फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Khandwa News ›   Khandwa ruling party district president making rounds for housing says collector is making me run around

Khandwa: चार महीने से आवास के लिए चक्कर काट रहीं सत्ता पक्ष की जिपं अध्यक्ष, बोलीं- आगे-पीछे घुमा रहे कलेक्टर

Tue, 25 Jun 2024 10:55 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, खंडवा
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, खंडवा Published by: अरविंद कुमार Updated Tue, 25 Jun 2024 10:55 PM IST
सार

बीजेपी सरकार में चार महीने से शासकीय आवास के लिए खंडवा में सत्ता पक्ष की जिला पंचायत अध्यक्ष कलेक्टर ऑफिस के चक्कर काट रही हैं। पंचायत अध्यक्ष ने कहा, कलेक्टर साहब हमें अपने आगे-पीछे घुमा रहे हैं।

विज्ञापन
Khandwa ruling party district president making rounds for housing says collector is making me run around
पिंकी सुदेश वानखेड़े - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्यप्रदेश सरकार ने प्रदेश के जिला पंचायत अध्यक्षों को राज्यमंत्री का दर्जा तो दे दिया। लेकिन ये दर्जा सिर्फ कागजों तक ही सीमित दिखाई दे रहा है। क्योंकि खंडवा के 400 से अधिक पंचायतों वाली भाजपा की जिला पंचायत अध्यक्ष को प्रदेश में बीजेपी सरकार होने के बावजूद अपने हक़ और सुविधाओं के लिए बीते चार महीने से जिला कलेक्टर कार्यालय के चक्कर काटते देखा जा रहा है।

विज्ञापन


बता दें कि खंडवा में जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए हुए उपचुनाव के बाद अध्यक्ष के कार्यकाल को करीब चार महीने होने आए हैं, लेकिन उन्हें न तो अब तक शासकीय कामों में सहयोग के लिए निजी सहायक मिला है, और न ही रहने के लिए सरकारी आवास जिला मुख्यालय पर दिया गया है। इसके चलते उन्हें 17 किलोमीटर दूर अपने गांव से जिला मुख्यालय तक आने-जाने में परेशानी भी हो रही है।
विज्ञापन




खंडवा के जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर यहां की जिला पंचायत अध्यक्ष पिंकी सुदेश वानखेड़े ने जिला प्रशासन को दो आवेदन दिए हैं, जिसमें उन्होंने बताया है कि वे वर्तमान में नव-निर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष खंडवा हैं और उन्हें निर्वाचित हुए चार महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद, उनके लिए आज दिनांक तक शासकीय कार्यों के संपादन हेतु, निज सहायक की नियुक्ति नहीं की गई है, जिससे शासन की हितग्राही मूलक योजनाओं के क्रियान्वयन एवं संचालन में सहयोग नहीं मिल पाने से उनके समस्त जनहितैशी और शासकीय कार्य बाधित हो रहे हैं। इसके साथ ही उनके दिए एक अन्य आवेदन में उन्हें शासकीय आवास दिए जाने की मांग की गई है। उन्होंने आवेदन में कहा है कि उन्हें अब तक सरकारी आवास भी नहीं मिला है।
विज्ञापन
विज्ञापन


चार महीने से घूम रही कलेक्टर के आगे पीछे
यही नहीं कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं जिला पंचायत अध्यक्ष पिंकी वानखेड़े ने आरोप लगाया कि मैं आवास के लिए पिछले चार महीने से जिला कलेक्टर साहब के आगे पीछे घूम रही हूं और वह मना कर देते हैं कि है नहीं। और मैं जिस पद पर बैठी हुई हूं, उसमें सबको आवास मिलता है। लेकिन वह मुझे गुमराह कर रहे हैं। मेरी सुनवाई नहीं हो रही है। आज मैं यहां आवेदन देने आई हूं। मैं जिस पद पर हूं, उसके मुताबिक सभी को यह सुविधा मिलती है। लेकिन मुझे कहा जाता है कि अभी कोई आवास खाली नहीं है। जब होगा तब दिया जाएगा। मैंने आज एक आवास के लिए आवेदन दिया है, जो खाली है।

रहना पड़ रहा किराए के मकान में
हालांकि, मीडिया से चर्चा के दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या उनकी अपनी पार्टी की भाजपा सरकार में उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है तो, उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है। आवास तो मिलेगा लेकिन देर लग रही है, जिसके कारण मुझे किराए के मकान में रहना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अपने गांव हापला दीपला से मुझे रोज आना जाना करना पड़ता है, कृपया करके मुझे निजी सहायक और आवास की सुविधा दी जाए।


राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त होते हैं जिला पंचायत अध्यक्ष
बता दें कि मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के समय जिला पंचायत अध्यक्ष को राज्य शासन द्वारा राज्य मंत्री का दर्जा दिया गया था। इसमें अध्यक्षों को राज्यमंत्री के रूप में दिये गए प्रोटोकाल का विधिवत पालन कराने, आवास एवं सुरक्षा प्रदान करने, राष्ट्रीय पर्व के समय जिले में मंत्रीगणों की अनुपस्थिति पर जिला पंचायत अध्यक्ष से ध्वजारोहण कराने, जिला पंचायत अध्यक्षों को दिये जाने वाले मानदेय एवं भत्ते में वृद्धि कर एक लाख रुपये किये जाने, जिला पंचायत से स्वीकृत होने वाले सभी निर्माण कार्यों में जिला पंचायत अध्यक्षों से अनुमोदन लिये जाने एवं सांसद एवं विधायकों की भांति जिला पंचायत अध्यक्षों को शासन की तरफ से परिचय पत्र जारी करने की मांग को तुरंत स्वीकार कर अमल करने की घोषणा की गई थी। लेकिन खंडवा जिले में जिला पंचायत अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी की ही होने के बावजूद उन्हें ही कलेक्टर कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं और जिला कलेक्टर को पत्र भी देना पड़ रहा है, ताकि उन्हें आवास और निजी सहायक मिल जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed