खबर का असर: निमाड़ में अतिक्रमणकारियों का वनकर्मियों पर हमला, अब जाकर पुलिस ने किया मामला दर्ज
MP News: मध्य प्रदेश में खंडवा जिले के ग्रामीण अंचल में वन माफिया के अतिक्रमण को रोकने गए वन अमले के साथ हुई मारपीट की खबर अमर उजाला पर प्रमुखता से दिखाए जाने का बड़ा असर हुआ है। इस खबर के बाद पुलिस प्रशासन ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की है।
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खंडवा जिले के गुड़ी वन परीक्षेत्र का है, जहां जंगल में किये जा रहे अतिक्रमण की जानकारी मिलते ही वन अमला हरकत में आया और उसे रोकने पहुंचा था। इस दौरान जंगल की जमीन पर जुताई कर रहा एक ट्रैक्टर चालक वन अमले को देख, उसका कल्टीवेटर जंगल में ही छोड़कर फरार हो गया। बता दें कि, इस मामले के तीन दिन से अधिक समय बीत जाने के बावजूद वन अमले की तरफ से दी गयी शिकायत पर पिपलोद थाना पुलिस जांच किये जाने के नाम पर एफआईआर दर्ज नहीं कर रही थी। जिसको लेकर रविवार शाम को ही अमर उजाला ने इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
जिसके बाद रविवार देर शाम करीब 8:00 बजे इस मामले में पिपलोद थाने में, जंगलों में अतिक्रमण कर वन अमले के साथ मारपीट कर घायल करने और उनकी वर्दी फाड़ते हुए शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने जैसे गंभीर मामलों में सात महिलाओं के खिलाफ नामजद सहित करीब 10 से 15 अज्ञात महिलाओं पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। निमाड़ क्षेत्र के जंगलों में वन माफिया के अतिक्रमण और उनके आतंक की खबर को अमर उजाला ने रविवार शाम को ही प्रमुखता से अपने दर्शकों को बताया था, जिसके बाद इस खबर का बड़ा असर हुआ है और रविवार देर शाम ही 4 दिन पुराने इस मामले में खंडवा जिले के ग्रामीण अंचल के पिपलोद थाना में वन अमले पर हमलावर हुई करीब 22 महिलाओं के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
बता दें कि बीते 31 अक्तूबर को इस मामले में वन विभाग के अधिकारियों और घायल कर्मचारियों ने उसी दिन पिपलोद थाने पर शिकायत दर्ज करने को लेकर अज्ञात महिलाओं के खिलाफ आवेदन दिया था, जिसके बाद 1 नवंबर को भी वन अधिकारियों ने हमलावर महिलाओं की पहचान कर उनके नाम पिपलोद थाना पुलिस को बताए थे। बावजूद इसके पुलिस की तरफ से इस गंभीर मामले में लापरवाही बरती गई और घटना के 4 दिन बाद 3 तारीख रविवार तक भी एफआईआर दर्ज नहीं की गयी थी। इसके बाद इस मामले को रविवार शाम को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था, जिसकी खबर का बड़ा असर होते हुए रविवार को ही देर रात करीब 8:00 बजे इस मामले में पुलिस ने वन अमले के द्वारा बताए गए सात महिलाओं पर नामजद एफआईआर दर्ज कर ली है, तो वहीं इनके साथ ही वन अमले पर हमला करने वाली करीब 10 से 15 अज्ञात महिलाओं के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।
अमर उजाला की खबर के अनुसार ही लिखा पुलिस ने अपनी FIR में
अमर उजाला की खबर के असर के बाद इस मामले में पिपलोद थाना पुलिस ने शासन की तरफ से स्वतः संज्ञान लेते हुए रविवार देर शाम करीब 8 बजकर 2 मिनट पर जो एफआईआर दर्ज की है, उसमें बताया गया है कि, मोनीबाई पति रामसिंग, सोनीबाई पति अनिल जमरे, कमलाबाई जमरे, देकुबाई पति दिनेश, रानुबाई पति संतोष, आशाबाई पति प्रेमसिंग, शांताबाई पति सरदारसिंग सभी निवासी बोरखेडा एवं इनके साथ ही करीब 10-15 अन्य महिलाओं ने रूपसिंग सरपंच के खेत के सामने ग्राम भिलाईखेड़ा में 31 अक्तूबर को करीब 2 बजे एक मत एक राय होकर घेराबंदी कर वन स्टाफ के शासकिय कार्य में बाधा पहुंचाई तथा उनकी वर्दी फाड़ दी गयी। उनके साथ मारपीट कर उन्हें जान से मारने की धमकी दी गयी। इस मामले में आरोपी महिलाओं पर बीएनएस की धारा 191(2), 190, 132, 121(1), 221, 127(2), 351(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
