फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Madhya Pradesh by-elections: Shivraj and Kamal Nath again face to face in one Lok Sabha and three assembly seats bypolls in state

मध्यप्रदेश उपचुनाव: शिवराज और कमलनाथ फिर आमने सामने, कुशाभाऊ ठाकरे की सीट बचाना भाजपा के लिए बना प्रतिष्ठा का सवाल

Tue, 28 Sep 2021 04:55 PM IST
Rahul Sampal राहुल संपाल
Updated Tue, 28 Sep 2021 04:55 PM IST
सार

मध्यप्रदेश कांग्रेस के सूत्रों ने अमर उजाला को बताया कि, कांग्रेस पार्टी के सामने चुनौती इस बात को लेकर है कि यदि खंडवा सीट पर भाजपा नंदकुमार सिंह चौहान के परिवार सदस्य को उम्मीदवार बनाती है तो वह कांग्रेस के लिए चुनौती बन सकता है। ऐसे में खंडवा लोकसभा सीट को जीतने के लिए कांग्रेस ऐसा चेहरा उतारने की कोशिश में है जो पार्टी को जीत दिला सके...

विज्ञापन
Madhya Pradesh by-elections: Shivraj and Kamal Nath again face to face in one Lok Sabha and three assembly seats bypolls in state
कमलनाथ बनाम शिवराज - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्यप्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर थमने के बाद सत्ताधारी भाजपा और कांग्रेस उपचुनाव की तैयारियों में जुट गई है। प्रदेश में एक लोकसभा और तीन विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव में सीधी टक्कर सीएम शिवराज सिंह चौहान और पूर्व सीएम कमलनाथ के बीच होगी। भाजपा के कद्दावर नेता नंदकुमार सिंह चौहान के निधन से खाली हुई खंडवा लोकसभा सीट पर जीत हासिल करना दोनों ही पार्टियों के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है। एक तरफ जहां कांग्रेस पार्टी दमोह उपचुनाव जीतने के बाद जोश में है, तो भाजपा इस हार का बदला लेने के मूड में नजर आ रही है।

विज्ञापन

खंडवा सीट को लेकर भाजपा में ही खींचतान

मध्यप्रदेश भाजपा के लिए खंडवा लोकसभा सीट सबसे अहम है। पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष कुशाभाऊ ठाकरे भी यहां से सांसद रह चुके है। उपचुनावों में इस सीट पर टिकट के लिए मुख्य मुकाबला पूर्व मंत्री अर्चना चिटनीस, वरिष्ठ नेता कृष्णमुरारी मोघे और दिवंगत सांसद नंदकुमार सिंह चौहान के बेटे हर्ष चौहान के बीच है। वहीं पार्टी किसी नए चेहरे की तलाश में है। इसके लिए पार्टी में लगातार मंथन चल रहा है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर हर्ष चौहान को उम्मीदवार बनाने के पक्ष में दिखाई दे रहे हैं। जबकि मोघे जैसे कद्दावर नेता संघ के भरोसे यहां से दावेदारी कर रहे हैं। मोघे पहले खरगोन से सांसद रह चुके हैं। इसका लाभ भी उन्हें मिल रहा है। चिटनीस दिल्ली में हाईकमान से अपने संबंधों के आधार पर टिकट मिलने का दावा कर रही हैं। चिटनीस की बुरहानपुर, नेपानगर में अच्छी पैठ हैं।

विज्ञापन


नंदू भैया के दिवंगत होने के बाद से ही चिटनिस सभी विधानसभा क्षेत्रों में लगातार सक्रिय रही हैं। वहीं, हरसूद से विधायक और मंत्री विजय शाह भी खंडवा उपचुनाव में पत्नी पूर्व महापौर भावना शाह को टिकट दिलाने के प्रयास में जुटे हैं। इसके अलावा पार्टी जिन नए चेहरों पर विचार कर रही है, इनमें बुरहानपुर निवासी ज्ञानेश्वर पाटिल का नाम सामने आया है। पिछड़ा वर्ग के पाटिल जिला पंचायत खंडवा के अध्यक्ष रह चुके हैं। इनके अलावा राजपाल सिंह तोमर की भी मजबूत दावेदारी मानी जा रही है। ये जिला पंचायत के अध्यक्ष रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

कांग्रेस: शेरा ने बढ़ाई पूर्व केंद्रीय मंत्री यादव की मुश्किलें

इधर, कांग्रेस की तरफ से टिकट के दावेदारों में अब जोर-आजमाइश का दौर शुरू हो गया है। एक तरफ पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव यहां से टिकट के लिए दावेदारी कर रहे हैं तो दूसरी तरफ बुराहनपुर से निर्दलीय विधायक सुरेंद्र सिंह शेरा ने उपचुनाव में अपनी पत्नी जयश्री ठाकुर की दावेदारी ठोकते हुए कांग्रेस से टिकट मिलने दम भर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, पिछले दिनों अरुण यादव और सुरेंद्र सिंह शेरा दिल्ली भी पहुंचे थे। जहां शेरा ने दिल्ली में कमलनाथ और कांग्रेस प्रभारी मुकुल वासनिक से मुलाकात की थी। जबकि अरुण यादव ने भी दिल्ली में टिकट को लेकर कमलनाथ सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की थी।


मध्यप्रदेश कांग्रेस के सूत्रों ने अमर उजाला को बताया कि, कांग्रेस पार्टी के सामने चुनौती इस बात को लेकर है कि यदि खंडवा सीट पर भाजपा नंदकुमार सिंह चौहान के परिवार सदस्य को उम्मीदवार बनाती है तो वह कांग्रेस के लिए चुनौती बन सकता है। ऐसे में खंडवा लोकसभा सीट को जीतने के लिए कांग्रेस ऐसा चेहरा उतारने की कोशिश में है जो पार्टी को जीत दिला सके। इसमें अरुण यादव एक मजबूत उम्मीदवार हो सकते हैं क्योंकि वे पहले भी इस सीट से सांसद रहे चुके हैं और इसी सीट से तीन बार लोकसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं।

इंदिरा गांधी और ठाकरे से जुड़ी है यह सीट

भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए खंडवा सीट बहुत ही अहम है। इसी सीट पर भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष कुशाभाऊ ठाकरे भी चुनाव जीत चुके हैं। वहीं एक समय कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे शिवकुमार सिंह के लिए इंदिरा गांधी यहां प्रचार के लिए आ चुकी हैं। खंडवा संसदीय सीट पर 1979 के उपचुनाव के समय इंदिरा गांधी गांव-गांव घूमी थीं। यह अलग बात है कि इसके बाद भी वे उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी शिवकुमार सिंह को जीत नहीं दिला सकी थीं। सांसद परमानंद गोविंदवाला के निधन के बाद खंडवा में उपचुनाव हुए थे। इंदिरा गांधी दिल्ली से भोपाल तक प्लेन से आईं लेकिन खंडवा तक आने के लिए उन्हें हेलीकॉप्टर नहीं मिला। तब प्रदेश में भाजपा की सरकार थी। इस वजह से वे भोपाल से होशंगाबाद तक ट्रेन से आईं। होशंगाबाद से उन्हें लेने शिवकुमार सिंह गए थे। इसके बाद खंडवा, बुरहानपुर, मांधाता के गांवों का इंदिरा ने दौरा किया। इस चुनाव में कांग्रेस के शिवकुमार को भाजपा के कुशाभाऊ ठाकरे ने हरा दिया था।

तीन विधानसभा सीटों पर भी कड़ा मुकाबला

राज्य में तीन विधानसभा क्षेत्रों रैगांव, जोबट और पृथ्वीपुर में उपचुनाव होने वाले हैं। इन दिनों सीटों पर भाजपा और कांग्रेस दोनों में कड़ी टक्कर है। यही कारण है कि दोनों दलों की चुनावी जमावट तेज हो गई है। सीएम चौहान की घोषणा के पहले ही इन सभी क्षेत्रों के दौरे कर चुके हैं। वहीं भाजपा ने भी संगठन स्तर पर तेजी से काम करना शुरू कर दिया है। जबकि कांग्रेस जनता के बीच शिवराज सरकार की नाकामी को लेकर पहुंच रही है।

जोबट विधानसभा सीट आदिवासी बहुल सीटों में से एक है। यह वर्ग लंबे समय से भाजपा से नाराज चल रहा हैं। ये सीट कांग्रेस विधायक कलावती भूरिया के निधन से खाली हुई है। रैगांव इस सीट पर अनुसूचित जाति वर्ग के मतदाताओं की संख्या काफी ज्यादा है। ये सीट भाजपा विधायक जुगल किशोर बागरी के निधन से खाली हुई। इस सीट पर कब्जा बरकरार रखना भाजपा के लिए टेढ़ी खीर है। बुंदेलखंड क्षेत्र की पृथ्वीपुर सीट पर सामान्य और पिछड़ा वर्ग का दबदबा है। कांग्रेस यहां हमेशा से ही आगे रही है। कांग्रेस विधायक और कमलनाथ सरकार में आबकारी मंत्री रहे बृजेन्द्र सिंह राठौड़ के निधन से खाली हुई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed