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मध्यप्रदेश विधानसभा में केवल एक मुस्लिम, जानें क्या है इसकी वजह

Wed, 07 Nov 2018 01:08 PM IST
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 07 Nov 2018 01:08 PM IST
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Madhya pradesh assembly election 2018: Lone Muslim representative of aqueel in assembly congress
BJP
1980 तक मध्यप्रदेश विधानसभा में पांच या छ: मुस्लिम विधायकों का निर्वाचित होना आम बात थी। 320 सदस्यों वाली विधानसभा में यह संख्या संतोषजनक नजर आती थी। ये मुस्लिम विधायक उन क्षेत्रों से जीतकर आए थे जो 2000 में राज्य के बंटवारे के बाद मध्यप्रदेश का ही हिस्सा रहा। 
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1990 के चुनावों में जब भाजपा राज्य की सत्ता पर काबिज हुई तब मुस्लिम सदस्यों की संख्या दो पर आ गई। बाबरी विध्वंस के बाद जब कांग्रेस ने भाजपा से सत्ता छीनी तब सदन में मुस्लिम विधायकों की संख्या शून्य हो गई।
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दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री बनने के बाद इब्राहिम कुरैशी को कैबिनेट मंत्री बनाया। उन्हें उम्मीद थी कि 6 महीने के अंदर कुरैशी किसी सीट से जीत दर्ज करके विधानसभा पहुंच जाएंगे। मगर ऐसा नहीं हो सका और कुरैशी को मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा। 
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1998 के चुनावों में निर्दलीय आरिफ अकील सहित दो मुस्लिम जीतकर विधानसभा पहुंचे। 2008 और 2013 तक अकील विधानसभा में इकलौते मुस्लिम विधायक रहे। आरिफ अकील अब कांग्रेस पार्टी के सदस्य हैं। विधानसभा चुनावों के आते ही मुस्लिम समुदाय के कांग्रेसी नेता मुस्लिमों को उचित संख्या में टिकट न दिए जाने की शिकायत करते रहते हैं।  मगर जब चुनावों में उम्मीदवार के जीत पाने की क्षमता ज्यादा मायने रखती है तब कांग्रेस पार्टी कोई जोखिम नहीं लेना चाहती।  

2013 के विधानसभा चुनावों में अकील और भोपाल से प्रत्याशी आरिफ मसूद के अलावा रीवा से कांग्रेस के मुस्लिम मुजीब कुरैशी की उम्मीदवारी पर पार्टी के कई लोगों ने सवाल उठाए थे।  

इस मुद्दे पर कांग्रेस के नेता भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहते हैं कि कांग्रेस कभी प्रो- मुस्लिम पार्टी नहीं रही मगर भाजपा ने ऐसा प्रचारित किया। इससे प्रभावित होकर कांग्रेस ने कुछ इलाकों में मुस्लिमों से खुद को अलग करना शुरू कर दिया। 


इस मुद्दे पर विशेषज्ञों का कहते हैं कि मध्यप्रदेश में भोपाल उत्तर के अलावा कुछ और सीटों को छोड़कर बाकि में मुस्लिमों की संख्या बहुत काम है।  यही वजह है कि विधानसभा में उनका प्रतिनिधित्व भी काम है। महिला प्रत्याशियों के साथ भी यही बात लागू होती है।  


विधानसभा      सीटें        मुस्लिमों की संख्या 
1980-85        320              6
1985-90        320              5
1990-92        320              2
1993-98        320              0
1998-2003    320              2
2003-2008    230              1
2008-2013    230              1
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