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Khargone: मिल प्रबंधन ने अचानक तालाबंदी कर मिल कर दी बंद, 500 मजदूरों के परिवारों पर आन पड़ा रोजी-रोटी का संकट

Fri, 08 Dec 2023 11:17 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खरगोन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खरगोन Published by: दिनेश शर्मा Updated Fri, 08 Dec 2023 11:17 PM IST
सार

खरगोन जिले में स्थित जवाहरलाल नेहरू सहकारी सूतमिल पर शुक्रवार से प्रबंधन ने तालाबंदी कर मिल को बंद कर दिया। जिससे अचानक मिल में काम करने वाले लगभग 500 मजदूर और कर्मचारियों के परिवारों पर रोजी-रोटी का संकट आन पड़ा। 

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Khargone: Mill management suddenly locked the mill and closed it, families of 500 laborers faced crisis
खरगोन में मिल में अचानक तालाबंदी से लेबर पर संकट आ गया है. - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मध्य प्रदेश के खरगोन के जिला मुख्यालय में स्थित जवाहरलाल नेहरू सहकारी सुतमिल पर तालाबंदी को लेकर मजदूरों ने जमकर हंगामा किया। मिल में काम करने वाली लेबर ने मिल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। मजदूरों की मांग थी कि पिछले महीने का वेतन सहित इस बार का बोनस उन्हें नहीं दिया गया और आज अचानक प्रबंधन द्वारा मिल पर ताला लगा दिया, जिससे हम मिल मजदूरों के परिजनों पर रोजी रोटी का संकट आ गया है। वहीं प्रबंधन ने मिल के लॉस में होने के चलते मिल को बंद करने की बात कही। 
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खरगोन जिले में स्थित जवाहरलाल नेहरू सहकारी सूतमिल पर शुक्रवार से प्रबंधन ने तालाबंदी कर मिल को बंद कर दिया। जिससे अचानक मिल में काम करने वाले लगभग 500 मजदूर और कर्मचारियों के परिवारों पर रोजी-रोटी का संकट आन पड़ा। इसके चलते ही मिल के गेट पर तीनों शिफ्ट के मजदूरों ने इकट्ठा होकर जमकर प्रबंधन के खिलाफ नारीबाजी की, तो वहीं उन्होंने मांग की कि उनका पिछले माह का वेतन सहित बोनस भी उन्हें अदा किया जाए। हालांकि मिल प्रबंधन ने बाजार में यार्न की डिमांड ना होने और मिल के लॉस में होने के चलते मिल को बंद करने की बात कही। मिल मजदूरो का कहना था कि अचानक इस तरह से मिल बंद करने से हम गरीब मजदूरों के परिवार रोड पर आ जाएंगे, इसलिए उन्होंने मिल प्रबंधन से मांग की है कि मिल को चालू कराया जाए, साथ ही उनका पूरा वेतन दिया जाए। 
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जैसा माल आते जा रहा वैसे चला रहे मिल
इधर इस पूरे मामले को लेकर सुतमिल के प्रबन्धक राजेंद्र जवागिर ने बताया कि अभी बाजार की स्थिति बहुत खराब है, और बाजार में यार्न की डिमांड ही नहीं है। और मिल बहुत ज्यादा लॉस में चल रही है, और जैसे-जैसे पैसा आते जा रहा है वैसे-वैसे मिल चलाते जा रहे हैं। हालांकि मजदूरों को अभी तक तो ले आफ़ वगैरह सब देते आ रहे हैं। जैसे माल आता है वैसे चलाते जा रहे हैं और बोनस के लिए भी पैसे की व्यवस्था कर रहे हैं, साथ ही जिला सहकारी बैंक से भी पैसे की डिमांड की हुई है। लिमिट भी असाइन हो गई है, और जैसा पैसे आते जा रहा है वैसा दे देंगे । अभी मजदूरों को आज तक का सारा पैसा दिया हुआ है, और आगे भी दे देंगे और देते ही हैं। शॉर्ट नोटिस पर मिल बंद करना जैसा कुछ नहीं है, यह तो रेगुलर चल रहा है।
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मिल में काम करते हैं 500 लेबर और कर्मचारी
मिल में काम करने वाले मजदूर अजय रघुवंशी ने बताया कि एक दिन पहले अचानक से हमारे प्रबंधक महोदय द्वारा मिल के गेट पर नोटिस लगाया जा रहा था कि मिल कल से बंद रहेगी। आज सभी तीनों शिफ्ट के लेबर यहां इकट्ठे हुए हैं और हमें पिछले महीने का वेतन भी अभी तक नहीं दिया गया है। इसी मांग को लेकर अभी इस सूत मिल के प्रभारी मोहन रघुवंशी जी से भी हमारी बात हुई है। उन्होंने कहा है कि चार लोग बात करो तो मजदूर इससे नाराज हैं। यह सभी बात करना चाहते हैं और अभी की तारीख में पूरी मिल बंद है और इसमें करीब 450 से 500 की तादाद में मजदूर काम करते थे।
 
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