फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Katni News ›   Baba Bageshwar Dhirendra Shastri said—oppose, but refrain from using abusive language and slurs.

MP News: पं. धीरेंद्र शास्त्री की Gen-Z को नसीहत, बोले-विरोध लोकतांत्रिक अधिकार, गाली देना सनातन संस्कृति नहीं

Mon, 03 Aug 2026 07:59 PM IST
कटनी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कटनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कटनी Published by: कटनी ब्यूरो Updated Mon, 03 Aug 2026 07:59 PM IST
सार

कटनी पहुंचे बागेश्वर धाम सरकार पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने जंतर-मंतर पर Gen-Z प्रदर्शन में अभद्र भाषा के इस्तेमाल की आलोचना की। उन्होंने कहा कि विरोध लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन भाषा मर्यादित होनी चाहिए। सावन और कांवड़ यात्रा को लेकर भी श्रद्धा, अनुशासन और सनातन परंपराओं का पालन करने की अपील की। 

विज्ञापन
Baba Bageshwar Dhirendra Shastri said—oppose, but refrain from using abusive language and slurs.
बाबा बागेश्वर की Gen-Z को विरोध प्रदर्शन में गाली न देने की नसीहत।

विस्तार

दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे Gen-Z प्रदर्शन और उसमें इस्तेमाल हो रही अभद्र भाषा पर अब बागेश्वर धाम सरकार पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। मध्यप्रदेश के कटनी जिले पहुंचे धीरेंद्र शास्त्री ने साफ कहा कि लोकतंत्र में विरोध करना सभी का अधिकार है, लेकिन विरोध के नाम पर मां-बहनों और परिवार के लिए अपशब्द कहना भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा के खिलाफ है। उन्होंने युवाओं से संयमित भाषा, संवाद और संस्कार के साथ अपनी बात रखने की अपील की।

विज्ञापन


कटनी जिले के कुठला क्षेत्र स्थित अपने शिष्यों द्वारा निर्मित बागेश्वर बालाजी के नव-निर्मित मठ पहुंचे बागेश्वर धाम सरकार पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने मीडिया से चर्चा के दौरान दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे Gen-Z प्रदर्शन पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि संविधान ने सभी को अपनी बात रखने और सरकार का विरोध करने का अधिकार दिया है, लेकिन विरोध की आड़ में किसी की मां, बहन या परिवार के लिए अमर्यादित और अशोभनीय भाषा का प्रयोग किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि भारत अपनी संस्कृति, संस्कार और सभ्यता के लिए पूरी दुनिया में पहचाना जाता है, इसलिए मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मनभेद नहीं होने चाहिए। विरोध की जगह संवाद और तर्क का रास्ता अपनाना ही लोकतंत्र की असली ताकत है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- Datia UpChunav Result 2026: क्या भाजपा को अपना ही दांव पड़ गया उलटा? कांग्रेस के लिए इस जीत के क्या हैं मायने
विज्ञापन
विज्ञापन


वहीं धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने सावन माह और कांवड़ यात्रा को लेकर भी श्रद्धालुओं को संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भगवान शिव की आराधना पूरी श्रद्धा, अनुशासन और मर्यादा के साथ करें। ऐसा कोई कार्य न करें जिससे किसी की धार्मिक भावनाएं आहत हों या सनातन धर्म की छवि धूमिल हो। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि सोशल मीडिया हो या सड़क, हर जगह भाषा की मर्यादा बनाए रखें, क्योंकि शब्द ही व्यक्ति के संस्कार और व्यक्तित्व की पहचान होते हैं। कटनी से दिया गया उनका यह बयान अब प्रदेश ही नहीं, देशभर में चर्चा का विषय बन गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed