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MP News: खंडवा में न्याय के नाम पर थाने और चौकी से मिल रहा झूठा आश्वासन, एसपी के निर्देश भी बेअसर
Tue, 15 Oct 2024 07:25 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, खंडवा
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, खंडवा
Published by: अरविंद कुमार
Updated Tue, 15 Oct 2024 07:25 PM IST
सार
मध्यप्रदेश में खंडवा नगर के मोघट रोड थाना से जुड़े ऐसे कई मामले लगातार सामने आ रहे हैं, जिसमें इस थाने में पहुंचे या इस थाने से जुड़ी रामेश्वर पुलिस चौकी पहुंचे। पीड़ितों को न्याय के लिए भटकता हुआ देखा गया है।
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खंडवा में न्याय झूठा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्यप्रदेश पुलिस के द्वारा पीड़ितों को न्याय दिलाने और उनकी सहायता करने के लिए एक तरफ तो कई तरह के विशेष दल बनाए गए हैं। वहीं, दूसरी तरफ लगातार कई तरह के अभियान चलाकर पुलिस आम नागरिकों को उनके अधिकार और न्याय दिलाने को लेकर सतर्क और जागरुक भी करती रहती है। लेकिन आम नागरिक के मन में पुलिस की सहायता लेने के लिए जो सबसे पहले ख्याल आता है, वह रहता है नजदीकी पुलिस थाने या पुलिस चौकी का।
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हालांकि, इन थानों और चौकियों में मौजूद असंवेदनशील जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारियों के चलते पीड़ितों को न्याय के लिए आला अधिकारियों के दर पर भटकना पड़ता रहता है या उन्हें न्याय मिलने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ जाता है। प्रदेश के खंडवा नगर के मोघट रोड थाना से जुड़े ऐसे कई मामले लगातार सामने आ रहे हैं, जिसमें इस थाने में पहुंचे या इस थाने से जुड़ी रामेश्वर पुलिस चौकी पहुंचे, पीड़ितों को न्याय के लिए भटकता हुआ देखा गया है। बता दें कि यह तो वे मामले हैं, जिन पर मीडिया की नजर पड़ गई। लेकिन सूत्रों की माने तो यदि ठीक से जांच हो जाए तो ऐसे कई मामले अकेले इस एक थाने से ही उजागर हो सकते हैं, जिनमें यहां पहुंचे पीड़ितों को न्याय की जगह केवल कार्रवाई का झूठा दिलासा देकर चलता कर दिया गया है।
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खंडवा पुलिस ने बीते दिनों में हूं अभिमन्यु अभियान चलाया, जिसमें पुलिस ने लोगों को न्याय दिलाने और विशेषकर महिलाओं से जुड़े अपराध रोकने को लेकर जागरुक किया था। लेकिन जब महिलाओं के साथ ही या किसी पीड़ित के साथ कोई घटना हो जाती है और ऐसे में वो अपनी फरियाद लेकर शहर के मोघट थाने पहुंचता है, तब वहां मौजूद जिम्मेदारों का ढील पोल वाला रवैया देखकर वे या तो न्याय की आस ही छोड़ चुके या उस न्याय को पाने जिले के आला अधिकारियों के पास पहुंच रहे हैं। इनमें से एक मामले में तो पीड़ित के परिजन ने सीधे जिले के एसपी से अपने साथ आधी रात को हुई घटना को लेकर संपर्क किया और एसपी मनोज कुमार राय ने भी मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए देर रात ही तुरंत मोघट थाना टीआई धीरेश धारवाल को मामला जांच के लिए भेजा। बावजूद इसके मोघट थाना से जुड़ी रामेश्वर चौकी में 15 दिन गुजर जाने के बाद खबर लिखे जाने तक उसकी एफआईआर तक दर्ज न हो सकी।
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केस नंबर एक- महिला चौकी के भीतर रो पड़ी, पर नहीं सुनी फरियाद
मोघट थाना के अंतर्गत आने वाली रामेश्वर चौकी क्षेत्र के आनंद नगर में एससी समाज की एक महिला के साथ लोन वसूली करने वाले रिकवरी एजेंट ने जमकर बदसलूकी की और उसे धमकियां दी। इसको लेकर महिला सात अक्तूबर को रामेश्वर पुलिस चौकी पहुंची थी। जहां महिला ने अपना आवेदन देकर चौकी प्रभारी सुभाष नावड़े को पूरी घटना बताई। महिला रिकवरी एजेंट से मिली धमकियों से डरी हुई थी। बावजूद इसके चौकी प्रभारी ने उसके आवेदन पर किसी तरह की कोई त्वरित कार्रवाई नहीं की और न ही उसे रिसीविंग कर आवेदन की कॉपी दी गई। दिया तो केवल सुबह तक झूठी कार्रवाई का आश्वासन।
