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Jabalpur: फार्म भरते समय मांगा जा रहा कार्य अनुभव सर्टिफिकेट, कनिष्ठ अतिथि शिक्षकों को मिली हाईकोर्ट से राहत
Sat, 15 Feb 2025 08:35 PM IST
जबलपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: जबलपुर ब्यूरो
Updated Sat, 15 Feb 2025 08:35 PM IST
सार
याचिका की सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने कनिष्ठ अतिथि शिक्षकों के पक्ष पर अंतरित राहतकारी आदेश जारी करते हुए प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा विभाग, प्रमुख सचिव सामान्य प्रशासन विभाग तथा मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
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जबलपुर हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में फार्म भरने के दौरान कार्यरत अतिथि शिक्षकों से 200 दिनों या तीन सेमेस्टर के कार्य अनुभव प्रमाण-पत्र मांगे जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गयी थी। हाईकोर्ट जस्टिस डी डी बसंल ने कनिष्ठ अतिथि शिक्षकों के पक्ष में राहतकारी आदेश जारी करते हुए उन्हें चयन प्रक्रिया में शामिल करने निर्देश जारी किये है। एकलपीठ ने अनावेदकों को नोटिस जारी करते हुए कहा है कि चयन प्रक्रिया याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगी।
याचिकाकर्ता सुनीता कटारे सहित अन्य कनिष्ठ अतिथि शिक्षकोें की तरफ से दायर याचिका में दायर याचिका में कहा गया था कि शिक्षकों की भर्ती में अतिथि शिक्षकों को 50 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया गया है। मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग ने फार्म भरने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 20 फरवरी कर दी है। फॉर्म भरने के दौरान अतिथि शिक्षकों के लिए 200 दिन या तीन सेमेस्टर का कार्य अनुभव प्रमाण-पत्र आवश्यक है।
अधिवक्ता ईशान सोनी ने याचिकाकर्ता की तरफ से पक्ष रखते हुए बताया गया कि नियमानुसार चयनित होने पर अभ्यर्थियों को अनुभव प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होता है। चयन प्रक्रिया में फार्म भरने के लिए अनुभव प्रमाण-पत्र मांगा जाना नियम के खिलाफ है। याचिकाकर्ता अतिथि शिक्षकों का निर्धारित अनुभव शीघ्र पूरा कर लेगें। ऐसी स्थिति में उनका चयन के लिए फॉर्म स्वीकार नहीं किया जाना पक्षपात पूर्ण है। याचिका की सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने कनिष्ठ अतिथि शिक्षकों के पक्ष पर अंतरित राहतकारी आदेश जारी करते हुए प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा विभाग, प्रमुख सचिव सामान्य प्रशासन विभाग तथा मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
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याचिकाकर्ता सुनीता कटारे सहित अन्य कनिष्ठ अतिथि शिक्षकोें की तरफ से दायर याचिका में दायर याचिका में कहा गया था कि शिक्षकों की भर्ती में अतिथि शिक्षकों को 50 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया गया है। मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग ने फार्म भरने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 20 फरवरी कर दी है। फॉर्म भरने के दौरान अतिथि शिक्षकों के लिए 200 दिन या तीन सेमेस्टर का कार्य अनुभव प्रमाण-पत्र आवश्यक है।
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अधिवक्ता ईशान सोनी ने याचिकाकर्ता की तरफ से पक्ष रखते हुए बताया गया कि नियमानुसार चयनित होने पर अभ्यर्थियों को अनुभव प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होता है। चयन प्रक्रिया में फार्म भरने के लिए अनुभव प्रमाण-पत्र मांगा जाना नियम के खिलाफ है। याचिकाकर्ता अतिथि शिक्षकों का निर्धारित अनुभव शीघ्र पूरा कर लेगें। ऐसी स्थिति में उनका चयन के लिए फॉर्म स्वीकार नहीं किया जाना पक्षपात पूर्ण है। याचिका की सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने कनिष्ठ अतिथि शिक्षकों के पक्ष पर अंतरित राहतकारी आदेश जारी करते हुए प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा विभाग, प्रमुख सचिव सामान्य प्रशासन विभाग तथा मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
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