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कालीचरण की गिरफ्तारी पर सियासत: मप्र के गृहमंत्री के एतराज पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री का सवाल- महात्मा गांधी का अपमान करने वाले की गिरफ्तारी से मिश्रा खुश हैं या दुखी?

Thu, 30 Dec 2021 11:59 AM IST
रवींद्र भजनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: रवींद्र भजनी Updated Thu, 30 Dec 2021 11:59 AM IST
सार

मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने खजुराहो में कालीचरण की गिरफ्तारी पर कहा कि छत्तीसगढ़ पुलिस की कार्रवाई प्रोटोकॉल का उल्लंघन है। हालांकि, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने तंज कसा कि मिश्रा इस कार्रवाई से खुश है या दुखी?

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Kalicharan Maharaj Arrested: On the action of Chhattisgarh Police in Khajuraho, Mishra said – it is a violation of federal structure
कालीचरण गिरफ्तार: छत्तीसगढ़ पुलिस की कार्रवाई पर मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने एतराज जताया है। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

छत्तीसगढ़ पुलिस ने महात्मा गांधी पर अमर्यादित टिप्पणी करने वाले कालीचरण महाराज को छतरपुर जिले के खजुराहो से गिरफ्तार कर लिया है। इस पर मध्य प्रदेश के गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने एतराज जताया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ पुलिस की कार्रवाई प्रोटोकॉल का उल्लंघन है। उन्हें कार्रवाई से पहले या उसके बाद मध्य प्रदेश पुलिस को इसकी सूचना देनी चाहिए थी, जो उसने नहीं किया है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मिश्रा के आरोपों का खंडन किया है। उन्होंने तंज कसा कि बाबा की गिरफ्तारी से मिश्रा खुश है या दुखी? वे पहले इसका जवाब दें। मध्य प्रदेश पुलिस ने खजुराहो में कालीचरण को शरण देने वाले को हिरासत में लिया है। 
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गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा छतरपुर के खजुराहो में बाबा कालीचरण की गिरफ्तारी पर बोले कि यह संघीय मर्यादाओं का उल्लंघन है। छत्तीसगढ़ पुलिस को कार्रवाई से पहले सूचना देनी चाहिए थी। छत्तीसगढ़ सरकार चाहती तो बाबा को नोटिस दे सकती थी। वह पुलिस के सामने पेश हो जाते। दूसरे राज्य में जाकर इस तरह की कार्रवाई प्रोटोकॉल का उल्लंघन है। मैंने मध्य प्रदेश के डीजीपी से कहा है कि वह छत्तीसगढ़ के डीजीपी से इस संबंध में बात करें। उन्हें अपनी आपत्ति दर्ज कराएं और साथ ही उनसे इस मामले में स्पष्टीकरण लें। 
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दरअसल, प्रोटोकॉल यह कहता है कि किसी भी राज्य की पुलिस जब किसी दूसरे राज्य में कार्रवाई करती है तो उसकी सूचना संबंधित राज्य की पुलिस को पहले या बाद में दी जाती है। संघीय व्यवस्था में यही नियम है। छत्तीसगढ़ पुलिस ने ऐसा नहीं किया और गुपचुप कार्रवाई की। यह मध्य प्रदेश पुलिस के इंटेलिजेंस पर भी सवाल उठाता है क्योंकि बाबा कालीचरण तीन दिन से मध्य प्रदेश में था और पुलिस को इस बात की जानकारी तक नहीं थी। छत्तीसगढ़ पुलिस तड़के चार बजे अपनी कार्रवाई कर लौट गई और मध्य प्रदेश पुलिस को पता तक नहीं चला। मीडिया में खबरें आने के बाद ही मध्य प्रदेश पुलिस को इस गिरफ्तारी की जानकारी लगी है।
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उधर, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि उनकी पुलिस ने प्रोटोकॉल का पालन किया है। बाबा की गिरफ्तारी के बाद उनके परिवार और वकील को सूचना दे दी गई है। इसमें कुछ भी गलत नहीं है। बाबा को 24 घंटे के भीतर कोर्ट में पेश कर दिया जाएगा। मिश्रा को यह बताना चाहिए कि महात्मा गांधी का अपमान करने वाले की गिरफ्तारी से वह खुश हैं या नहीं? 

किराए का कमरा लेकर रुका था कालीचरण 
कालीचरण महाराज के खिलाफ रायपुर के दो थानों में केस दर्ज है। रायपुर के एएसपी अभिषेक माहेश्वरी ने खजुराहो में बताया कि रायपुर पुलिस को सूचना मिली थी कि कालीचरण बाबा खजुराहो से 25 किलोमीटर दूर बागेश्वर धाम के पास किराये का कमरा लेकर रुका था। उसने अपने सभी मोबाइल बंद कर रखे थे। देर शाम तक टीम कालीचरण को लेकर रायपुर पहुंचेगी, जिसके बाद उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। कालीचरण महाराज का एक और वीडियो सामने आया था जो उसने छतरपुर के पल्लवी गेस्ट हाउस से बनाया था, जिसमें उसने अपने बयानों पर माफी मांगने से इनकार कर दिया था। मध्य प्रदेश पुलिस ने बाबा को किराये का कमरा दिलवाने वाले को हिरासत में लिया है। 


क्या कहा था कालीचरण महाराज ने 
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में धर्म संसद के दौरान कालीचरण महाराज ने महात्मा गांधी के बारे में आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था। साथ ही नाथूराम गोड़से की तारीफ में कसीदे पढ़े थे। इसके बाद रायपुर के टिकरापारा थाने में आईपीसी की धारा 505(2) (दो समुदायों के बीच शत्रुता, घृणा और द्वेष पैदा करने वाला बयान) और 294 के तहत केस दर्ज किया गया था। पुणे और ठाणे में भी कालीचरण बाबा के खिलाफ ऐसे ही मामलों में केस दर्ज है।  
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