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Kubereshwar Dham: आज दिखेगा आस्था का विराट संगम, 11 किमी लंबी यात्रा में शामिल होंगे लाखों कांवड़िए
Tue, 25 Aug 2026 06:31 AM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Tue, 25 Aug 2026 06:31 AM IST
सार
सीहोर के कुबेरेश्वर धाम में 25 अगस्त को भव्य कांवड़ यात्रा निकलेगी। सीवन नदी से जल लेकर श्रद्धालु 11 किलोमीटर पैदल चलकर भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। पंडित प्रदीप मिश्रा भी कांवड़ उठाएंगे। लाखों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा, ट्रैफिक, मेडिकल और पार्किंग के व्यापक इंतजाम किए हैं।
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सीहोर में आज भव्य कांवड़ यात्रा निकलेगी।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सीहोर के कुबेरेश्वर धाम में सावन मास के अंतिम सोमवार से पहले आस्था का विराट संगम दिखाई दे रहा है। कुबेरेश्वर धाम में 25 अगस्त को सीवन नदी के तट से भव्य कांवड़ यात्रा निकाली जाएगी। श्रद्धालु सीवन नदी से पवित्र जल लेकर करीब 11 किलोमीटर पैदल चलेंगे और कुबेरेश्वर धाम पहुंचकर भगवान शिव को कांवड़ जल अर्पित करेंगे। यात्रा सुबह 9 बजे पूजन-अर्चन के बाद शुरू होगी। मध्य प्रदेश के अलावा कई राज्यों से शिवभक्तों के शामिल होने की संभावना है।
पंडित प्रदीप मिश्रा भी उठाएंगे कांवड़
यात्रा का विशेष आकर्षण अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा का स्वयं कांवड़ लेकर पैदल चलना रहेगा। आयोजकों के अनुसार वे सीवन नदी से जल लेकर श्रद्धालुओं के साथ कुबेरेश्वर धाम तक जाएंगे और भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना करेंगे। उनके शामिल होने से भक्तों में खास उत्साह है और यात्रा मार्ग पर बड़ी भीड़ जुटने की उम्मीद है।
कामना का जल, आस्था का भाव
कुबरेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित प्रदीप मिश्रा ने कांवड़ को श्रद्धा और संकल्प से जुड़ी परंपरा बताया है। उनके अनुसार सीवन नदी से कुबेरेश्वर धाम तक आने वाली यह कांवड़ भक्तों की मनोकामनाओं और भगवान शिव के प्रति समर्पण का प्रतीक है। भक्त अपने मन का भाव शिव चरणों में अर्पित करने के लिए जल लेकर आते हैं।
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ये भी पढ़ें- महासवारी में उमड़ा आस्था का सैलाब, ममलेश्वर मंदिर पहुंचे बाबा ओंकारेश्वर; हर-हर महादेव गूंजा
हेलीकॉप्टर से होगी पुष्पवर्षा
25 अगस्त की भव्य कांवड़ यात्रा में श्रद्धालुओं का उत्साह बढ़ाने के लिए पूरे 11 किलोमीटर के यात्रा मार्ग पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की तैयारी की गई है। सीवन नदी से कुबेरेश्वरधाम तक कांवड़ियों पर फूल बरसेंगे। आठ भव्य झांकियां और भजन प्रस्तुतियां भी यात्रा का प्रमुख आकर्षण रहेंगी।
देशभर से पहुंच रहे श्रद्धालु
आयोजकों के मुताबिक मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे। बढ़ती भीड़ के कारण सीहोर शहर और आसपास के होटल, धर्मशाला तथा होम स्टे भी भर चुके हैं। इससे आयोजन की व्यापकता और श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या का अंदाजा लगाया जा सकता है।
पांच क्विंटल फूलों से सजेगा बाबा का दरबार
कुबेरेश्वरधाम में मंगलवार को भगवान कुबेरेश्वर महादेव का पांच क्विंटल फूलों से विशेष श्रृंगार किया जाएगा। कांवड़िए सीवन नदी से जल लेकर धाम पहुंचेंगे, जिसके बाद पवित्र जल से महादेव का महाभिषेक किया जाएगा। विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर आशीर्वाद लेंगे।
देर रात जल भरने के लिए रवाना होंगे
धाम प्रबंधन के अनुसार श्रद्धालु शाम और रात का भोजन करने के बाद देर रात करीब 1 से 2 बजे के बीच सीवन नदी की ओर रवाना होंगे। वहां जल भरने के बाद सुबह 9 बजे कांवड़ यात्रा के रूप में कुबेरेश्वर धाम की ओर प्रस्थान करेंगे। श्रद्धालु भक्ति गीतों और जयकारों के साथ पैदल यात्रा करेंगे।
ये भी पढ़ें- महाकाल की सवारी: साढ़े सात लाख श्रद्धालुओं की मौजूदगी में बाबा ने दिए चार स्वरूपों में दर्शन, भक्त हुए निहाल
100 से ज्यादा सेवा स्टॉल
कांवड़ियों की सुविधा के लिए सीवन नदी से कुबेरेश्वर धाम तक 100 से अधिक सेवा स्टॉल लगाए जाएंगे। यहां पेयजल, चाय, नाश्ता, फलाहारी खिचड़ी और भोजन प्रसादी की व्यवस्था रहेगी। लंबे सफर में जरूरी सहायता के लिए अलग-अलग स्थानों पर सेवा केंद्र तैयार किए जा रहे हैं।
मेडिकल और एंबुलेंस व्यवस्था
लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी को देखते हुए यात्रा मार्ग पर प्राथमिक चिकित्सा और एंबुलेंस की व्यवस्था की जाएगी। किसी श्रद्धालु की तबीयत बिगड़ने पर तत्काल उपचार उपलब्ध कराने का प्रयास रहेगा। प्रशासन और आयोजक सुरक्षा तथा आपातकालीन व्यवस्थाओं पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
रूट डायवर्ट, वन-वे और पार्किंग
श्रद्धालुओं और वाहनों की बढ़ती संख्या से कुबेरेश्वर धाम के आसपास यातायात दबाव बढ़ गया है। प्रशासन ने रूट डायवर्ट किया है और छोटे वाहनों तथा दोपहिया चालकों के दबाव को देखते हुए कुछ मार्गों को बैरिकेडिंग कर वन-वे किया गया है। जरूरत पड़ने पर मार्ग पूरी तरह प्रतिबंधित किया जा सकता है। दूर-दराज से आने वाले वाहनों के लिए अलग पार्किंग स्थल भी चिन्हित किए गए हैं।
प्रशासन-पुलिस ने किए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम
कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और सुचारू बनाने के लिए प्रशासन और पुलिस ने व्यापक इंतजाम किए हैं। कलेक्टर बालागुरू के. और एसपी सोनाक्षी सक्सेना लगातार व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। यात्रा मार्ग पर पर्याप्त पुलिस बल, मेडिकल कैंप, पार्किंग, पेयजल, अस्थाई शौचालय और विद्युत व्यवस्था की गई है। सीवन घाट पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग, गोताखोर और एसडीआरएफ की व्यवस्था भी रहेगी।
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पंडित प्रदीप मिश्रा भी उठाएंगे कांवड़
यात्रा का विशेष आकर्षण अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा का स्वयं कांवड़ लेकर पैदल चलना रहेगा। आयोजकों के अनुसार वे सीवन नदी से जल लेकर श्रद्धालुओं के साथ कुबेरेश्वर धाम तक जाएंगे और भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना करेंगे। उनके शामिल होने से भक्तों में खास उत्साह है और यात्रा मार्ग पर बड़ी भीड़ जुटने की उम्मीद है।
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कामना का जल, आस्था का भाव
कुबरेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित प्रदीप मिश्रा ने कांवड़ को श्रद्धा और संकल्प से जुड़ी परंपरा बताया है। उनके अनुसार सीवन नदी से कुबेरेश्वर धाम तक आने वाली यह कांवड़ भक्तों की मनोकामनाओं और भगवान शिव के प्रति समर्पण का प्रतीक है। भक्त अपने मन का भाव शिव चरणों में अर्पित करने के लिए जल लेकर आते हैं।