न्याय मांगने चौकी पहुंची महिला चौकी के भीतर ही अपने साथ हुई ऐसी अमानवियता को देखकर फूट-फूट कर रो पड़ी। लेकिन इसके बावजूद चौकी प्रभारी का दिल नहीं पसीजा और महिला तब से लेकर अब तक लोन की रिकवरी करने वाले एजेंटों के खौफ में जी रही है। लेकिन उसकी फरियाद अब तक नहीं सुनी गई, जिसके बाद मंगलवार को महिला ने जिले के एससी-एसटी विशेष थाने की शरण भी ली है।
केस नंबर दो- सीएसपी ऑफिस के पास हुआ मॉब लिंचिंग का प्रयास
मोघट थाना से जुड़ी रामेश्वर पुलिस चौकी और सीएसपी ऑफिस से महज चंद कदमों की दूरी पर एक नाबालिग किशोर के साथ मॉब लिंचिंग जैसी गंभीर घटना बीते दो अक्तूबर को सामने आई थी, जिसको लेकर अगले दिन इस मामले को जिले के एसपी के संज्ञान में लाया गया और उन्होंने संवेदनशील मामला देखते हुए तुरंत मोघट थाना प्रभारी को इसकी जांच के लिए भिजवा दिया। जब अगले दिन पीड़ित थाना प्रभारी से मिले तो उन्होंने मामला रामेश्वर पुलिस चौकी का बताकर पीड़ित को चौकी भिजवा दिया। जहां चौकी प्रभारी सुभाष नावड़े ने घटना की जानकारी लेकर पीड़ित का आवेदन लेकर रख लिया और उसे अगले दिन तक जांच करने का आश्वासन दिया गया।
मामला चौकी से चंदकदम की दूरी का होने के बावजूद, इस मामले में चौकी प्रभारी ने 15 दिन तक भी कोई कार्रवाई नहीं की और पीड़ित अब भी अपनी रिपोर्ट दर्ज कराने को लेकर भटक रहा है। इसी बीच चौकी प्रभारी नावड़े ने इस मामले को अलग रंग देते हुए घटना को डाइवर्ट करने की कोशिश की। उनका कहना था कि शायद पीड़ित किसी गरबा मंडल में गया होगा, जिसके चलते उसके साथ मारपीट की यह घटना हुई। हालांकि, पीड़ित के साथ हुई घटना नवरात्रि के ठीक दो दिन पहले की है, जब तक गरबा मंडलों के पंडाल तक भी नहीं लगे थे।
केस नंबर तीन- युवती की शिकायती आवेदन लेकर उसे ही डराया
मोघट थाना से जुड़े खारी बावड़ी क्षेत्र की एक युवती चैटिंग में परेशान करने वाले एक युवक की शिकायत लेकर थाने पहुंची थी। जहां पुलिसकर्मी राजू यादव ने आवेदन लेकर पहले तो दो दिनों तक युवती को कार्रवाई का झूठा आश्वासन दिया, जिसके बाद थाने में युवती को ही डराने लगा कि यदि तुम युवक के खिलाफ मामला दर्ज कराओगी तो तुमने भी जो उससे चैटिंग में बात की है। उसको लेकर तुम पर भी मामला दर्ज कर जेल भिजवा दिया जाएगा। डरी सहमी युवती और उसके परिजन चुपचाप घर वापस आ गए और युवक का इसके बाद भी उसे परेशान करना जारी रहा। उसके बाद उसके परिजन मंगलवार को जिले के एसपी से मिलने और पूरे घटनाक्रम की शिकायत करने आवेदन लेकर पहुंचे थे।
केस नंबर चार- पैर पर बाइक चढ़ाने का विरोध करने पर हुई मारपीट
शहर के लाल चौकी रेलवे क्रॉसिंग पर बीते 10 अक्तूबर को जब गेट बंद होने के चलते जाम लगा हुआ था। इस दौरान एक बाइक सवार भीड़ में से वापस पलटते हुए साइड में खड़े बाइक सवार के पैर पर से अपनी गाड़ी निकाल लेता है, जिसका दूसरा बाइक सवार जब विरोध करता है तो गलत तरीके से बाइक निकालने वाला युवक फोन कर पास ही में मौजूद अपने चार-पांच साथियों को बुला लेता है। जो वहां पहुंचकर उस युवक की जमकर पिटाई करते हैं। इसके बाद सिर में आई गंभीर चोट के चलते युवक को जिला अस्पताल में भर्ती कराया जाता है। लेकिन आज तक भी उस युवक की रिपोर्ट दर्ज तक नहीं की गई है।
केस नंबर पांच- छेड़छाड़ का विरोध करने पर युवती के साथ मारपीट
मोघट थाना क्षेत्र के ग्राम अहमदपुर खैगांव में सोमवार को एक युवती के साथ एक मनचले किशोर ने छेड़छाड़ करने के साथ ही अश्लील गालियां दी, जिसका युवती और उसके परिजनों के द्वारा विरोध करने पर उस किशोर ने अपने घर में से धारदार हथियार लाकर युवती के सिर में मार दिया। इससे युवती गंभीर घायल हुई है और उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां उसका इलाज जारी है। वहीं, इस मामले की शिकायत जब मोघट थाना में की गई। तब थाने में छेड़छाड़ से जुड़ा मामला ही दर्ज नहीं किया जा रहा था, जिसको लेकर युवती और उसके परिजन मंगलवार को भी परेशान होते दिखे और वे इसको लेकर जिले के एसपी से मिलने जाने की बात कहते दिखाई दिए।
