयन बोर्ड’ की भर्ती में गड़बड़ी का गंभीर आरोप लगाया है। मिश्रा ने कहा कि मप्र प्राथमिक पात्रता शिक्षक वर्ग-3 की परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक कर अयोग्य और चेहतों को भर्ती करने का खेल चल रहा है। उन्होंने कहा कि जब परीक्षा ऑनलाइन हो रही है, इसमें मोबाइल फोन पूरी तरह वर्जित है तो मुख्यमंत्री के पदस्थ मौजूदा ओएसडी लक्ष्मणसिंह मरकाम के मोबाइल में 25 मार्च का संपन्न 35 पृष्ठीय प्रश्नपत्र और आंसरशीट कैसे पहुंची। उनका मोबाइल तुरंत जब्त कर निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि लक्ष्मण सिंह मरकाम नौसेना आयुध संगठन में कार्यरत थे। जिन्हें रक्षा मंत्रालय से प्रतिनियुक्ति पर लोकर उपसचिव पदस्थ किया गया है। वे अभी आदिवासी मामले देख रहे हैं।
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व्यापमं में भी पूर्व ओएसडी का नाम
मिश्रा ने कहा कि पूर्व में सामने आए व्यापमं घोटाले में मुख्यमंत्री के शासकीय आवास में रह रहे तत्कालीन ओएसडी प्रेमप्रकाश का नाम आरोपी के रूप में सामने आया था। उन्हें जिला न्यायालय भोपाल से अग्रिम जमानत करवानी पड़ी थी।
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निष्पक्ष जांच कराएं सीएम
मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कम से कम इस गंभीर मुद्दे की ईमानदारी पूर्वक व निष्पक्ष जांच करवाएं। वे योग्य शिक्षित बेरोजगारों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न कर सकें। मिश्रा ने कहा कि व्यापमं से लेकर कर्मचारी चयन बोर्ड बेरोजगारों से 10 सालों में फीस के रूप में 455 करोड़ रुपये वसूलने के बाद भी छवि नहीं सुधार पा रहा है।
