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Politics: खंडवा MLA देवेंद्र वर्मा के जाति प्रमाण पत्र को लेकर फिर मचा बवाल, विधायक ने बताया विरोधियों की चाल
Wed, 06 Sep 2023 08:21 AM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खंडवा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खंडवा
Published by: अरविंद कुमार
Updated Wed, 06 Sep 2023 08:21 AM IST
सार
मध्यप्रदेश की खंडवा विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक देवेंद्र वर्मा के जाति प्रमाण पत्र को लेकर विरोध बढ़ता जा रहा है। विधायक वर्मा अनुसूचित जाति वर्ग की आरक्षित सीट खंडवा से चुनाव लड़ते रहे हैं। उनके जाति प्रमाण पत्र के फर्जी होने के आरोपों को लेकर अनुसूचित जाति अधिकार मंच ने एक विशाल रैली निकालकर जिला कलेक्टर कार्यालय में जमकर नारेबाजी की और राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपकर विधायक वर्मा को चुनाव लड़ने से बैन करते हुए इस संबंध में उच्च स्तरीय जांच की मांग की।
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विधायक ने बताया विरोधियों की चाल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
खंडवा से भारतीय जनता पार्टी के विधायक देवेंद्र वर्मा के जाति प्रमाण पत्र को लेकर विवाद गहरा गया है। विधायक वर्मा अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित खंडवा विधानसभा सीट से पिछले 20 वर्षों से विधायक चुने जाते रहे हैं। हालांकि, इस दौरान उनके जाति प्रमाण पत्र के फर्जी होने को लेकर विपक्षी दल कांग्रेस सहित कई संगठनों ने आवाज भी उठाई है और फिलहाल मामला न्यायालय में विचाराधीन है। वहीं, विधायक वर्मा ने इसे विपक्षियों के पास कोई मुद्दा न होने पर जनता को गुमराह करने वाला बताया।
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इस दौरान मंगलवार को भारतीय अनुसूचित जाति अधिकार मंच के द्वारा एक विशाल रैली निकालकर जिला कलेक्टर कार्यालय में राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया। रैली के दौरान संगठन के कार्यकर्ताओं ने विधायक के जाति प्रमाण पत्र को फर्जी बताते हुए हाथों में तख्तियां लेकर जमकर नारेबाजी भी की।
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ज्ञापन देने आए संगठन के कार्यकर्ताओं का आरोप था कि विधायक वर्मा का जाति प्रमाण पत्र फर्जी है। उनके पिता ने ठाकुर जाति का प्रमाण पत्र लगाकर शिक्षक की नौकरी की है तो वहीं खंडवा विधायक अपने शासकीय दस्तावेजों में अपनी जाति को कभी सिलावट, कभी ठाकुर और कभी हिन्दू दर्शाते हैं। ज्ञापन देने आए लोगों की मांग थी कि विधायक वर्मा के जाति प्रमाण पत्र की जल्द से जल्द जांच हो और उन्हें भविष्य में भी अनुसूचित जाति की आरक्षित सीट से चुनाव लड़ने से बैन किया जाए।
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अनुसूचित जाति अधिकार मंच के बीएल बकोरिया ने बताया कि विधायक वर्मा ने शासन प्रशासन को गुमराह कर अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र बनवा लिए हैं, जिसकी जांच के लिए भी 3 वर्षों से उनके संगठन ने मांग की है, जो कि आज तक पेंडिंग है। उन्होंने आरोप लगाया कि फिर से इलेक्शन आने वाले हैं, और अपने कूट रचित दस्तावेजों के आधार पर विधायक वर्मा फिर से चुनाव लड़कर विधायक बन जाएंगे, जिस पर अभी तक संज्ञान नहीं लिया गया है।
वहीं, इस मामले में खंडवा एडीएम बडोले ने बताया कि कुछ लोगों ने खंडवा विधायक देवेंद्र वर्मा के जाति प्रमाण पत्र की जांच की मांग की है। लेकिन इस सम्बन्ध में पहले से ही न्यायालय में प्रकरण चल रहा है। इसलिए जिला प्रशासन फिलहाल इस मामले में कुछ नहीं कर सकता है।
इधर, विधायक देवेंद्र वर्मा ने इस संबंध में कहा कि उनके विरोधियों के पास कोई मुद्दा और विषय नहीं है। उनके चुनाव को लेकर पहले भी हाईकोर्ट में रिट पिटीशन लगाई गई थी। इसके बाद उनके खिलाफ यह लोग चुनाव छानबीन समिति में गए। वहां से भी इन्हें निराशा हाथ लगी। इसलिए अब जनता के बीच जाकर जनता को भ्रमित कर रहे हैं और जनता ने भी उन्हें नकार दिया है।
