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कंप्यूटर बाबा ने दिया कांग्रेस को समर्थन, शिवराज सरकार को उखाड़ फेंकने की अपील
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 23 Nov 2018 09:48 PM IST
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कंप्यूटर बाबा
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कभी मध्यप्रदेश सरकार के चहेते रहे कंप्यूटर बाबा ने सीएम शिवराज सिंह चौहान सरकार के खिलाफ बिगुल फूंक दिया है। मंगलवार को जबलपुर में कंप्यूटर बाबा के नेतृत्व में आयोजित नर्मदे संसद में कई साधु संत जुटे। इससे पहले भी वह शिवराज सरकार को कई बार निशाने पर ले चुके हैं।
नर्मदे संसद में साधु संतों को संबोधित करते हुए कंप्यूटर बाबा ने कहा कि धर्मविरोधी, संतविरोधी शिवराज सरकार को उखाड़ फेंकें। कंप्यूटर बाबा के नेतृत्व में यहां एकत्र समस्त साधु समाज ने कांग्रेस को समर्थन देने की घोषणा की। नर्मदे संसद में श्रीकल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम्. भी पहुंचे।
कंप्यूटर बाबा ने राज्य सरकार पर धर्म और संत समाज की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए राज्यमंत्री का दर्जा छोड़ दिया था। उन्होंने सरकार की ओर से गो मंत्रालय बनाए जाने की घोषणा पर भी सवाल उठाए थे। इसके अलावा सरकार से अलग नर्मदा मंत्रालय बनाने की मांग की थी।
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सत्तारूढ़ भाजपा के खिलाफ संतों को लामबंद करने का अभियान चला रहे कंप्यूटर बाबा को दिगंबर अनी अखाड़े से 1 नवंबर को बाहर कर दिया गया। उनके खिलाफ यह सख्त कदम इस आरोप के तहत उठाया गया था कि वह दलीय राजनीति में शामिल होकर संतों की गरिमा के विपरीत आचरण कर रहे हैं।
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नर्मदे संसद में साधु संतों को संबोधित करते हुए कंप्यूटर बाबा ने कहा कि धर्मविरोधी, संतविरोधी शिवराज सरकार को उखाड़ फेंकें। कंप्यूटर बाबा के नेतृत्व में यहां एकत्र समस्त साधु समाज ने कांग्रेस को समर्थन देने की घोषणा की। नर्मदे संसद में श्रीकल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम्. भी पहुंचे।
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कंप्यूटर बाबा ने राज्य सरकार पर धर्म और संत समाज की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए राज्यमंत्री का दर्जा छोड़ दिया था। उन्होंने सरकार की ओर से गो मंत्रालय बनाए जाने की घोषणा पर भी सवाल उठाए थे। इसके अलावा सरकार से अलग नर्मदा मंत्रालय बनाने की मांग की थी।
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सत्तारूढ़ भाजपा के खिलाफ संतों को लामबंद करने का अभियान चला रहे कंप्यूटर बाबा को दिगंबर अनी अखाड़े से 1 नवंबर को बाहर कर दिया गया। उनके खिलाफ यह सख्त कदम इस आरोप के तहत उठाया गया था कि वह दलीय राजनीति में शामिल होकर संतों की गरिमा के विपरीत आचरण कर रहे हैं।