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हेलीकॉप्टर से होगी पुष्पवर्षा
25 अगस्त की भव्य कांवड़ यात्रा में श्रद्धालुओं का उत्साह बढ़ाने के लिए पूरे 11 किलोमीटर के यात्रा मार्ग पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की तैयारी की गई है। सीवन नदी से कुबेरेश्वरधाम तक कांवड़ियों पर फूल बरसेंगे। आठ भव्य झांकियां और भजन प्रस्तुतियां भी यात्रा का प्रमुख आकर्षण रहेंगी।
देशभर से पहुंच रहे श्रद्धालु
आयोजकों के मुताबिक मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे। बढ़ती भीड़ के कारण सीहोर शहर और आसपास के होटल, धर्मशाला तथा होम स्टे भी भर चुके हैं। इससे आयोजन की व्यापकता और श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या का अंदाजा लगाया जा सकता है।
पांच क्विंटल फूलों से सजेगा बाबा का दरबार
कुबेरेश्वरधाम में मंगलवार को भगवान कुबेरेश्वर महादेव का पांच क्विंटल फूलों से विशेष श्रृंगार किया जाएगा। कांवड़िए सीवन नदी से जल लेकर धाम पहुंचेंगे, जिसके बाद पवित्र जल से महादेव का महाभिषेक किया जाएगा। विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर आशीर्वाद लेंगे।
देर रात जल भरने के लिए रवाना होंगे
धाम प्रबंधन के अनुसार श्रद्धालु शाम और रात का भोजन करने के बाद देर रात करीब 1 से 2 बजे के बीच सीवन नदी की ओर रवाना होंगे। वहां जल भरने के बाद सुबह 9 बजे कांवड़ यात्रा के रूप में कुबेरेश्वर धाम की ओर प्रस्थान करेंगे। श्रद्धालु भक्ति गीतों और जयकारों के साथ पैदल यात्रा करेंगे।
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100 से ज्यादा सेवा स्टॉल
कांवड़ियों की सुविधा के लिए सीवन नदी से कुबेरेश्वर धाम तक 100 से अधिक सेवा स्टॉल लगाए जाएंगे। यहां पेयजल, चाय, नाश्ता, फलाहारी खिचड़ी और भोजन प्रसादी की व्यवस्था रहेगी। लंबे सफर में जरूरी सहायता के लिए अलग-अलग स्थानों पर सेवा केंद्र तैयार किए जा रहे हैं।
मेडिकल और एंबुलेंस व्यवस्था
लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी को देखते हुए यात्रा मार्ग पर प्राथमिक चिकित्सा और एंबुलेंस की व्यवस्था की जाएगी। किसी श्रद्धालु की तबीयत बिगड़ने पर तत्काल उपचार उपलब्ध कराने का प्रयास रहेगा। प्रशासन और आयोजक सुरक्षा तथा आपातकालीन व्यवस्थाओं पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
रूट डायवर्ट, वन-वे और पार्किंग
श्रद्धालुओं और वाहनों की बढ़ती संख्या से कुबेरेश्वर धाम के आसपास यातायात दबाव बढ़ गया है। प्रशासन ने रूट डायवर्ट किया है और छोटे वाहनों तथा दोपहिया चालकों के दबाव को देखते हुए कुछ मार्गों को बैरिकेडिंग कर वन-वे किया गया है। जरूरत पड़ने पर मार्ग पूरी तरह प्रतिबंधित किया जा सकता है। दूर-दराज से आने वाले वाहनों के लिए अलग पार्किंग स्थल भी चिन्हित किए गए हैं।
प्रशासन-पुलिस ने किए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम
कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और सुचारू बनाने के लिए प्रशासन और पुलिस ने व्यापक इंतजाम किए हैं। कलेक्टर बालागुरू के. और एसपी सोनाक्षी सक्सेना लगातार व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। यात्रा मार्ग पर पर्याप्त पुलिस बल, मेडिकल कैंप, पार्किंग, पेयजल, अस्थाई शौचालय और विद्युत व्यवस्था की गई है। सीवन घाट पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग, गोताखोर और एसडीआरएफ की व्यवस्था भी रहेगी।
