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नरम हिंदुत्व की राह पर मध्य प्रदेश और राजस्थान सरकार, पुजारियों का मानदेय तीन गुना बढ़ा
Thu, 11 Jul 2019 06:48 AM IST
Avdhesh Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Thu, 11 Jul 2019 06:48 AM IST
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Kamalnath
- फोटो : social media
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लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस शासित मध्य प्रदेश और राजस्थान की सरकार नरम हिंदुत्व की राह पर चल पड़ी हैं। दोनों राज्यों की सरकारों ने बुधवार को पहला बजट पेश किया। इसमें युवाओं, किसानों और महिलाओं पर खास फोकस किया गया है। मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार ने पुजारियों का मानदेय तीन गुना बढ़ाया है, वहीं अशोक गहलोत सरकार ने हर ग्राम पंचायत में गायों के लिए एक नंदी शाला बनाने का एलान किया है।
मध्य प्रदेश के वित्त मंत्री तरुण भनोट ने गौशालाओं के लिए 132 करोड़ का आवंटन किया। साथ ही हज समिति और राज्य वक्फ बोर्ड के आवंटन में भी बढ़ोतरी की गई है। किसानों के कर्ज माफी के लिए 8000 करोड़ रुपये दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने सत्ता में आने के 128 दिन के अंदर ही 20 लाख किसानों के 7000 करोड़ लागत के कर्ज को माफ किया।
राजस्थान के सीएम गहलोत ने बजट में किसानों के कल्याण के लिए 1000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया। इसके अलावा कृषि और अक्षय ऊर्जा व स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए कई योजनाओं का एलान किया। सहकारी बैंकों से फसल ऋण के लिए 16000 करोड़ दिए हैं। इसके अलावा राज्य राजमार्गों, दिल्ली के मोहल्ला क्लीनिक की तर्ज पर जनता क्लीनिक, इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए नई नीति का एलान किया।
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मध्य प्रदेश के वित्त मंत्री तरुण भनोट ने गौशालाओं के लिए 132 करोड़ का आवंटन किया। साथ ही हज समिति और राज्य वक्फ बोर्ड के आवंटन में भी बढ़ोतरी की गई है। किसानों के कर्ज माफी के लिए 8000 करोड़ रुपये दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने सत्ता में आने के 128 दिन के अंदर ही 20 लाख किसानों के 7000 करोड़ लागत के कर्ज को माफ किया।
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राजस्थान के सीएम गहलोत ने बजट में किसानों के कल्याण के लिए 1000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया। इसके अलावा कृषि और अक्षय ऊर्जा व स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए कई योजनाओं का एलान किया। सहकारी बैंकों से फसल ऋण के लिए 16000 करोड़ दिए हैं। इसके अलावा राज्य राजमार्गों, दिल्ली के मोहल्ला क्लीनिक की तर्ज पर जनता क्लीनिक, इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए नई नीति का एलान किया।
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